लेखक परिचय

एल. आर गान्धी

एल. आर गान्धी

अर्से से पत्रकारिता से स्वतंत्र पत्रकार के रूप में जुड़ा रहा हूँ … हिंदी व् पत्रकारिता में स्नातकोत्तर किया है । सरकारी सेवा से अवकाश के बाद अनेक वेबसाईट्स के लिए विभिन्न विषयों पर ब्लॉग लेखन … मुख्यत व्यंग ,राजनीतिक ,समाजिक , धार्मिक व् पौराणिक . बेबाक ! … जो है सो है … सत्य -तथ्य से इतर कुछ भी नहीं .... अंतर्मन की आवाज़ को निर्भीक अभिव्यक्ति सत्य पर निजी विचारों और पारम्परिक सामाजिक कुंठाओं के लिए कोई स्थान नहीं .... उस सुदूर आकाश में उड़ रहे … बाज़ … की मानिंद जो एक निश्चित ऊंचाई पर बिना पंख हिलाए … उस बुलंदी पर है …स्थितप्रज्ञ … उतिष्ठकौन्तेय

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पाक के इकलौते अल्पसंख्यकों के मंत्री शाहबाज़ भट्टी की दिन दिहाड़े हत्या कर पाक के कट्टरवादी मुसलामानों ने सारे विश्व को एक स्पष्ट सन्देश दे दिया है. यह सन्देश है की पाक में कुरआन और मुहम्मद को न मानाने वालों के लिए कोई स्थान नहीं. भट्टी पाक के एक मात्र ईसाई मंत्री थे. भट्टी ईशनिंदा क़ानून के मुखालिफ थे जिसे पाक में अल्पसंख्यकों को प्रताड़ित करने में प्रयुक्त किया जाता रहा है. इसे कुफ्र क़ानून से भी जाना जाता है. पाक में इस्लाम के पैरोकार कुफ्र और काफ़िर को मिटाने वाले को गाजी कह कर सम्मानित करते है. पंजाब के गवर्नर सलमान तासीर की हत्या करने वाले बाड़ी गार्ड को भी गाजी के रूप में सम्मानित किया गया.

एक और तो पाक के प्रधान मंत्री युसूफ रज़ा गिलानी अल्पसंख्यकों की सलामती के बड़े बड़े दावे करते हुए फरमा रहे हैं कि पाक के राष्ट्र ध्वज का सफ़ेद हिस्सा अल्पसंख्यकों का प्रतीक है. गिलानी ने ईशनिंदा क़ानून में फेर बदल से भी इनकार किया और इस कानून के कारन अल्पसंख्यकों के पलायन को भी बेवजह बताया. गिलानी ने दावा किया की इंडोनेशिया में कोई ईशनिंदा कानून नहीं फिर भी गैर मुसलमान मुल्क छोड़ कर जा रहे हैं. – गिलानी के इस ब्यान से ज़ाहिर है की मुस्लिम बहुल देश जहाँ कुरआन और शरिया का कानून नासिर है वहां काफिरों के लिए सहज जीवन जीना मुहाल है.? दूसरी ओर आंतरिक सुरक्षा मंत्री रहमान मालिक साफ़ साफ़ शब्दों में आगाह कर रहे हैं कि ‘हमारे मुल्क में सिविल वार से खून खराबा होना तय है. पिछले दिनों पाक के ६६ वर्षीय हिन्दू विधायक ने पाक से भाग कर भारत में शरण ली. पाक में कुफ्र के नाम पर बढ़ रही अल्पसंख्यकों की कठिनाईयों पर ईसाई सांसद अकरम मसीह गिल ने कहा कि सबसे कठिन दौर में हैं अल्पसंख्यक- उन्हें अंधी गली में धकेला जा रहा है. प्रसिद्ध लेखिला तसलीमा नसरीन ने तो यहाँ तक कह दिया कि सभी अल्पसंख्यकों को पाक छोड़ देना चाहिए. तसलीमा नसरीन ने अपने ट्वीट पर ‘अब तीसरा कौन’ आशंका भी ज़ाहिर की. भाट्टी की हत्या के बाद ,नयूक्लेअर सईन्स्दा ,निबंधकार,राजनैतिक रक्षा विश्लेषक व् काय्देआज़म युनिवर्सटी -इस्लामाबाद में फिजिक्स विभाग की मुखिया डॉ.प्रोफ. परवेज़ हूद भाई ने ‘ पाक के भविष्य पर गहरी चिंता जताई .

ईशनिंदा या कुफ्र के क़ानून के तहत जन . जिया उल हक़ के समय से अब तक ६०० काफिरों पर केस दर्ज हुए – कुछ को तो जेल में ही मौत के घाट उतार दिया गया. पाक में आम हिन्दू या ईसाई की तो बात छोडो शाहबाज़ भट्टी और अकरम मसीह गिल जैसे मंत्री व् सांसद भी पाक के मुस्लिम समाज में अपने ईसाई नाम के साथ नहीं रह सकते उन्हें भी मुस्लिम नाम रखने पड़ते हैं.

गत छह दशकों में पाक में इस्लाम और मुहम्मद के नाम पर अल्पसंख्यकों पर इस कदर जुल्मोसितम ढाए गए की लगभग ३५ मिलियन अल्पसंख्यक यातो मार दिए गए या फिर अपनी जान बचाने के लिए मुसलमान हो गए और बहुत सारे पाक छोड़ भाग गए. आंकड़े गवाह हैं – १९४७ में जब जिन्ना ने सेकुलर इस्लामिक राज्य की स्थापना की और अल्पसंख्यकों के जान ओ माल और धर्म की पूरी हिफाज़त का वायदा किया तो उस वक्त पाक में २४% अल्पसंख्यक थे और कुल आबादी थी ३० मिलियन . २०१० आते आते आबादी तो हो गई १७०

मिलियन अर्थात ५ गुना से अधिक और अल्प संख्यक रह गए मात्र ३% जिसमें १.५% हिन्दू और १.५% ईसाई हैं और यह संख्या भी तेज़ी से घट रही है.

मानवाधिकार के ठेकेदार और भारत के सेकुलर शैतान ‘हिन्दुओं और ईसाइओ ‘ पर पाक में हो रहे अमानवीय अत्याचारों पर अपराधिक चुप्पी साधे हुए हैं . और तो और पाक में ईश निंदा के नाम पर हो रही राजनैतिक हत्याओं पर भारत के किसी भी कांग्रेसी या कौम्नष्ट ने एक शब्द नहीं बोला ….. पांच राज्यों में होने जा रहे चुनावों में कहीं मुस्लिम वोट बैंक न फिसल जाएं !!!!!!!

 

 

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28 Comments on "पाक ध्वज में काल कल्वित- सफ़ेद रंग"

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Sajid
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शैलेन्द्र जी, अगर आप मात्र अपने शब्दों को बदलकर वही टिप्पड़ी करना चाहते है जो अभी गाँधी जी कर चुके है तो उसका जवाब मै नीचे दे चुका हू!

शैलेन्‍द्र कुमार
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जब तक मुसलमान वोट बैंक बना रहेगा उसके साथ ऐसा ही होता रहेगा, मुसलमानों की सबसे बड़ी समस्या है कि वो अपनी सामाजिक और आर्थिक समस्याओं अथवा विषयों कि जगह धार्मिक समस्याओं और विषयों को ज्यादा महत्व देता है, जिसका क्षद्म सेकुलर फायदा उठाते है, आम मुसलमान बेचारा इस्लाम को बचाने में ही अपनी सारी उर्जा लगाये रहता है, जैसे ये न हो तो इस्लाम ख़त्म हो जाये, अरे अपनी आर्थिक और सामाजिक समस्याओं पर ध्यान दो, अल्लाह ने धर्म पैदा किया है तो उसकी रक्षा भी करेगा, ये काम मुल्ला मौलवियों को करने दो, तुम अपना काम करों, भारत… Read more »
sajid
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डॉ. मधुसूदन जी, चर्चा उसी पर हो रही है. मुझे या किसी को भी पाकिस्तान के बारे में जो कुछ भी लिखा है उस पर कोई आपत्ति नहीं है! लेकिन उसकी आड़ में अंतिम पाराग्राफ में जो कुछ भी टिप्पड़ी की गयी है, उस बारे में ही अपनी आपत्ति दर्ज करवा रहा हू और उस पर भी मैंने अपनी आपत्ति तब दर्ज करवाई है जब गाँधी जी ने दुसरे कमेंट्स भारतीय मुसलमानों को लेकर किये! आखिर ये कब तक चलेगा कि पाकिस्तान में किये गए किसी भी काम को भारतीय मुसलमानों से जोड़ कर देखा जायेगा? और मैंने जो कुछ… Read more »
ajit bhosle
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अभी अंग्रेजी का हिंदी नहीं हो पा रहा था इसलिए मैं अपनी भावनाएं व्यक्त नहीं कर पा रहा था, ये सर्व विदित है की गायकी में किशोर कुमार से ज्यादा महान कोई नहीं हुआ (चित्र-पट पुरुष गायकों में ) अगर हम सफलता की बात करें तो सत्तर के दशक में तो दुसरे गायकों को मौक़ा ही तब मिलता था जब किशोर कुमार की सहमती होती थी मैं इस लाइन का हूँ इसलिए आप जितने चाहो प्रमाण दो पर सच्चाई बदलने वाली नहीं है, जब उस आदमी को भारत रत्न नहीं मिला तो रफ़ी साहब उनके सामने कुछ नहीं थे.

डॉ. मधुसूदन
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चर्चा पाकिस्तान के विषय जो लेख है, उसपर हो।
उसीके बिंदुओं पर चर्चा करें। फैला देनेसे कोई सही निष्कर्ष पर पहुंचा नहीं, जा सकता।
किसी के मतका खंडन मंडन नहीं कर रहा हूँ।

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