लेखक परिचय

विजय कुमार सप्पाती

विजय कुमार सप्पाती

मेरा नाम विजय कुमार है और हैदराबाद में रहता हूँ और वर्तमान में एक कंपनी में मैं Sr.General Manager- Marketing & Sales के पद पर कार्यरत हूँ.मुझे कविताये और कहानियां लिखने का शौक है , तथा मैंने करीब २५० कवितायें, नज्में और कुछ कहानियां लिखी है

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marisgeबिहार के दरभंगा जिले के दो परिवार है . एक है भूमिहार और दूसरा क्षत्रिय. दोनों के परिवार एक दुसरे से अपरिचित है . दो अलग अलग जगहों में रहते है . दोनों के बच्चे शहर में जाकर एक ही कॉलेज में एडमिशन लेते है . भूमिहार परिवार का पुत्र का नाम राजेश है और क्षत्रिय परिवार की लड़की का नाम संगीता है . दोनों के बच्चे शुरू की नोकझोंक के बाद दोनों में दोस्ती हो जाती है . इसी तरह से वो दोनों बहुत गहरे दोस्त बन जाते है .

दुसरे साल की पढाई में कॉलेज की टीम पिकनिक के लिए जाती है . वहां पर नदी में अचानक संगीता फिसल जाती है और बहने लगती है . तब ये राजेश उसकी जान बचाता है . बाद में इसी के कारण उसे निमोनिया हो जाता है . किसी तरह से वो बचजाती है , और लड़के की बहादुरी से संगीता प्रेरित होकर उससे प्रेम करने लग जाती है .औरदोनों में प्रेम हो जाता है .

उनका प्रेम परवान चढ़ता है . और वो दोनों निर्णय करते है कि उन्होंने शादी कर लेनी चाहिए . जब वो शहर से वापस जाते है तो अपने अपने परिवार में इसके बारे में बात करते है लेकिन दोनों के परिवार इसके लिए इनकार कर देते है . और दोनों परिवार के मुखिया एक दुसरे से लड़ते भी है .

इसी बीच राजेशकी नौकरीकिसी और शहर में लग जाती है और वो चला जाता है . वो संगीता से कहता है कि भाग कर शादी कर लेते है . लेकिन संगीता मना कर देती है , वो कहती है कि सबकी रजामंदी से ही शादी होंगी . वो राजेशको विश्वास दिलाती है कि वो दोनों परिवारों को जोड़ेंगी .

संगीता , राजेश के छोटे भाई नरेशसे दोस्ती करती है और उसी के सहारे वो राजेशकी माँसे भी मिलती है . और धीरे धीरे वो राजेशकी माँ को पसंद आने लगती है.राजेशकी मां संगीतासे , उसकी सादगी से , उसकी सरलता से और उसके बातो से बहुत प्रभावित होती है . वो और राजेश का छोटा भाई नरेश,दोनों मिलकर धीरे धीरे परिवार के सारे सदस्यों को संगीताकीतरफदारी में धीरे धीरे जोड़ते है .

कई घटनाएं घटती है और धीरे धीरे दोनों परिवार एक दुसरे के करीब आते है .सिर्फ राजेश के पिता हीनहीं मानतेहै . फिर एक दिन वो बीमार हो जाते है , मेडिकल हॉस्पिटल में चेकअप के दौरान पता चलता है कि उनकी दोनों किडनी  फेल हो गयी है . उनके परिवार में किसी भी सदस्य के किडनी का मेल उनसे नहीं होता है . वो मृत्युके द्वार तक पहुँच जाते है . ऐसे में वो संगीताअपनी किडनी की जांच करवाती है और ये पता चलता है कि उसकी किडनी राजेश  के पिताजी की किडनी से मैच/मेल  करती है . तोवो ये निर्णय करती है कि वोराजेशके पिता को अपनी एक किडनी देंगी .सभी उसे मना करते है , पर वो अपनी किडनी , राजेश के पिता को डोनेट करती है . और वो बच जाते है

संगीताके त्याग को देखकर राजेश के पिता रो देतेहै. और उसे अपनी गलती समझ में आ जाती है. उनके ठीक होते ही राजेश और संगीता की शादी हो जाती है .

इस तरह से संगीताने अपनी हिम्मत और दया और प्रेम से राजेशके कट्टर परिवार को जोड़ा दिया और अपने प्रेम को भी हासिल कर लिया

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