लेखक परिचय

मृत्युंजय दीक्षित

मृत्युंजय दीक्षित

स्वतंत्र लेखक व् टिप्पणीकार लखनऊ,उप्र

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वर्ल्ड सूफी फोरम

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मृत्युंजय दीक्षित
विगत 14 मई 2016 को सत्ता में आयी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली राजग सरकार अब अपने कायकाल का अतिमहत्वपूर्ण दो वर्ष का कार्यकाल पूरा कर रही है। इसके साथ ही मीडिया जगत में सरकार के कामकाज की गहन समीक्षा व बहसें भी प्रारम्भ हो गयी हैं। सोशल मीडिया व टी वी चैनलों में प्रधानमंत्री मोदी के मंत्रियों ने अपने दो साल के कामकाज का रिपोर्ट कार्ड भी साक्षात्कारों के माध्यम से देना प्ररम्भ कर दिया है। वहीं मोदी सरकार अपने दो साल के कार्यकाल पर जश्न मनाने के मूड मं भी आ गयी है लेकिन इन दो वर्षों के कार्यकाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने व्यक्तित्व व काम करने के ढंग से सभी को प्रभावित करने का सफल प्रयास किया हैं । पीएम मोदी लगातार अपने कार्यक्रमों व योजनाओं के बल पर देश व सामज में बदलाव लाने का दिन रात हरसंभव प्रयास कर रहे हैं। पीएम मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने जहां कई क्षेत्रों में अपने दमखम का सशक्त परिचय देते हुए साहसिक निर्णयों के बल पर जनता के मन में भरोसा कायम रखा है वहीं दूसरी ओर वैश्विक जगत में भी बदलाव लाने का एक सफल अभियान प्रयाय: सरकार कर रही है। पीएम मोदी के नेतृत्व वाली सरकार को कई चुनातियों का अभी भी गंभीर सामना करना पड़ रहा है।
पीएम मोदी अब तक लगभग 15 से अधिक कई बड़ी योजनाओं का श्रीगणेश कर चुके है। इन सभी योजनाओं का एकमात्र उददेश्य देश की जनता के लिए अच्छे दिन लाना ही है। पीएम मोदी की कई योजनाओं को अच्छी सफलता मिल रही है जबकि कुछ योजनाओं का अभी भी मेकओवर किया जा रहा है तथा पीएम मोदी को पूरी उम्मीद है कि उनकी सरकार जनहित में जिन योजनाओं को अमल में ला रही है उससे जनता के सभी वर्गो के अच्छे दिन आ ही जायेंगे। पीएम मोदी की सबसे लोकप्रिय योजना जन-धन योजना रही है। जिसके कारण अब जनता को यह समझ में आया है कि बैंके वास्तव में उनके लिए ही है पहली बार बैंक अधिकारी जनता के बीच जाने को मजबूर हुये हैं। मोदी सरकार ने जो दूसरा बजट पेश किया है वह पूरी तरह से दलितों ,गरीबों व किसानों को समर्पित हैं।
मोदी सरकार ने देश की गरीब व ग्रामीण जनता में अभूतपूर्व बदलाव लाने के लिए अंबेडकर जयंती के अवसर पर ग्रामोदय से भारत उदय नामक कार्यक्रम का शुभारम्भ किया है। इस कार्यक्रम के माध्यम से सरकार व संगठन की बड़ी महत्वपूर्ण योजना है जिसके अंतर्गत उददेश्य है कि दलितों, पिछड़ो व अतिपिछड़ों के जीवन में बदलाव लाकर उनके बीच पार्टी की पैठ को मजबूत किया जाये। जब पीएम मोदी ने महू जाकर इस कार्यक्रम की शुरूआत की तो दलितों के वोटबैंक पर एकाधिकार जताने वाले दलों के सीने पर सांप लोट गया। एक प्रकार से राजनतिक हलकों में यह अनुमान भी लगाया गया कि ग्रामोदय से भारत उदय यदि कहीं सफलता की परवान चढ़ गया तो यह भाजपा के लिए गेमचंेजर साबित हो सकता है। इसी प्रकार मोदी सरकार ने 5 करोड़ बीपीएल पविारों को गैस का निशुल्क कनेक्शन देने का एक अभिनव कार्यक्रम भी शुरू कर दिया है। यह एक ऐतिहासिक योजना है। इस योजना के माध्यम से जहां गरीब के घर में गैस से रोटी बनेगी वहीं माताओं को चूल्हे के धुएं से होने वाली बीमारियों से निजात भी मिलेगी।
इसके अतिरिक्त स्वच्छ भारत अभियान, गंगा सफाई अभियान,बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ , बेटियों की सुरक्षा के लिए सुकन्या समृद्धि योजना , गैस सब्सिडी त्यागो जैसी योजनाओं से भी मोदी सरकार आम जनता के जीवन व विचारों में क्रांतिकारी बदलाव लाने का सफल प्रयास कर रही है। हालंकि पीएम मोदी को कई क्षेत्रों में काफी गंभीर चुनौतियों का भी समाना करना पड़ रहा है। पीएम मोदी की सरकार को अपने प्रारम्भिक दिनों में ही विपक्ष के प्रबल विरोध के कारण भूमि अधिग्रहण बिल पर कदम वापस खीचने पड़ गये। अभी आर्थिक सुधारों को अपने अंदर समेटे जीएसटी बिल का मार्ग भी नहीं साफ हुआ है। आज मानसून की बेरूखी के कारण देश के दस के अधिक राज्य भीषण सूखे की समस्या से ग्रसित हैं जिसके कारण खाद्यान्न संकट भी समस्या उत्पन्न कर रहा है। सरकार के समक्ष कई चुनौतियां बेहद गंभीर हैं लेकिन सरकार के कई मंत्री अपनी दिन- रात की मेहनत के माध्यम से जनता के अच्छे दिन लाने का हरसंभव भरकस प्रयास कर रहे हैं। वर्तमान मोदी सरकार में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज , गृहमंत्री राजनाथ सिंह , रेल मंत्री सुरेश प्रभु, रक्षामेत्री मनोहर पार्रिकर , मंत्री नितिन गडकरी सहित कई मंत्रियों ने अपने कामकाज के बल पर जनता के मन में उम्मीदों के नये पुल बांधने का सफल काम किया है। मोदी सरकार की विदेश नीति अभी तक सफल रही है हालांकि चीन और पाकिस्तान अभी भी एक बहुत बड़ी गम्भीर समस्या हैं। आतंकवाद एक प्रमुख चुनौती के रूप में बरकरार है। बांग्लादेश के साथ किये गये समझौते काफी ऐतिहासिक रहे हैं। वहीं सरकार की ओर से लिये गये कुुछ निर्णयों का जोरदार विरोेध किया गया लेकिन सरकार अपने निर्णय से टस से मसनहीं हुई जिसमे सर्वाधिक महत्वपूर्ण निर्णय एफटीआईआई का रहा जिसमें गजेंद्र चौहान को निदेशक नियुक्त किया गया जिसका प्रबल विरोध लगातार चल रहा है लेकिन अभी तक सरकार ने अपना निर्णय नही बदला हैं। वहीं दूसरी ओर सरकार ने सोने पर एक प्रतिशत टैक्स बढ़ाया जिसके खिलाफ ज्वैलर्स ने 40 दिन से भी अधिक समय के लिए देश के इतिहास की सबसे लम्बी हड़ताल की लेकिन सरकार ने अपना फैसला नहीं बदला।
अपने दो वर्ष के कायकाल में पीएम मोदी को अपने प्रबल विरोधियों अरविंद केजरीवाल , नीतीश कुमार, लालू यादव , मुलायम व ममता तथा राहुल गांधी के कड़े व बेकार के विरोधेां का सामना भी करना पड़ रहा है लेकिन पीएम मोदी इससे कतई विचलित नहीं हो रहे हैं तथा पूरे साहस के साथ बिना निराशा के जनता के लिए अच्छे दिन लाने का भरसक प्रयास कर रहे हैं। मोदी जी की जनता के लिए अच्छे दिन लाने का प्रयास ही नहीं कर रहे अपितु जनता के विचारों में भी बदलाव लाने का एक क्रांतिकारी प्रयास कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी का “मन की बात“ कार्यक्रम सफलता के नये पायदान पर चढ़ रहा है। एक सर्वे में 57 प्रतिशत जनता के बीच में यह लोकप्रिय हो रहा है। पीएम मोदी की सरकार का अभी तक का कार्यकाल पूरी तरह से भ्रष्टाचारमुक्त रहा है तथा भ्रष्टाचार से कराह रहे देश को भ्रष्टाचार से आजादी दिलाने के लिये सरकार की ओर से कई छोटे – छोटे कदम उठाये जा रहे है। सरकार के इन कदमों का असर दिखलायी पढ़ रहा हैं। अब तक के कार्यकाल में सरकार के समक्ष सबसे बड़ी चूक पठानकोट एयरबेस पर आतंकी हमला और उसके बाद पाकिस्तानी टीम को भारत दौरे पर आने की छूट देना मानी जा रही है। यह देश के इतिहास की पहली ऐसी सरकार है जिसमें देश की सुरक्षा एजेंसियां पहले से अधिक सतर्कता बरत रही हैं और कई हमलों को नाकाम कर चुकी हैं। मोदी सरकार को बदनाम करने के लिए व गिराने के लिए साजिशें भी रची जा रही हैं जिसमें वह चाहे असहिष्णुता का मुददा हो या फिर कन्हैया कुमार का या अब फर्जी डिग्री के बहाने मोदी पर हमला हो।
आज की तारीख में पीएम मोदी देश ही नहीं अपितु विदेशों में भी लोकप्रियता के नये पायदान पर चढ़ते जा रहे हैं।सोशल मीडिया में उनके फालोअर्स की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है।विगत 2015 में पीएम मोदी फोब्र्स व फाच्र्यून पत्रिका में भी छाये रहे। विश्व के दस शीर्ष प्रशंसनीय व्यक्तियों में मोदी नवें स्थान पर हैं। कुछ मीडिया सर्वेक्षणों में मोदी जी को अभी भी देंश की 70 प्रतिशत जनता चाहती है कि 2019 में उन्हीं की सरकार वापस आये ओर वे फिर देश के प्रधानमंत्री बनें। पीएम मोदी पर देश की जनता जिस प्रकार से भरोसा कर रही है तथा वे जिस प्रकार से सधे हुये कदमों से आगे बढ़ रहे हैं उसेस देश की जनता व निवेशको में विश्वास वापस लौटा है तथा उनमें भरोसा कायम हुआ है। आज पीएम मोदी के नेतृत्व में वैश्विक जगत में भारत की बातों को फिर से सुना जा रहा है। आज देश की जनता मे उम्मीदों का नया सवेरा आया है। चुनौतियां बहुत हैं लेकिन समस्याओं का समाधान भी है। जिसके लिये समय के साथ धैर्य भी रखना पड़ेगा।

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