लेखक परिचय

डा. राधेश्याम द्विवेदी

डा. राधेश्याम द्विवेदी

Library & Information Officer A.S.I. Agra

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डा. राधेश्याम द्विवेदी
आगरा।राज्य सरकार ने आगरा में वायुसेना के एयरपोर्ट पर सिविल एन्क्लेव बनाए जाने को हरी झंडी दे दी है। इसके लिए जरूरी भूमि को खरीदे जाने के लिए एक अरब 53 करोड़ 67 लाख रुपये के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। भूमि भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को मुफ्त उपलब्ध कराया जाएगा। 30 साल से आगरा में अपने एयरपोर्ट की मांग हो रही थी। फरवरी माह से आगरा मांगे एयरपोर्ट की मुहिम छेड़ी गई। इसमें शहर के समाजसेवी संगठनों, पर्यटन व्यवसाइयों, कारोबारियों, राजनीतिज्ञों और अधिवक्ताओं को जोड़ा गया। सिविल एन्क्लेव को लेकर चलाई जा रही मुहिम का सांसद रामशंकर कठेरिया, सांसद बाबूलाल, विधायक धर्मपाल सिंह, गुटियारी लाल दुबेश, जगन गर्ग, योगेंद्र उपाध्याय, महेंद्र अरिदमन सिंह, सूरजपाल सिंह ने भी समर्थन दिया था। हिन्दुस्तान ने जनता की आवाज का चार्टर इसी हफ्ते आगरा आए प्रमुख सचिव पर्यटन नवनीत सहगल को सौंपा था। उन्होंने इस मामले में तत्काल कार्रवाई किए जाने का भरोसा दिया था, जिस पर सीएम ने हरी झंडी दे दी। इतना ही राज्यपाल राम नाईक ने भी हिंदुस्तान की मुहिम को सही मानते हुए शासनादेश जारी करने को मंजूरी दे दी जिस पर शुक्रवार रात (20 मई 2016) को सचिव सिविल एविएशन, यूपी ने शासनादेश जारी कर दिया।
अब आगरा का सिविल एन्क्लेव एयरपोर्ट के रूप में अपना एयरपोर्ट होगा। शासन ने इस मामले का संज्ञान लिया और प्रशासन द्वारा भेजे गए प्रस्ताव पर अपनी मुहर लगा दी। सचिव नागरिक उड्डयन एसके रघुवंशी ने जारी शासनादेश में निर्देश दिए कि सिविल एंक्लेव के लिए काश्तकारों को 23, 3181 हेक्टेयर भूमि पर समझौते के आधार पर खरीदने के लिए यह धनराशि जारी की है। अभी तक देश में गोवा, श्रीनगर, पोर्ट ब्लेयर और चंडीगढ़ में ही सिविल एन्क्लेव है। जहां से सभी तरह की डोमेस्टिक फ्लाइटें उड़ान भरती हैं। अब आगरा के सिविल एन्क्लेव में भी ऐसा ही होगा। यहां से पूरे देश के लिए फ्लाइट्स उड़ाने भर सकेंगी। यही नहीं इंटरनेशनल फ्लाइट्स भी उतारने के लिए पर्याप्त रनवे मिल सकेगा।
आधिकारिक सूत्रों के बाद इस बात की पुष्टि शुक्रवार को सिविल एयर टर्मिनल के डायरैक्ट र प्रभाकर मिश्रा ने करते हुए कहा कि नये टर्मिनल का निर्माण उ प्र सरकार करवायेगी। इस पर आने वाले 250 करोड की राशि को भारत सरकार उपलब्धय करवायेगी। इस निर्माण में जरूरी तकनीकि परामर्ष एयरपोर्ट अथार्टी आफ इंडिया(ए ए आई) ही उपलब्ध करवायेगी। सामान्यज तौर पर राज्या सरकारें जमीन उपलब्धं करवाती हैं निर्माण कार्य भारत सरकार के खर्च पर ए ए आई के द्वारा ही करवाया जाता है।
श्री मिश्र जो कि चैम्बईर आफ इंडस्ट्रीजज एंड कॉमर्स , यू पी की सिविल एन्कवलेव और इंटरनेशनल एयरपोर्ट सैल की बैठक को जीवनीमंडी न्यूर मार्किट हॉल में संबोधित कर रहे थे ने कहा कि अभी 55 एकड जमीन के अधिग्रहण की ही प्रक्रिया चल रही है। रनवे की कनैक्टिहविटी के लिये सौ एकड तथा इंटरनेशनल मानकों को पूरा करने के लिये 70 एकड जमीन और उपलब्धक करवाया जानी है। टर्मिनल के एयरपोर्ट मैनेजर आर एस बघेल ने कहा कि आने वाले टूरिस्टज सीजन की जरूरतों को दृष्टिागत टर्मिनल पर जरूरी इंतजाम सुनिश्चिरत हैं।इस बार एयरइंडिया की शैड्यूल्डस फ्लाइटों के साथ कई अन्यद एयरलाइंसें भी आगरा को एयरकनैक्टिुविटी देने में अपना योगदान देने को प्रयासरत हैं।
चम्बार के सिविल एन्केलेव और इंटरनेशनल एयरपोर्ट सैल के चेयरमैन राजीव तिवारी ने उम्मी द जताई कि शुरू होने जा रहा टूरिस्टि सीजन आगरा की हॉस्पनटिलटी इंडस्ट्री के लिये तमाम संभावनाओं भरा होगा। इसमें एयर कनैक्टि विटी में बढोत्तारी का सबसे बडा योगदान होगा। उन्होंीने संतोष जताया कि आ्रगरा की इंटरनेशनल एयरकनैक्टिाविटी की जरूरत को भारत सरकार और उ प्र सरकार दोनों के ही द्वारा स्वीहकार किया गया है ।यही नहीं इसे लकर प्रयास भी शुरू कर दिये हैं।इस अवसर पर सर्वश्री सतीश चन्द्री गुप्तां,के के पालीवाल सहित वरिष्ठि सदस्योंे ने भी विचार व्यदक्तव किये। चैम्बचर के वरिष्ठत सदस्यि तथा फॉरेन टूरिस्टर ट्रेड से संबधित अग्रपंथी के व्य्वसायी श्री प्रहृलाद अग्रवाल तथा सैल के चेयरमैन श्री राजीव तिवारी का आगरा की एयरकनैक्टििविटी बढाने के प्रयासो में रहे योगदान का वक्तालओं खासतौर पर उल्ले ख किया। मीटिंग के दौरान ही तीन कमैटियां भी गइित करने का निर्णय लिया गया जिनमे से एक कमेटी सिविल एन्कतलेव की कार्यप्रगति के लिये अनवरत सक्रिय रहेगी, जबकि अन्यि दो कमेटियों में से एक आगरा की एयरक नैक्टिरविटी को बढाये जाने के लिये कार्यकरेगी। कार्यक्रम की अध्यबक्षता चैम्ब र के अध्यकक्ष श्री अशोक अग्रवाल ने की जबकि संचालन राजीव तिवारी ने किया।
आगरा की खासियत :-
1-आगरा सिविल एन्क्लेव में दो रनवे हैं। जिनका बेस, एयर ट्रैफिक कंट्रोल और रनवे भारतीय वायुसेना के अधीन है। यहां दो रनवे की क्षमता 10. 500 और 6,000 फिट है।
2-इमीग्रेशन, कस्टम क्लीयरेंस, पार्किंग, शॉपिंग ऑर्किड, फूड जोन, वीआईपी लाउंज (आने-जाने वाले यात्रियों के लिए), इंटरटेनमेंट जोन बनाए जाएंगे।
3-सिविल एन्क्लेव बनने पर 7 एटीआर 72 एयरक्राफ्ट और चार एयर बस 321 एक साथ पार्क किए जा सकेंगे।
4- अभी आईएलएस इंस्टुमेंटल लैंडिंग सिस्टम (श्रेणी वन) लगा है जिसकी दृश्यता 1800 फिट ही है। इसे श्रेणी 3 ए और 3 बी लगाया जाना प्रस्तावित है। इसमें 8 से 10 फिट तक की दृश्यता पर भी हवाई जहाज लैंड हो सकता है।

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