लेखक परिचय

प्रभांशु ओझा

प्रभांशु ओझा

प्रभांशु ओझा ,योजना ,कुरुक्षेत्र ,जैसे विभिन्न पत्र पत्रिकाओं तथा भारत के विभिन्न समाचार पत्रों में विभिन्न पर्यावरणीय और अन्य प्रासंगिक मुद्दों पर लिखते रहे हैं और राष्ट्रीय स्तर की विभिन्न वाद विवाद प्रतियोगिताएं में 600 से अधिक पुरस्कार जीत चुके हैं .पर्यावरण पर मुंबई में आई डी एफ सी संस्था द्वरा आयोजित वाद विवाद प्रतियोगिता जिसमे की 2 लाख से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया प्रथम स्थान प्राप्त कर चुके हैं

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श्री अरुण सिंह जी

उत्तर प्रदेश को अगर देश की राजनितिक धड़कन कहा जाये तो यह अतिश्योक्ति नहीं होगी.ऐसे में जबकि उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने को है ,जाहिर सी बात है कि देश का सियासी पारा गर्म तो होगा ही .उत्तर प्रदेश की तमाम राजनीतिक उठापटक के बीच केंद्र में सत्तारूढ़ दल भारतीय जनता पार्टी की क्या स्थिति है ,क्या योजनाएं हैं .पार्टी किन मुद्दों के आधार पर उत्तर -प्रदेश कके चुनावी दंगल में उतर रही है इसी की टोह लेने के लिए भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव व केन्द्रीय कार्यालय प्रभारी ,बीजेपी श्री अरुण सिंह जी से बातचीत की स्वतंत्र पत्रकार प्रभांशु ओझा ने .प्रस्तुत हैं बातचीत के प्रमुख अंश-

-समय प्रबंधन एक बड़ा मुद्दा है .तमाम जनसभाओं को संबोधित करना और साथ ही साथ संगठन के कार्यों में भी उतनी ही सक्रियता के साथ भागीदारी .आप कैसे मैनेज करते है इन सबको ?

यह बात सही है की संगठन के कार्य और आम जन के बीच अनवरत सक्रियता में समय प्रबंधन एक प्रमुख मुद्दा होता है .परन्तु यह उर्जा भी मै इन्ही व्यस्तताओं के बीच हासिल करता हूँ .जब संगठन के कार्यों में व्यस्त होता हूँ तो एक आम कार्यकर्त्ता का जूनून मुझे यह उर्जा देता है और जब सभाओं और रैलियों में जाता हूँ ,लोगों से जनसंपर्क करता हूँ तो अपने देश के मेहनतकश किसान और उर्जावान युवाओं को देखकर मुझे उर्जा और प्रेरणा मिलती है .

-उत्तर प्रदेश में चुनाओं की घोषणा हो चुकी है. आप वहां भाजपा की स्थिति किस रूप में देखते हैं ? उत्तर प्रदेश में पार्टी किन प्रमुख चुनावी मुद्दों के साथ मैदान में है ?

केंद्र में उत्तर प्रदेश की जनता द्वारा विशाल जनसमर्थन के बाद आगामी विधानसभा चुनाओं में भारतीय जनता पार्टी पुनः पूर्ण बहुमत की सरकार द्वारा इतिहास रचने जा रही है .इस बार उत्तर प्रदेश उत्तर देने को तैयार है .कालेधन भ्रष्टाचार ,और विकास के झूठे वादों का बदला उत्तर प्रदेश की जनता इस बार लेने जा रही है .भारतीय जनता पार्टी माननीय प्रधानमंत्री जी के कुशल नेतृत्व में एक स्वस्थ्य,विकसित और  खुशहाल उत्तर प्रदेश के निर्माण को लेकर प्रतिबद्ध है .एक ऐसा प्रदेश जहाँ आम इन्सान चैन की सांस ले सके .

-नोटबंदी का कितना असर पड़ेगा चुनावों पर ?

-नोटबंदी से आम जन में जहाँ ख़ुशी की लहर है वहीँ कालेधन और काले इरादों वाले लोग डरे हुए हैं .जहाँ तक नोटबंदी के चुनावी परिणामों की बात है है तो इस फैसले के पीछे भाजपा का इरादा किसी चुनावी लाभ की बजाय भ्रष्टाचार की लम्बी विषबेल और कालेधन की उस समनांतर अर्तव्यवस्था को ख़त्म करना था जो गैर भाजपा सरकारों में लगातार फलता फूलता रहा है .परन्तु आप परिणामों से इनका आकलन करना ही चाहें तो नोटबंदी विभिन्न निकाय चुनावों में भाजपा को मिले एकतरफा जनसमर्थन से देख सकते हैं .उत्तर प्रदेश की जनता भी इस इस फैसले के स्वागत को बेताब है. यह जरूर है की टिकट बेचनें वाली पार्टियों की कमर टूटी है .

-समाजवादी पार्टी की फूट को आप किस रूप में देखते हैं ?

समाजवादी पार्टी अपने ही बिछाए जाल में उलझती जा रही है.प्रदेश की जनता के साथ इन्होने जो अन्याय किया है उसके लिए जनता इन्हें कभी माफ़ करने वाली नहीं है ये चाहे जितने ड्रामे कर लें .

-सपा और कांग्रेस गठबंधन की अटकलें लगाई जा रही हैं .इसका चुनाव के परिणामों पर कितना फर्क पड़ेगा ? क्या भारतीय जनता पार्टी के किसी प्रकार के गठबंधन में शामिल होने की संभावना है ?

कांग्रेस का हश्र आप देख रहे हैं की लगातार जनता द्वारा ख़ारिज किया जा रहा है .समाजवादी पार्टी का अस्तित्व खुद संकट में है वो भला कांग्रेस को क्या बचा पाएगी .यह गठबंधन अवसरवादिता का गठबंधन है जो मुह की खाएगा.भारतीय जनता पार्टी पूर्ण बहुमत के साथ उत्तर प्रदेश में सरकार बनाएगी.लगातर मिल रहा अपार जनसमर्थन इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है. भारतीय जनता पार्टी को कुछ क्षेत्रीय दलों का भी समर्थन मिल रहा है मगर पार्टी की तरफ से पहले ही घोषणा की जा चुकी है कि उत्तर प्रदेश विधान सभा की सभी सीटों ‘कमल’ के निशान के साथ ही उम्मीदवार मैदान में जाएँगे.

-आम तौर पर ऐसा देखा जाता है कि जातीय समीकरणों के आगे विकास ,स्वास्थ्य और शिक्षा के मुद्दे गौड़ हो जाते हैं चुनावों के दौरान ,क्या इस बार भी वही समीकरण पुनः दोहराए जाएँगे ?

भारतीय जनता पार्टी ने कभी भी भी संकीर्ण मुद्दों पर राजनीति नहीं की.उत्तर प्रदेश के साथ ‘मुलायम’ हाथों ने कितनी कठोरता बरती है यह किसी से छुपा नहीं है,उत्तर प्रदेश में अपराध का ,महिलाओं के विरुद्ध होने वाली हिंसा और भ्रष्टाचार का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है. संकीर्ण मूदों पर राजनीति करने वाली पार्टियों का सच अब जनता जान चुकी है और इस बार उन्हें माफ़ नहीं करेगी.माननीय प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में हम एक ऐसे राष्ट्र की ओर उन्मुख हैं जहाँ विकास,शिक्षा ,स्वास्थ्य की लहर जन-जन तक पहुंचे .सबके पास रोजगार हो ,जीवन की न्यूनतम आवश्यकताओं को वह पूरा कर सके .एक ऐसे समाज का निर्माण हो जहाँ कोई उपेक्षित न रह जाए ,जहाँ महिलाओं का सम्मान और सुरक्षा हो ईमानदार व्यक्ति चैन की सांस ले और अपराधियों में डर हो .जिस समाज का सपना कभी श्रद्धेय दीनदयाल उपाध्याय ने देखा था .अटल जी की भाषा में कहूँ तो ‘स्वप्न देखा था कभी जो अब वो हर धड़कन में है ,

इक नया भारत बनाने का इरादा मन में है

-राम मंदिर पर क्या मानना है आपका ?

राम मंदिर भारतीय जनता पार्टी के लिए कभी भी राजनीति का विषय नहीं रही .यह हमारे लिए आस्था और श्रद्धा का विषय है .राजनीति का विषय कांग्रेस और दूसरे क्षेत्रीय दलों ने बनाया है ,और उनकी इस राजनीति को अब उत्तर प्रदेश के साथ ही साथ इस देश का हर नागरिक समझ चुका है .भारतीय जनता पार्टी न्याय व्यवस्था पर पूर्ण भरोसा  करती है और यह मामला भी कोर्ट में लंबित है .

 

 

आपका बहुत –बहुत आभार अपनी व्यस्ततम दिनचर्या से इतना समय निकालने के लिए .

आपका भी धन्यवाद प्रभांशु जी .

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