डॉ. कुलदीप चन्‍द अग्निहोत्री

Author:   डॉ. कुलदीप चन्‍द अग्निहोत्री

यायावर प्रकृति के डॉ. अग्निहोत्री अनेक देशों की यात्रा कर चुके हैं। उनकी लगभग 15 पुस्‍तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। पेशे से शिक्षक, कर्म से समाजसेवी और उपक्रम से पत्रकार अग्निहोत्रीजी हिमाचल प्रदेश विश्‍वविद्यालय में निदेशक भी रहे। आपातकाल में जेल में रहे। भारत-तिब्‍बत सहयोग मंच के राष्‍ट्रीय संयोजक के नाते तिब्‍बत समस्‍या का गंभीर अध्‍ययन। कुछ समय तक हिंदी दैनिक जनसत्‍ता से भी जुडे रहे। संप्रति देश की प्रसिद्ध संवाद समिति हिंदुस्‍थान समाचार से जुडे हुए हैं।

डॉ. कुलदीप चन्‍द अग्निहोत्री has posted 51 articles for us.

मनमोहन सिंह की स्वायत्तता और कश्मीर का फरमान

मनमोहन सिंह की स्वायत्तता और कश्मीर का फरमान

- डॉ0 कुलदीप चंद अग्निहोत्री प्रधानमंत्री श्री मनमोहन सिंह और कश्मीर के इस्लामी आतंकवादियों के ब्यान लगभग कुछ दिनों के अन्तराल से मानों एक साथ आये। मनमोहन सिंह आतंकवादियों से कश्मीर का स्वायत्तता पर गंभीर बातचीत के लिये तैयार हैं। उसके तुरन्त बाद इस्लामी आतंकवादियों ने फरमान जारी कर दिया कि सिक्ख या तो इस्लाम [...]

केरल को लेकर इस्लामी आतंकवादियों का षड्यंत्र

- डॉ कुलदीप चंद अग्निहोत्री केरल देश का शायद सबसे ज्यादा अनुपात वाला साक्षर राज्य है। केरल ही वह प्रदेश है जहां देश के इतिहास में पहली बार लोकतांत्रिक ढंग से साम्यवादी सरकार को चुना गया था। इसलिए कुछलोग ऐसा भी कहते हैं कि केरल चिंतन और व्यवहार में देश का सबसे प्रगतिशील राज्य है। [...]

पाकिस्तान को लेकर भारत की कूटनीति का दिवालियापन

पाकिस्तान को लेकर भारत की कूटनीति का दिवालियापन

- कुलदीप चंद अग्निहोत्री पिछले दिनों भारत के विदेश मंत्री श्री एस एम कृष्णा पाकिस्तान के दौरे पर गए थे। कहा जा रहा है कि कृष्णा भारत और पाकिस्तान के संबंधों को सुधारने के लिए वहां के विदेश मंत्री से बातचीत करने गए थे। जिस उद्वेश्य को लेकर कृष्णा पाकिस्तान गए थे, उसके बारे में [...]

हिन्दी पत्रकारिता के भविष्‍य की दिशा

हिन्दी पत्रकारिता के भविष्‍य की दिशा

- डा. कुलदीप चन्द अग्निहोत्री आज जब हम हिन्दी पत्रकारिता की बात करते हैं तो यह जानकर आश्चर्य होता है कि शुरूआती दौर यह ध्वज उन क्षेत्रों में लहराया गया था जिन्हें आज अहिन्दी भाषी कहा जाता है। कोलकाता का विश्वामित्र ऐसा पहला ध्वज वाहक था। उत्तर प्रदेश, बिहार और उन दिनों के सी.पी. बरार [...]

निस्वार्थ सेवा ही असली सेवा है

- डॉ0 कुलदीप चंद अग्निहोत्री मध्यकालीन भारतीय दश गुरु परम्परा के आठवें गुरु श्री हरकिशन जी के जीवन का एक प्रसंग है। उनके जीवन काल में प्लेग का प्रकोप हुआ था। प्लेग अपने आप में भयावह बीमारी है और उन दिनों तो प्लेग को मृत्यु का पर्यायवाची ही माना जाता था। लोग अपने घर बार [...]

चीन की चाल-अरूणाचल में बवाल

चीन की चाल-अरूणाचल में बवाल

-डॉं0 कुलदीप चन्द अग्निहोत्री अरूणाचल प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों से किशोर उमर के बच्चे लापता हो रहे हैं। परन्तु यह लापता होना अपहरण जैसा मामला नहीं है। गरीब परिवारों के बच्चों को मठ में निःशुल्क अच्छी शिक्षा देने के नाम पर माता पिता की सहमती से ले जाया जाता है। कुछ अर्से बाद माता [...]

कर्नाटक में राज्यपाल की बेढंगी राजनीति

कर्नाटक में राज्यपाल की बेढंगी राजनीति

-डॉ0 कुलदीप चन्द अग्निहोत्री श्री हंसराज भारद्वाज कर्नाटक के राज्यपाल है। राज्यपाल एक ऐसा संवैधानिक पद है जिस पर बैठे व्यक्ति को इसकी गरिमा की रक्षा करने के लिए बहुत ज्यादा आत्म संयम की आवश्यकता रहती है। उसका प्रदेश की राजनीति से कोई लेना देना नहीं होता और वह एक बजुर्ग मार्ग दर्शक के नाते [...]

मणिपुर की स्थिति से उदासीन भारत सरकार

मणिपुर की स्थिति से उदासीन भारत सरकार

-डॉ0 कुलदीप चन्द अग्निहोत्री मणिपुर में ज्यादातर मैतेयी लोग रहते हैं। मैतेयी वैष्णव सम्प्रदाय के उपासक हैं। वैष्णव में भी वे कृष्ण भगत है। मणिपुर के साथ ही नागालैंड लगता है। मणिपुर में प्रवेष का रास्ता इसी नागालैंड से होकर जाता है। राष्ट्र्ीय राज मार्ग 39 जिसे इम्फाल-दीमापुर राजमार्ग कहा जाता है एक प्रकार से [...]

नीतिश बाबू के बिहार में भाजपा की दुविधा

नीतिश बाबू के बिहार में भाजपा की दुविधा

-डा. कुलदीप चन्द अग्निहोत्री नीतिश बाबू पिछले चार वर्षो से बिहार के मुख्यमंत्री हैं। इससे पहले भी वे एक बार एनडीए के पुण्यप्रताप से बिहार के मुख्यमंत्री बने थे। परन्तु कुछ दिनों के बाद विधानसभा में बहुमत न होने के कारण उन्हें त्यागपत्र देना पडा था। लेकिन अबकी बार उन्हें मुख्यमंत्री का पद संभाले निरंतर [...]

भारत में विदेशी विश्वविद्यालयों के आने की आहट

भारत में विदेशी विश्वविद्यालयों के आने की आहट

-डॉ. कुलदीप चन्द अग्निहोत्री मानव संसाधन मंत्री कपिल सिब्बल अपनी धून के पक्के हैं इस बार उन्होंने भारत में विदेशी विश्वविद्यालयों को स्थापित करने की जिद पकडी है। जाहिर है कि उनकी इस जिद के पीछे किसी ताकतवर का हाथ भी होगा। जैसे हालात चल रहे हैं उससे संकेत मिलते हैं कि यह ताकतवर हाथ [...]

यूनियन कार्बाइड ने खोल दी भारत सरकार की पोल

यूनियन कार्बाइड ने खोल दी भारत सरकार की पोल

-डॉ. कुलदीप चन्द अग्निहोत्री आज से 26 वर्ष पहले भोपाल में यूनियन कार्बाइड कारखाने से हुए गैस रिसाव के कारण भोपाल में 15 हजार लोगों की मौत हो गई थी और उस गैस से जिंदा बचे लोगों को इतना नुकसान हुआ था कि अब तक भी उनकी संतानें विकलांग पैदा हो रही हैं। यह कारखाना [...]

अनुसूचित जाति समाज को छोड कर चले गए लोगों को आरक्षण देने का प्रश्न

अनुसूचित जाति समाज को छोड कर चले गए लोगों को आरक्षण देने का प्रश्न

- डा. कुलदीप चन्द अग्निहोत्री जाति व्यवस्था भारतीय समाज अथवा हिन्दू समाज की आधारभूत संरचना में निहित है। इस व्यवस्था के गुण और दोषों पर लंबे अरसे से बहस होती रही है और अब भी हो रही है। कई दफा ऐसा भी होता है कि कोई व्यवस्था किसी समय लाभदायक और समाज के लिए उपयोगी [...]

कनाडा द्वारा भारत का अपमान

कनाडा द्वारा भारत का अपमान

-डॉ. कुलदीप चंद अग्निहोत्री दिल्ली स्थित कनाडा के दूतावास में फतेह सिंह को अपने देश का वीजा देने से इनकार कर दिया है। हर देश को अधिकार होता है कि वह किसी दूसरे देश के नागरिक को अपने देश में आने की अनुमति दे या ना दे। इस अधिकार को लेकर कनाडा सरकार के इस [...]

भारत में लोकतंत्र – सफलता का रहस्य

भारत में लोकतंत्र - सफलता का रहस्य

- डॉ0 कुलदीप चन्द अग्निहोत्री द्वितीय विश्वयुद्व के बाद जब भारत से ब्रिटिश साम्राज्यवाद का अन्त हुआ तो उसका प्रभाव एशिया और अफ्रिका के अन्य देशों पर भी पडा और एक के बाद एक देश यूरोपीय साम्राज्यवादी शक्तियों के शिकंजे से मुक्त होने लगे। साम्राज्यवाद से मुक्ति के बाद प्राय अधिकांश देशों ने लोकतांत्रिक शासन [...]

नंदीग्राम से वेदांत विश्वविद्यालय तक- सरकारी दमन की एक ही गाथा

नंदीग्राम से वेदांत विश्वविद्यालय तक- सरकारी दमन की एक ही गाथा

-डॉ कुलदीप चंद अग्निहोत्री 12 मई 2004 को मुम्बई में वर्ली में रहने वाले चार लोगों ने मिलकर भारतीय कम्पनी अधिनियम की धारा 25 के अन्तर्गत स्टरलाईट फाउंडेशन का पंजीयन करवाया। इस धारा के अंतर्गत पंजीयन होने वाली कम्पनियां प्राइवेट होती हैं और उनका उद्देश्य लाभ कमाना नहीं बल्कि जनसेवा करना होता है। फाउंडेशन का [...]

उमर अब्दुल्ला को अफजल गुरु की फांसी का कारण नहीं पता

उमर अब्दुल्ला को अफजल गुरु की फांसी का कारण नहीं पता

-डॉ. कुलदीप चंद अग्निहोत्री भारतीय संसद पर आक्रमण के मामले में फांसी की सजा प्राप्त किए हुए अफजल गुरु को अभी तक फांसी के तख्ते से बचाए रखने के पीछे केन्द्र की कांग्रेस सरकार की क्या रणनीति है यह तो वही जानती होगी लेकिन इस विषय पर जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की मासूमियत [...]

कश्मीरी हिंदुओं का सफाया – ऑपरेशन नम्बर दो

कश्मीरी हिंदुओं का सफाया - ऑपरेशन नम्बर दो

-डॉ कुलदीप चंद अग्निहोत्री पिछले कुछ सौ सालों से मतांतरण के कारण कश्मीरी हिंदुओं की संख्या लगातार घटती जा रही है। अनेकानेक कारणों से अधिकांश कश्मीरी हिंदू इस्लाम मजहब में दीक्षित हो गए। लेकिन फिर भी कश्मीर घाटी में लगभग 4 लाख हिंदू बचे रहे जिन्होंने तमाम प्रलोभनों को ठुकराते हुए और शासकीय अत्याचारों को [...]

दक्षेस की असफलता और भारत को घेरने की साजिश

दक्षेस की असफलता और भारत को घेरने की साजिश

- डॉ कुलदीप चंद अग्निहोत्री भारत को क्षेत्रीय शक्ति केन्द्र के रुप में देखा जाने लगा है। इस क्षेत्र में चीन अपने आप को भारत अपने आप को प्रतिद्वन्दी मानता है। यह भी कहा जा सकता है कि चीन कुछ क्षेत्रों में भारत से आगे निकल गया है और भारत वहां तक पहुंचने का प्रयास [...]

चीन बना रहा है भारत के खिलाफ जल-हथियार

चीन बना रहा है भारत के खिलाफ जल-हथियार

भारत का मीडिया पिछले अनेक वर्षों से सरकार को आगाह कर रहा था की चीन सरकार तिब्बत में ब्रह्मपुत्र नदी पर बांध बनाकर उसके जलप्रवाह को नियंत्रित करने का प्रयास कर रही है। ब्रह्मपुत्र को तिब्बत में सांगपो कहते हैं और सांगपो के प्रवाह को अवरुद्ध करके अथवा उसकी दिशा बदलकर चीन उत्तर -पूरब में [...]

देश की सुरक्षा में सेंध लगाते नक्सलवादी-माओवादी

देश की सुरक्षा में सेंध लगाते नक्सलवादी-माओवादी

नक्सलवाद की त्रिमूर्ती चारु मजूमदार, जंगल संथाल और कानू सान्याल में से केवल सान्याल ही जिंदा बचे थे। यह आंदोलन उन्होंने पिछली शताब्दी के मध्य में शुरु किया था और 21 वी शताब्दी के पहले दशक के बीतत-बीतते कानू सान्याल ने नक्सलवाद की वर्तमान स्थिति को देखते हुए आत्महत्या करना ही श्रेयस्कर समझा। कहा जाता [...]

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