गौतम चौधरी

Author:   गौतम चौधरी

लेखक युवा पत्रकार हैं एवं एक समाचार एजेंसी से जुडे हुए हैं।

गौतम चौधरी has posted 23 articles for us.

सवालों के घेरे में एनआईए की विश्वसनीयता एवं तटस्थता

-गौतम चौधरी विगत दिनों गुजरात के मोंडासा बम विस्फोट मामले की जांच का जिम्मा राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने अपने हाथ में ले लिया। उसके ठीक बाद समाचार माध्यमों में एक खबर आई कि समझौता एक्सप्रेस बम धमाके कि जांच भी एनआईए को सौंप दिया गया है। याद रहे के मालेगांव, मक्का मस्जिद और अजमेर [...]

कहीं अमेरिकी हितपोषण में तो नहीं लगी है सीबीआई?

कहीं अमेरिकी हितपोषण में तो नहीं लगी है सीबीआई?

-गौतम चौधरी बीते दिन संसद भवन में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव और राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने केन्द्र की संयुक्त प्रगतिषील गठबंधन सरकार पर भारतीय जनता पार्टी के साथ परमाणु दायित्व विधेयक पर समझौते का आरोप लगाया। हालांकि कांग्रेस ही नहीं भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने भी [...]

ईसाई-माओवादी षड्यंत्र के गिरफ्त में नीतीश

ईसाई-माओवादी षड्यंत्र के गिरफ्त में नीतीश

-गौतम चौधरी कोसी बाढ राहत पर एक बार फिर से राजनीति होने लगी है। इस बार की राजनीति के केन्द्र में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तो हैं ही दूसरे तरफ से आधुनिक गुजरात के निर्माता कहे जाने वाले नरेन्द्र भाई मोदी का नाम जुड गया है। आखिर आपस में दोनों क्यों भिडे इसपर तो [...]

माओवादियों से लडने के लिए दोतरफा रणनीति की जरूरत

माओवादियों से लडने के लिए दोतरफा रणनीति की जरूरत

दंतेवाडा की घटना पर लगातार टेबुल टॉक जारी है। कोई माओवादियों को तो कोई केन्द्रीय गृहमंत्री चिदंबरम को मसीहा घोषित कर रहा है। इधर दंतेवाडा के मओवादी हमला में मारे गये केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवानों की वीरता पर पूरा देश नतमस्तक है, लेकिन चिदंबरम साहब के नाकट से यह साबित हो गया है [...]

गुजरात को बदनाम करने वाली मीडिया बरेली पर मौन

उत्तर प्रदेश के बरेली शहर में विगत 16 दिनों से एक खास संप्रदाय को निशाना बनाया जा रहा है। ऐसे प्रशासन के द्वारा वहां कर्फ्यू लगा दी गयी है, लेकिन सारेआम हिंसा जारी है। हिंसाग्रस्त इलाकों से जो खबरें आ रही है उसमें अभी तक 24 लडकियों के गायब होने की सूचना है। असंपुष्ट जानकारी [...]

गुजरात दंगे में मोदी को बदनाम करना राजनीति से प्रेरित – इन्द्रेश कुमार

गुजरात दंगे में मोदी को बदनाम करना राजनीति से प्रेरित - इन्द्रेश कुमार

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल सदस्य श्री इन्द्रेश कुमार न केवल संघ के प्रचारक हैं अपितु प्रखर वक्ता और संवेदनशील चिंतक भी हैं। उनके संवेदनशीलता की गहराई का अंदाजा इसी बात से लगया जा सकता है कि हिमालय की संस्कृति को बचाने के लिए उन्होंने हिमालय परिवार नामक संगठन को बनाने में [...]

माओवादी नेताओं के साथ आम अपराधियों जैसा व्यवहार हो

माओवादी नेताओं के साथ आम अपराधियों जैसा व्यवहार हो

बिहार के गया जिले में टिकारी प्रखंड कार्यालय से लगभग 40 किलोमीटर की दूरी पर बारा नाम का एक गांव है। उसी गांव में 12 फरवरी सन् 1992 की रात को माओवादी काम्यूनिस्ट सेंटर ने 35 किसानों की गला रेत हत्या कर खूनी जलसे का आयोजन किया था। विगत दिनों उस नरसंहार से संबंधित मामले [...]

मोदी के लिए नासूर बनता जा रहा है महुआ का किसान आन्दोलन

मोदी के लिए नासूर बनता जा रहा है महुआ का किसान आन्दोलन

भावनगर जिले के महुआ प्रखंड में निरमा डिटरजेंट प्राईवेट लि0 को गुजरात सरकार ने सीमेंट उद्योग लगाने के लिए 4500 हेक्टर जमीन आवंटित की है। निरमा ने 4500 हेक्टर भूमि के अलावा जिलाधिकारी से 10 हेक्टर जमीन की अलग से मांग की। सरकार ने निरमा कंपनी को 200 एकड ऐसी जमीन भी आवंटित कर दी [...]

मुम्बई पर सबका हक, गुंडागर्दी की छूट किसी को नहीं

मुम्बई पर सबका हक, गुंडागर्दी की छूट किसी को नहीं

मुम्बई किसकी है मुझे पता नहीं, लेकिन जब कभी भी भारत का नक्शा देखता हूं तो वह मुझे वर्तमान भारतीय संघ का ही हिस्सा दिखता है। छात्र जीवन में हम लोग नारा लगाते थे, कश्मीर हिन्दुस्तान का, नहीं किसी के बाप का, बाप के बाप का। हालांकि मुम्बई के लिए तत्काल ऐसे नारे की जरूरत [...]

गांधीवाद का तालीबानीकरण

खबरदार! किसी के साथ गांधी की तुलना नहीं की जा सकती है। किसी को गांधीनुमा परिधान पहनने की इजाजत नहीं है। कोई गांधी जी की लाठी लेकर चले उसका पैर तोड दिया जाएगा और गांधी के द्वारा लिखी किताबों को कुरान, हदीस, बाईवल, गुरूग्रंथ साहिब, गीता की तरह पूजा जाएगा। यह फरमान जारी किया है [...]

आंध्र की अस्थिरता के पीछे माओवादी-मिशनरी षड्यंत्र

आंध्र की अस्थिरता के पीछे माओवादी-मिशनरी षड्यंत्र

आंध्र प्रदेश की धटना आंख खोल देने वाली है। राजशेखर रेड्डी की मृत्यु को अब साजिश से जोड कर देखा जा रहा है। यह तो तथ्यों की मीमांसा के बाद ही पता चलेगा कि विगत दिनों राजशेखर की मृत्‍यु पर चैनल में चलने वाली खबर में कितनी सत्यता है, लेकिन राजशेखर रेड्डी की मौत के [...]

माओवादियों के निशाने पर मीडिया

माओवादियों के निशाने पर मीडिया

नेपाल के रूकुम जिले में माओवादियों ने एक महिला पत्रकार को बुरी तरह घायल कर दिया। बड़ी बेरहमी से माओवादी उस महिला पत्रकार के शरीर पर ब्लेड से चीरे लगाते रहे और वह महिला तड़पती रही, छटपटाती रही। माओवादी उस समय तक महिला पत्रकार को नोचते-खसोटते रहे जब तक वह लहुलुहान न हो गई। महिला [...]

समाचार माध्यमों पर जनता का विश्वास बना रहना जरूरी है

समाचार माध्यमों पर जनता का विश्वास बना रहना जरूरी है

समाचार-पत्रों की खबर है कि आवश्यक वस्तुओं की कीमत में लगातार कमी आ रही है। गुजराती के एक सान्ध्य अखबार ने छापा कि रोजमर्रे के समान की कीमत में तीन से लेकर पांच रूपये तक की कमी आयी है। बीते दिन एक समाचार-पत्र की पहली सुरखी थी कि अगले साल भारतीय कंपनियों में बवाल की [...]

नये राजनीतिक समीकरण बनाने में जुटे राज्य के दो पूर्व मुख्यमंत्री

गुजरात का राजनीतिक समीकरण बदलने तथा विगत लम्बे समय से गुजरात की राजनीति पर हावी प्रदेश के मुख्यमंत्री नरेन्द्र भाई मोदी को सत्ता से बेदखल करने के लिए गुजरात के दो पूर्व मुख्यमंत्रियों ने एक मोर्चा बनाया है। इस मोर्चे के गठन के बाद गांधीनगर का सियासी तापमान बढने और प्रदेश में एक नये राजनीतिक [...]

तमिल विद्रोहियों के साथ चीनी खेमेबंदी से भारतीय माओवादी होंगे मजबूत

तमिल विद्रोहियों के साथ चीनी खेमेबंदी से भारतीय माओवादी होंगे मजबूत

चीनी साम्राज्यवाद का विस्तार अब श्रीलंका तक बताया जा रहा है। खबर है कि चीन अपने गुप्तचरों की सहायता से श्रीलंका में अच्छा-खासा प्रभाव जमा लिया है। विगत दिनों जब भारत के गृहमंत्री पी0 चिदंबरम ने श्रीलंकायी तमिल उग्रवादियों को चीनी सहयोग का खुलासा किया तो लोग आश्चर्य व्यक्त करने लगे, लेकिन अब इस तथ्य [...]

हिन्द स्वराज में दुनिया के सभी समस्याओं का समाधान नहीं है – गौतम चौधरी

हिन्द स्वराज में दुनिया के सभी समस्याओं का समाधान नहीं है  - गौतम चौधरी

हिन्द स्वराज पर टिप्पणी करने से पहले इस देश के अतीत और अपने पारिवारिक पृष्ठभूमि को खंगाला तो लगा कि जो गांधी कह रहे हैं वह हम पीढियों से करते आ रहे हैं। मेरा ननिहाल दरभंगा से सीतामढी की ओर जाने वाली छोटी लाईन के रेलवे स्टेषन कमतौल में है। मेरे मामा साम्यवादी थे और [...]

चीनी कूटनीतिक आक्रमण और साम्यवादी खटराग

चीनी कूटनीतिक आक्रमण और साम्यवादी खटराग

खबरदार चीन के खिलाफ कुछ बोले तो जन-अदालत लगाकर नाक, कान, हाथ, पैर आदि काट लिए जाएंगे। वर्ग-शत्रु घोषत कर अभियान चलाया जाएगा। जुवान खोली तो हत्या भी की जा सकती है। याद रहे चाहे चीन कितना भी भारत के खिलाफ अभियान चलाये कोई कुछ कह नहीं सकता है, बोल नहीं सकात है। इस देश [...]

मोदी को घेरने के फिराक में अभिजात्य गिरोह

मोदी को घेरने के फिराक में अभिजात्य गिरोह

इसरत जहां मुठभेड के बहाने एक बार फिर गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी को घेरने की योजना बनाई जा रही है। अहमदाबाद महानगर न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति एस0 पी0 तमांग की आख्या आते ही तिस्ता गिरोह पुन: सक्रिय हो गया है। तमांग की आख्या में कहा गया है कि इसरत जहां और उसके साथ मारे [...]

आर्थिक अनुशासन या मूल मूद्दों से भटकाने की राजनीति

कांग्रेस पार्टी और केन्द्र सरकार आजकल एक नए अभियान में लगी है। गांधी के शिष्यों को लगभग 50 साल बाद एकाएक गांधी की याद आ रही है। विगत दिनों सरकार के सबसे प्रबुद्ध माने जाने वाले मंत्री प्रणव मुखर्जी ने कहा कि देश में आर्थिक अनुशासन की जरूरत है और इस अनुशासन के लिए मंत्री [...]

चीनी ड्रैगन से डरने की नहीं लडने की जरूरत है

चीनी ड्रैगन से डरने की नहीं लडने की जरूरत है

चीन लगातार भारत के घेरेबंदी में लगा है। इस घेरेबंदी का एकमात्र लक्ष्य भारत को कमजोर करना है। नेपाल में हुरदंगी समूह माओवाद का समर्थन, अरूणाचल पर अधिकार जताना, अरब सागर और बंगाल की खाडी में चीनी हस्तक्षेप यह साबित करने के लिए काफी है कि चीन भारत का हित नहीं सोच रहा है। चीन [...]

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