लेखक परिचय

मुकेश चन्‍द्र मिश्र

मुकेश चन्‍द्र मिश्र

उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में जन्‍म। बचपन से ही राष्ट्रहित से जुड़े क्रियाकलापों में सक्रिय भागेदारी। सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और देश के वर्तमान राजनीतिक तथा सामाजिक हालात पर लेखन। वर्तमान में पैनासोनिक ग्रुप में कार्यरत। सम्पर्क: mukesh.cmishra@rediffmail.com http://www.facebook.com/mukesh.cm

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जब से अरविंद केजरीवाल ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी मुहिम मे भाजपा को भी शामिल किया तथा अपनी खुद की पार्टी बनाने का ऐलान कर दिया है, उनके विरोधियों की संख्या मे बेतहासा वृद्धि हो रही है, यहाँ तक की उनके वरिष्ठतम सहयोगी श्रीमान अन्ना हज़ारे साहब ने भी उनसे दूरी बना ली है, जो वाकई मे दुखद है और अन्ना समर्थको के लिए भी एक धक्का है जो धूप बारिश की परवाह किए बगैर तथा उनकी कमियों को नजरंदाज करके भी उनके आंदोलन के साथ खड़े थे।

हम अगर डेढ़ दो साल पुराने इस आंदोलन पर गौर करें तो पता चलता है की केजरीवाल अन्ना से ज्यादा जोश और दृढ़ इच्छाशक्ति से अपने लक्ष्य के प्रति पूरी तरह से ना सिर्फ समर्पित हैं, बल्कि बिना किसी परवाह के आगे बढ़ते जा रहे हैं, जो वाकयी मे प्रशंसनीय है क्योंकि उनकी लड़ाई ऐसे लोगों से है जो प्रभावशाली ही नहीं सत्ता मे भी हैं।

हो सकता है केजरीवाल महत्वाकांक्षी हों, किन्तु अभी तक उनकी महत्वाकांक्षा देशहित मे ही दिख रही है, तथा उन्होने देश सेवा के लिए एक ऐसे पद से त्यागपत्र दिया जहां से काफी मात्रा मे अवैध धन कमाया जा सकता था, और अगर उनमे कहीं भी सुई की नोक के बराबर भी कोई कमी पायी जाती तो अभी तक वो तिहाड़ की यात्रा पर होते, बाबा रामदेव इस बात के सबूत हैं जिन्हे छोटी मोटी गलतियों के लिए भी इस तरह से परेशान किया जा रहा है जैसे सबसे बड़े देशद्रोही और भ्रष्टाचारी वही हों।

दूसरी तरफ हमारे अन्ना साहब जिनके ऊपर सेना का भगोड़ा सिपाही होने का आरोप भी है मुझे नहीं पता ये आरोप सत्य है अथवा गलत, पर आज उनके भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन से पीछे हटने से उनके पलायनवादी व्यक्तित्व का असली चेहरा सामने आ गया है, जिससे लगता है की उनपर जो आरोप लगे थे वो सत्य भी हो सकते हैं, वैसे भी जब वो किसी आंदोलन मे भाषण देते हैं तो स्वतः ही दिख जाता है की वो सिर्फ अपनी मार्केटिंग ही कर रहे है जैसे- मै मंदिर के 8-10 फिट के कमरे मे रहता हूँ, मेरे पास एक चारपाई और खाने के लिए एक दो बर्तन के अलावा और कुछ भी नहीं, मैंने कई मंत्रियों का विकेट लिया है आदि, इसप्रकार साबित होता है की जब उन्हे लगा की केजरीवाल को इस आंदोलन मे उनसे ज्यादा लोकप्रियता हासिल हो रही है तो उन्होने तुरंत अपने कदम पीछे खींच लिए यहाँ तक की अपना नाम भी इस्तेमाल ना करने के लिए कह दिया जिससे उनकी छोटी मानसिकता ही दिखती है, कुछ लोग अन्ना की तुलना महात्मा गांधी जी से करते हैं, पर क्या गांधी जी ने हिन्दू महासभा या भगत सिंह, सुभाष चन्द्र बोस  आदि अपने से विपरीत विचारधारा वालों से भी कभी कहा था की वो मेरा नाम इस्तेमाल ना करें?

जबकि गांधी जी अहिंसा के मामले मे हद से ज्यादा आग्रही या कहें की दुराग्रही थे, और अहिंसा की असफलता को वो पचा नहीं सकते थे, अतः उन्होने सुभाष चन्द्र बोस, भगत सिंह, चन्द्रशेखर, वीर सावरकर आदि जैसे महान कर्न्तिकारियों से दूरी बना ली थी।  सायद अन्ना हज़ारे जी को लगता है की अन्ना गांधी से भी बड़ा ब्रांड बन गया है, इसलिए उन्होने अन्ना का कॉपीराइट करा लिया।

जरूरी नहीं की केजरीवाल का हर कदम सही ही हो या वो अपने उद्देस्य मे सफल ही हों पर आज उन्होने अच्छे अच्छों की नींद हराम कर रखी है, तथा भ्रष्टाचारियों मे खलबली मची हुयी है, केजरीवाल ने भारत के उस कथित प्रथम परिवार के दामाद जी को भी कटघरे मे खड़ा कर दिया है जिसपर बोलने से पहले बड़े बड़े राष्ट्रवादी लोग भी सौ बार सोचते हैं।

जो भाजपाई इनका विरोध कर रहे हैं उन्हे इसका जवाब तो देना ही होगा की जिन कांग्रेसी घोटालों को अरविंद केजरीवाल और उनकी टीम उजागर कर रही है उसे ये विपक्ष मे रहते हुये भी उजागर करने मे क्यों असमर्थ रहे? या फिर भाजपा भी अपने अंदर बढ़ते हुये भ्रष्टाचारियों की संख्या के कारण चुप रहना ही उचित समझ रही है? वजह कुछ भी हो पर ऐसी चुप्पी ना तो देशहित मे है, ना ही भाजपा के और केजरीवाल कितनी भी कोशिश कर लें 2014 तक वो देश को तीसरा विकल्प देने मे असमर्थ ही रहेंगे, क्योंकि ये भारत का महान लोकतन्त्र है जहां प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति जुगाड़ करके बनाए जाते हैं, अमरीका की तरह नहीं की तुच्छ जनता इसका सीधा फैसला कर सके।

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24 Comments on "अन्ना जीरो केजरीवाल हीरो….."

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Dr. Dhanakar Thakur
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Kejriwaal achha kaam kar rahe hain vaise iskaa fyadaa BJP ko tabhee hogaa jab vah eemandaar ummeedwar khade karege- apne 80% ummeedwaron ko badal kar.

Anna ke saath nahi hone ka matlab nahee hai kee kejreewal Anna ke virodhee hain.
Vah yuvaa hain ,Anna vriddh jo rajneeti se door rahnaa chahte hain.ise bas itnaa hee samajhnaa chahiye,

ram narayan suthar
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केजरीवाल ग्रुप में आपने प्रसंत भूषण को परखा जो चाहता है की कश्मीर पाकिस्तान में विलय हो एक सदस्य कहता है नरेंद्र मोदी मानवता का हत्यारा है दूसरा देशद्रोही बुखारी के तलवे चाटता है अरविन्द केजरीवाल खुद अपने फेसबुक अकाउंट पे मर्यादा को भुलाकर ये लिख चूका है एक मित्र के पूछने पर की आज कल क्या कर रहे हो तो केजरीवाल लिखता है “इस अन्ना ने आजकल दिमाग ख़राब करके रखा है ” ये अनशन समाप्ति के बाद की बात है सारी मान मर्यादा भुला दी इस बन्दे ने ,जिस अन्ना के छींकने पर भी केजरीवाल हाजिर हो जाते… Read more »
santanu arya
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आपको पता होगा की कांग्रेस अपने विरोधियो का पत्ता साफ करने के लिए सारी सरकारी गेर सरकारी संस्थाओ और मिडिया को लगा देता है जैसे की आपने बाबा रामदेव का उद्दहर्ण भी दिया वो सत्ता में है और उसका दुरूपयोग कर वो बिना आरोप के भी केजरीवाल अन्दर करने की ताकत रखती है परन्तु आज तक केजरीवाल पर कांग्रेस की कोई कारवाही आपको नजर आती है जबकि इतने आरोप केजरीवाल और उसकी टीम पर है क्यों ………..क्योंकि ये कांग्रेस और अमेरिकन एजेंसियों द्वार मिडिया का सहारा लेकर खड़ा किया आदमी है इसको कुछ भी बोलने और करने की छुट है… Read more »
santanu arya
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मुंबई। ‘भाजपा राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष नीतिन गडकरी से हमे कोई नुकासन नहीं बल्कि गडकरी से तो हमे बहुत फायदे हुए हैं। गडकरी जी ने हमें बहुत सपोर्ट किया है। उन्होंने हर बार मेरी मदद की है। मैं आज भी पूर्ती कल्याणकारी संस्था की जगह पर ही खेती कर रहां हूं। अंजलि दमानिया कुछ दिन पहले मुझसे मिलने के लिए आई थीं। उन्होंने मुझसे जमीन के दावे के बारे में बात की थी, लेकिन अब जो बात वह कह रही हैं वो बिल्कुल गलत है। मैं कभी भी रोते हुए गडकरी जी से नहीं मिला।’ ये सारी बाते उस किसान ने कही… Read more »
santanu arya
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शरद पवार के भयंकर भ्रष्टाचार पर पूर्व आईपी.एस अधिकारी वाई.पी.सिंह के जबर्दस्त प्रहार के बाद गम्भीर आरोपों के कटघरे में घिरा केजरीवाल जवाब देने के बजाय कल दिन भर चोरों की तरह मुंह छुपाये रहा था और अपने चमचों के सहारे सफाई दे रहा था. और खिसियाया केजरीवाल आज जब खिसियानी हँसी के साथ साफाई देने निकला तो उसने उन्हीं खबरिया चैनलों को कटघरे में खड़ा करके पवार का दलाल सिद्ध कर दिया जिन खबरिया चैनलों की बैसा खियों के सहारे ये शत-प्रतिशत “नैतिक-वैचारिक विकलांग” राजनीति के मैदान में दौड़ने की फूहड़ कोशिशें कर रहा है. इसने आज अपनी थोथी… Read more »
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