लेखक परिचय

बीनू भटनागर

बीनू भटनागर

मनोविज्ञान में एमए की डिग्री हासिल करनेवाली व हिन्दी में रुचि रखने वाली बीनू जी ने रचनात्मक लेखन जीवन में बहुत देर से आरंभ किया, 52 वर्ष की उम्र के बाद कुछ पत्रिकाओं मे जैसे सरिता, गृहलक्ष्मी, जान्हवी और माधुरी सहित कुछ ग़ैर व्यवसायी पत्रिकाओं मे कई कवितायें और लेख प्रकाशित हो चुके हैं। लेखों के विषय सामाजिक, सांसकृतिक, मनोवैज्ञानिक, सामयिक, साहित्यिक धार्मिक, अंधविश्वास और आध्यात्मिकता से जुडे हैं।

Posted On by &filed under चुनाव, व्यंग्य.


-बीनू भटनागर-
kejri

बाज़ार में एक नई दवा आई है ‘Modicin’, यह B.J Pharma का उत्पाद है। कंपनी के CEO का दावा है कि इसे खाने से कोई भी रोग ठीक हो जाता है। विश्वस्त सूत्रों से पता चला है कि यह एक प्रकार का Steroid है, इससे तुरन्त कुछ लाभ दिख सकता है, पर नुकसान होने की भी संभावना है, इसके सेवन से कुछ लोगों को ‘Namonia’ की बीमारी होने की ख़बर मिली है। एक अनुमान के अनुसार, देश की 15% से 20% जनसंख्या में इस बीमारी के तीव्र लक्षण पाये गये हैं। इस बीमारी से पीड़ित व्यक्ति बेचैन रहता है, उग्र हो जाता है, आलोचना सहन नहीं कर पाता है। बेवजह नमो-नमो का उच्चारण करता है, या नमो-नमो यहां-वहां लिखने भी लगता है। गंभीर स्थिति होने पर हिंसक होकर पथराव भी कर सकता है।
अब तक इस बीमारी का एक ही इलाज था Cong’s Pharma द्वारा बनाई गई दवा Congromycin परन्तु बहुत सेवन से यह दवाई निष्क्रिय हो गई है और ‘Namonia’ का Bacteria बहुत मज़बूत।
हाल ही में की एक नई दवा Kejarimycin बाज़ार में आई है, जो पूरी तरह सुरक्षित बताई जाती है जो App Pharma की है। पांच दिन सुबह शाम एक-एक 5 mg. की गोली लेने से ‘Namonia’ ठीक हो जाता है। 10 गोलियों की एक strip का मूल्य मात्र 10 रु. है।

Leave a Reply

12 Comments on "नमोनियां"

Notify of
avatar
Sort by:   newest | oldest | most voted
Himwant
Guest

केजरीमाइसन नहीं केजरीसाइड कहें तो ज्यादा उचित होगा. इस विष को खाने से लोगो ने इनकार कर दिया है. कोई भी दवा तैयार होने में दशको लगते हैं. दो-चार दिनों में तो विष हीं पैक कर के पेश किया जा सकता है…. नमोमाइसीन से लोगो की आशाए बड़ी है. लेकिन हमें मानना होगा की देश का मर्ज बेहद पुराना है बड़ा जटिल है, इन्तजार कीजिए, विश्वास रखीए, धैर्य रखें, लाभ अवश्य होगा.

BINU BHATNAGAR
Guest

बहुत सारे लोग नमोनीया के प्रभाव से ग्स्त है और वो मोदीसिन स्टेरोयड ले रहे हैं जब पूरे देश की जनता को लाभ दिख रहें हैं तो हम भी अच्छे दिनो का इंतज़ार करेंगे……., इस समय केजरीमाइसिन के लाभ बताने से कोई लाभ नहीं। समय पर सब छोड देते हैं………

इंसान
Guest
फिरंगी द्वारा भारतीय उप-महाद्वीप छेत्र में १८८५ में स्थापित Cong’s Pharma ने सदियों से दासत्व से पीढित सरलमति भारतीयों में तथाकथित स्वतंत्रता के तुरंत उपरान्त उभरी व्याकुलता व उत्तेजना को शांत करने हेतु ‘Congromycin’ का निर्माण किया था जिसके व्यसनकारी प्रभाव पीढ़ी दर पीढ़ी भारतीय जन-समुदाय में लगभग एक प्रतिशत उत्पादक और शेष निन्यानवे प्रतिशत उपभोक्ता जैसे दो वर्गों को ले दूबे हैं| जब कि उत्पादक अभियुक्त बन लोक न्यायलय के कटघरे में खड़ा है, इस विस्तृत उपभोक्ता वर्ग में स्वयं सेवन करते हुए शहरों कस्बों में रहते पढ़े लिखे भारतीय ‘Congromycin’ का वितरण का काम भी स्वेच्छापूर्ण करते हैं|… Read more »
Jeevan
Guest

लगता है की बीनू भटनागर को एक्वायर्ड इम्यून डेफिसियेंसी सिंड्रोम हो गया है तथा उन्हें डाक्टर ने केजरीमैसीन खा कर आत्म ह्त्या करने की सल्लाह दी है. कोंग्रोमाइसीन ही सबसे अच्छी दवा है.

इंसान
Guest

•बीनू भटनागर on नमोनियां
•Shekhar on अंतिम दौर का चुनाव और शाह को क्लीन-चिट
•सत्यार्थी on नमोनियां

उपर्युक्त टिप्पणियां पढ़ने हेतु प्राप्य नहीं हैं| सूचि में होते कई बार स्वयं मेरी टिप्पणियां कथित लेख के साथ सलग्न नहीं हो पाईं हैं| यदि यह किसी कंप्यूटर ग्लिच के कारण है तो इसे कृपया ठीक किया जाये|

wpDiscuz