लेखक परिचय

चरखा फिचर्स

चरखा फिचर्स

बदलाव के लिए तैयार हो जाओ

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फौज़िया रहमान खान   “बदलाव के लिए तैयार हो जाओ” इस नारे के साथ कुछ समय पहले देश भर में विश्व महिला दिवस का आयोजन किया गया। परंतु महत्वपूर्ण बात यह है कि बदलाव की प्रक्रिया तब तक पूरी नही हो सकती जब तक शिक्षा उसके साथ जुड़ न जाए। इस सिलसिले में जेंडर और… Read more »

वृद्धजनों को वृद्धापेंशन का इंतजार

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सुविधाओं के साथ जागरुकता भी जरुरी है साबरीन प्रवीन योगिया(सीतामढ़ी) बिहार कुछ समय पहले आई खबर के अनुसार सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारकों के बैंक खातों को मार्च तक आधार से जोड़ना अनिवार्य है। केंद्र ने समाज कल्याण विभाग को निर्देश दिया है कि सभी सामाजिक सुरक्षा पेंशन धारकों के बैकं खाते को आधार से जोड़ा जाए।… Read more »



 नशा, युवा और हमारा समाज

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नाजिम अलि मिनहास सीमावर्ती जिला पुंछ राजनीतिक और आर्थिक समस्याओं के कारण हमेशा सुर्खियों में बना रहता है। कहीं न कहीं इसका प्रभाव पूरे देश पर पड़ रहा है। सीमा पर होने के कारण सामान्यतः यह क्षेत्र ऐसी स्थितियों से घिरा रहता है लेकिन एक अन्य समस्या जो इस जिले के लिए सबसे बड़ी समस्या… Read more »

किसानों का कैशलेस बैंक

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शैलेन्द्र सिन्हा देश के वित्तमंत्री ने साल 2017-2018 का बजट पेश करते हुए कहा कि “डिजिटल लेनदेन से अर्थव्यवस्था को पारदर्शी बनाने और कालेधन पर रोक लगाने में मदद मिलेगी”। लेकिन झारखंड के जिला दुमका के गांव सरसाजोल में स्थित सरसाजोल लैम्पस, लिमिटेड बैंक किसानो को कैशलेश पद्धति से जोड़ने के क्रम में लगभग 3… Read more »

अव्यवस्थित आंगनबाड़ी व्यवस्था

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आंगनबाड़ी में आने वाले कुछ बच्चों से बात हुई जिनके अनुसार “यहां पर बैठने की जगह अच्छी नही है। और रोज-रोज खिचड़ी या दाल चावल ही मिलता है। 26 जनवरी, 15 अगस्त के समय जलेबी, हलवा मिलता है”।

ग़लती किसकी?

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निकहत प्रवीन नए साल के अवसर पर बैंगलोर में होने वाली रेप की घटना ने एक बार फिर देश के सामने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। निश्चित रुप से ये सवाल स्वाभाविक हैं क्योंकि इस बार घटना एक ऐसे शहर में हुई हैं जों महिलाओं के लिए सबसे सुरक्षित माना जाता है। कारणवश चर्चा… Read more »

क्या यही है विद्धालय का उद्देश्य?

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निकहत प्रवीन “तुम बड़ी होकर क्या बनना चाहती हो”। जैसे ही ये सवाल 7 साल की उस बच्ची से किया, उसकी मासुम आंखे मुझे देर तक घूरती रहीं। इस बच्ची का नाम हैं मधु। मधु बिहार के जिला सीतामढ़ी के कुशैल गांव में विधवा मां के साथ रहती है। और पास के ही सरकारी विद्धालय… Read more »

3 शिक्षक और 616 बच्चे

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। सबसे पहले मेरी मुलाकात विद्धालय की प्रधान अध्यापक श्रीमती मंजू कुमारी से हुई। विद्धालय की जानकारी लेते हुए मैंने पुछा विद्धालय की हालत ऐसी क्यों दिख रही है। क्या आप लोगो को इससे परेशानी नहीं होती? थोड़े गुस्से और थोड़ी विनम्रता के साथ उन्होने जवाब दिया “वो तो होगी ही आप ही देखिये विद्धालय के चारो ओर दीवार नही है। इसका अपना रास्ता भी नही है जिससे बारिश के मौसम में हमलोगों को आने जाने में बहुत दिक्कत होती है। 616 बच्चों पर सिर्फ दो चापाकल लगा हैं जिसमें से एक खराब है। 7 कमरे हैं एक कमरे को हम ऑफिस की तरह इस्तेमाल करते हैं”।

सरकारी लाभ से वंचित हैं राम बत्ती देवी।

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नुरसबा खातुन   “कुछ साल पहले पड़ोस के लोगो के साथ किसी बात पर झगड़ा होने के कारण मेरें पति को गंभीर चोट आई और बहुत कोशिशों के बाद भी हम उनको बचा नही पाएं”। ये वाक्य हैं बिहार के सीतामढ़ी जिले से 35 किलोमीटर दूर बसे कुशैल गांव में रहने वाली 35 वर्षिय महिला… Read more »

बेटियां अल्लाह की रहमत हैं।

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निकहत प्रवीन संयुक्त राष्ट्र के विश्व जन्संख्या कोष( world population fund) की रिपोर्ट बताती है कि हमारे देश मे पिछले बीस सालों मे लगभग 10 करोड़ लड़कियों को गर्भ में ही मार दिया गया। रिपोर्ट जितनी स्पष्ट है कारण भी उतना ही स्पष्ट है, गर्भ मे लड़की का होना। वो लड़की जिसके प्रति हर युग… Read more »