लेखक परिचय

मृत्युंजय दीक्षित

मृत्युंजय दीक्षित

स्वतंत्र लेखक व् टिप्पणीकार लखनऊ,उप्र

महान क्रांतिकारी : ऊधम सिंह

Posted On & filed under शख्सियत, समाज.

31 जुलाई बलिदान दिवस पर विशेषः- मृत्युंजय दीक्षित जलियांवाला बाग हत्याकांड का प्रतिशोध लेने वाले क्रांतिकारी ऊधम सिंह का जन्म 29 दिसम्बर 1869 को सरदारटहल सिंह के घर पर हुआ था। ऊधम सिंह के माता -पिता का देहांत बहुत ही कम अवस्था मंे हो गया था। जिसके कारण परिवार के अन्य लोगो ने उन पूरा… Read more »

भक्तिधारा के महान कवि – गोस्वामी तुलसीदास

Posted On & filed under समाज.

30 जूलाई पर विशेष:- मृत्युंजय दीक्षित हिंदी साहित्य के महान कवि संत तुलसीदास का जन्म संवत् 1956 की श्रावण शुक्ल सप्तमी के दिन अभुक्तमूल नक्षत्र में हुंआ था।इनके पिता का नाम आतमा रामदुबे व माता का नाम हुलसी था। जन्म के समय तुलसीदास रोये नहीं थे अपितु उनके मुंह से राम शब्द निकला था। साथ… Read more »



जीवन की अंतिम सांस तक आजाद रहने वाले क्रांतिकारी:-चंद्रशेखर आजाद

Posted On & filed under शख्सियत, समाज.

23 जुलाई पर विशेष:- मृत्युंजय दीक्षित क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के अप्रतिम व ऐतिहासिक योद्धा थे। उनका जन्म 23 जुलाई  1906 को भाबरा गांव में हुआ था। उनके पूर्वज उन्नाव जिले के वासी थे। आजाद के पिता का नाम सीताराम तिवारी तथा माता का नाम जगरानी देवी था। उनका प्रारम्भिक जीवन मप्र… Read more »

अब यूपी में होगा धार्मिक पर्यटन का विकास

Posted On & filed under विविधा.

मृत्युंजय दीक्षित प्रदेक में योगी सरकार बनने के बाद कई क्षेत्रों में बदलाव के आसार दिखलायी पड़ने लग गये हेे। जिसमें पर्यटन भी एक है। पिछली सरकारों ने पर्यटन के क्षेत्र को छुआ तक नहीं गया था । यदि पिछली सरकारों ने पर्यटन के नाम पर कुछ किया है तो वह है मुस्लिम तुष्टीकरण। विगत… Read more »

राष्ट्रपति चुनावों में अब राम बनाम मीरा का मुकाबला

Posted On & filed under राजनीति.

 कोविंद की सबसे बड़ी विशेषता यह भी है कि वह बेहद सरल स्वभाव के मिलनसार और खुले दिल वाले तथा संविधान विशेषज्ञ भी है। भाजपा ने कोविंद को  राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाकर यह साबित कर दिया है कि अब भाजपा में उन्हीं लोगों का नाम आगे आया करेगा जो कि मीडिया की चर्चा से कोसों दूर रहा करेंगे । राष्ट्रपति पद के लिए मीडिया में तरह- तरह के नामों की चर्चा चल रही थी लेकिन पीरएम मोदी ने आखिरकार सभी को चौंका कर रख दिया।

पश्चिमी सभ्यता और संस्कृति का संवाहक है फादर्स डे

Posted On & filed under विविधा.

फादर्स डे की शुरूआत 20 वीं सदी से मानी जाती है।मान्यता है कि पिताधर्म तथा पुरूषों द्वारा परवरिश का सम्मान करने के लिए मातृ दिवस के पूरक उत्सव के रूप में मनाया जाता है। यह हमारे पूर्वजों और उनके सम्मान की स्मृति में भी मनाया जाता है। फादर्स डे विश्व के सभी देशों में अलग- अलग तारीखों तथा अलग- अलग रूपों से मनाया जाता है।

योगी सरकार के फैसलों से बड़े बदलाव की आहट

Posted On & filed under राजनीति.

ऊर्जामंत्री ने बिजली विभाग से अन्य विभागों से 10 हजार करोड़ रूपये वसूलने के निर्देश दिये हैं यह प्रदेश के इतिाहस मे पहली बार होने जा रहा हैं । केंद्र सरकार ने भी प्रदेश में सड़कों व पुलों आदि के निर्माण के लिए भारी -भरकम खजाना खोल ही दिया है। यह मुख्यमंत्री की सख्ती का ही असर है कि अफसरों ने जनसुनवाई प्रारम्भ भी कर दी है। वहीं बहुत से अफसर अभी भी समझ नहीं पा रहे हैं। बैठकों में ही अफसरों को डांट पड़ने लग गयी है।

आजादी के महानायक बिरसा मुंडा

Posted On & filed under लेख, साहित्‍य.

9 जून विशेषः- मृत्युंजय दीक्षित आजादी के महानायक और मुंडा आदिवासियों के भगवान बिरसा मुंडा । बिरसा मुंडा ने अंग्रेजों से जबर्दस्त संघर्ष करते हुए 9 जून 1900 को अंतिम संास ली थी। ज्ञातव्य है कि तत्त्कालीन झारखंड राज्य अंग्रेजांे के आधीन हो चुका था और अंग्रेजों ने आदिवासियों के साथ काफी निर्ममतापूर्वक व्यवहार किया… Read more »

केरल में शर्मनाक कांड के बाद कांग्रेस व सेकुलर दलों की खुली पोल

Posted On & filed under प्रवक्ता न्यूज़.

मृत्युंजय दीक्षित नोटबंदी के पीएम मोदी अपने भाषणों में प्रायः कहा करते हंै कि उनके कामों से कोई न कोई नाराज हो ही जाता है। एक बार फिर नरेंद्र मोदी की सरकार ने लोगों को नाराज होने का बहुमूल्य अवसर दे दिया है लेकिन इस बार कांग्रेसियों सहित उनक सभी विरोधियों ने एक बार फिर… Read more »

आदि पत्रकार देवर्षि नारद

Posted On & filed under लेख, साहित्‍य.

12 मई पर विशेष:- मृत्युंजय दीक्षित सृष्टिकर्ता प्रजापति ब्रहमा के मापस पुत्र पारद। महान तपस्वी तेजस्वी सम्पूर्ण वेदान्त शास़्त्र के ज्ञाता तथा समस्त विद्वाओं में पारंगत नारद। ब्रहमतेज से संपन्न हैं। नारद जी क महान कृतित्व व व्यक्तित्व पर जितनी भी उपमाएं लिखी जायें बेहद कम हैं। देवर्षि नारद ने अपने धर्मबल से परमात्मा का… Read more »