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प्रवक्‍ता ब्यूरो

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अयोध्या मामले में ब्रह्मलीन योगीराज श्रीदेवराहाबाबा की भविष्यवाणी अक्षरश: सत्य हुई। विदित हो कि श्रीदेवराहा बाबा ने अपने भक्तों की जिज्ञासा का समाधान करते हुए यह भविष्यवाणी की थी कि विवादित स्थल पर रामलला विराजमान होंगे और वहां राममंदिर निश्चित बनेगा।

अयोध्या मामले पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ का निर्णय आते ही ब्रह्मलीन योगीराज श्री देवराहाबाबाजी महाराज के परमशिष्य त्रिकालदर्शी परमसिध्द व अध्यात्म गुरू श्री देवराहा शिवनाथदासजी महाराज के पास भक्तों व मीडियाकर्मियों की भीड़ जुट गयी। मीडियाकर्मियों व भक्तों को संबोधित करते हुए त्रिकालदर्शी व अध्यात्मदर्शी श्री देवराहा शिवनाथदासजी महाराज ने कहा कि अयोध्या मामले पर उच्च न्यायालय का निर्णय करोड़ों रामभक्तों की आस्था के साथ-साथ ब्रह्मलीन योगीराज श्री देवराहा बाबाजी महाराज की भविष्यवाणी की विजय है। चूंकि श्री देवराहाबाबा हमेशा ब्रह्मलीन अवस्था में रहते थे, श्री देवराहाबाबा के पास हिन्दू-मुस्लिम का भेदभाव नहीं था फिर भी कुंभ के अवसर पर जब सभी संप्रदाय के धर्मगुरूओं ने एकजुट होकर श्री देवराहा बाबाजी से अयोध्या मामले पर सवाल करते हुये कहा कि बाबा, मंदिर-मस्जिद का समाधान कब होगा? इस पर श्री देवरावा बाबा ने कहा कि वह मस्जिद नही वरन् मंदिर है। जब बाबर सन 1526 ई. में भारत आया उसके बाद 1528 ई. के अप्रैल माह में रामनवमी के पावन अवसर पर जब बाबर अपने सेनापति मीरबांकी के साथ अयोध्या में पहुंचा और वहां पर जीर्ण-शीर्ण मंदिर में लगे भक्तों के जमावड़ों को देखकर अपने सेनापति मीरबांकी को आज्ञा दी कि इसे तोड़कर नया बना देना। वह केवल आठ दिनों में ही मंदिर का मरम्मत कराकर उसे मस्जिद बना दिया। फिर भी हिन्दू समाज उसे मंदिर समझकर वहां पूजा अर्चना करता रहा। वहां कभी नमाज अदा नही किया गया। आगे श्री देवरहवा शिवनाथदासजी ने कहा कि लगभग 450 वर्षों तक हिन्दू-मुस्लिम में प्रेम बना रहा। परंतु जब हिन्दुओं के द्वारा अपने मंदिर एवं आस्था श्रद्धा के प्रतीक स्वरूप रामलला के मंदिर को अदालत द्वारा मांगा गया तो कुछ राजनीतिज्ञों ने विवाद खड़ा कर आपसी भाईचारों के बीच कटुता का बीज बो दिया।

आगे श्री शिवनाथदासजी ने कहा कि हमारे गुरूदेव बोले- बच्चा वहां मंदिर है, सो वहां मंदिर ही बनेगा। उसमें रामलला ही रहेंगे और आगे चलकर हिन्दू-मुस्लिम में पहले की तरह प्रेम बना रहेगा। आगे श्री देवराहा शिवनाथदास जी ने कहा कि जब बाबा के द्वारा की गई भविष्यवाणी में देर होने लगी तो उन पर से भक्तों का विश्वास धीरे-धीरे उठने लगा कि और लोग कहने लगे कि बाबा की भविष्यवाणी व्यर्थ हो गई। लेकिन आज न्यायालय का फैसला आते ही अब अविश्वास विश्वास में बदल गया। इसी कारण तो भक्तगण तो मेरे पास आये हैं। आगे देवराहाशिवनाथजी ने कहा कि इस कृपा के तले मैं अपने गुरूदेव श्री देवराहा बाबा के साथ-साथ उच्च न्यायालय के माननीय न्यायधीशों के प्रति आभार व्यक्त करते हूं।

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7 Comments on "अयोध्या मामले पर योगीराज श्री देवराहाबाबा की भविष्यवाणी अक्षरश: सत्य"

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Anil kumar, khagaria
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हे प्रभु आपको सत सत नमन ….

ARYA
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इसमें गोस्वामी तुलसीदासजी लिखते है कि महाराज मनु और महारानी शतरूपा को वैराग्य हुआ तो वे नेमिशार्न्य में जाकर घोर ताप करने लगे |और उनकी कठोर तपस्या के मध्य सधारण देवी-देवताओ से लेकर ब्रह्मा ,विष्णु और अदि देव शंकर जी तक कई बार आये तथा उनकी कठोर तपस्या का प्रयोजन जानना चाहा ,किन्तु मनु जी ने इनको न तो तरजीह ही दी और न इनकी ओर ध्यान ही दिया |उनकी लवाना तो परम पिता परमेश्वर इस जगत आधार ,अखिल ब्रह्माण्ड के नायक,अक्षर ,अकाल ,परब्रह्म के प्रति लगी हुयी थी |और अंत में वह प्रगट भी हुए |और जो विवरण गोस्वामीजी… Read more »
sadhak ummedsingh baid
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sadhak ummedsingh baid

जो सबका हित साध ले, वही सन्त है सत्य। टुकङों में ना बट सके, मानव-जीवन-तथ्य्। मानव-जीवन-तथ्य, साधना कर ले ‘भारत’। दुनियां देखे राह, कब उठेगा फ़िर भारत? यह साधक कवि, काम कर रहा है तेरे हित्। वही सन्त है सत्य, साध ले जो सबका हित्।

rahul singh
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yogis like sh. shivnath das ji maharaj and devraha baba are extremely rare.we are privileged to have done the ‘darshan’ of Him.

विकास आनन्द
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Being a diciple of Saint Shivnath Das ji i had privilage to know the solution of the ayodhya issue.Baba (Shiv nath Das ji )always use to say Hindu-Muslim unity will be maintain further.Rarely people find saints like devraha Bbaba, Saint Shivnath ji , Ram krisna Param Hans etc.

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