क्यों कहते हैं शिवरात्रि ?

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वर्ष 2017 महा शिवरात्रि —————————————————————————————- महाशिवरात्रि 2017 में 24 फरवरी— निशिथ काल पूजा- 24:08 से 24:59 पारण का समय- 06:54 से 15:24 (25 फरवरी) चतुर्दशी तिथि आरंभ- 21:38 (24 फरवरी) चतुर्दशी तिथि समाप्त- 21:20 (25 फरवरी) ——————————————————————- हिंदु शास्त्रों के अनुसार भगवान शिव मनुष्य के सभी कष्टों एवं पापों को हरने वाले हैं। सांसरिक कष्टों… Read more »

विविध रूपों में मनाया जाता है मकर संक्रान्ति

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अनिल अनूप मकर संक्रांति हिन्दुओं का प्रमुख त्यौहार है। चाहे वह महाभारत के समय की बात हो या फिर रामायण काल की बात हो या फिर अन्य पौराणिक ग्रन्थ हो, कहीं न कहीं मकर संक्राति का किसी न किसी रूप में वर्णन मिलता है। गोस्वामी तुलसी दास जी श्री रामचरित्र मानस में लिखते है- माघ… Read more »

मोक्ष का महासागर गंगासागर

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14 जनवरी गंगासागर पुण्य स्नान पर विशेष जगदीश यादव अंग्रेजों ने भी इस देश को साधु-संतों का देश कहा है। भारत की धरती ही एक मात्र जगह है जहां आस्था सिर चढ़कर बोलती है। यहां डुबते सूर्य को भी अर्घ्य प्रदान किया जाता है। पश्चिम बंगाल की जिस पावन भूमि में गंगा व सागर का… Read more »

प्राचीन भवनों के संरक्षण की अनुपम पहल

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  डॉ मयंक चतुर्वेदी संस्‍कृति एवं परंपरा के कभी जागृत नमूने रहे भवन आज भले ही अपने वैभव से दूर होकर अनेक स्‍थानों पर टूटे-फूटे स्‍मारकों में तब्‍दील हो गए हों, किंतु वे हैं तो हमारे अतीत का दिग्‍दर्शन करानेवाले आधार स्‍तम्‍भ ही। इसलिए उन्‍हें उनके प्राचीन गौरवपूर्ण स्‍वरूप में वापस लाकर उनसे निरंतर प्रेरणा… Read more »

इतिहास के आइने में 64वीं बांसी माघ मेला एव प्रर्दशनी

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डा. राधेश्याम द्विवेदी इतिहास एवं विस्तार :- बांसी भारत के मानचित्र पर 27040‘ उत्तरी अक्षांस तथा 820 56‘ पश्चिमी देशान्तर पर स्थित है। यह राप्ती नदी के किनारे बसा हुआ है जिसके इस पार मेंहदावल व डुमरियागंज तथा उस पार विस्कोहर , चिल्हिया तथा उस्का बाजार है। नदी के तट पर ही राजा साहब का… Read more »

वीर गाथा उन सुकुमारों की है जिनकी शहादत के समय अभी दूध के दाँत भी नहीं गिरे थे।

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छोटे साहिबजादों और माता गुजरी जी की शहीदी सूरा सो पहचानिये, जो लरै दीन के हेतु ।। पुरजा पुरजा कटि मरै, कबहु न छाडै खेतु ।।(सलोक कबीर जी) यह वीर गाथा उन सुकुमारों की है जिनकी शहादत के समय अभी दूध के दाँत भी नहीं गिरे थे। सन :1705 ईस्वी 20 दिसम्बर: की मध्यरात्रि का समय श्री गुरू गोबिन्द सिंघ जी की श्री… Read more »

रोग, राग, दुःख और दरिद्रता के निवारणार्थ स्कन्द षष्ठी व्रत

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अशोक “प्रवृद्ध” भारतीय सांस्कृतिक चिन्तन में जहाँ भगवान शिव आत्मा तत्त्व या सृष्टि के केंद्र विन्दु के रूप में स्वीकार किये जाते हैं , वहीं उनकी अर्धागिनी माता पार्वती शक्ति का शिखर बिन्दु मानी जाती हैं। पौराणिक ग्रन्थों के अनुसार आत्मा रूपी सत्य और शक्ति के संयोग से ही सृष्टि गतिशील होती है तथा आत्मा… Read more »

गुरु गोविन्द सिंह : सभ्यता और संस्कृति के प्रतीकपुरुष

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गुरु गोविन्द सिंह के 350वें प्रकाश उत्सव- 5 जनवरी 2017 – ललित गर्ग- भारत का सौभाग्य है कि यहां की रत्नगर्भा माटी में महापुरुषों को पैदा करने की शोहरत प्राप्त है। जिन्होंने अपने व्यक्तित्व और कर्तृत्व से न सिर्फ स्वयं को प्रतिष्ठित किया वरन् उनके अवतरण से समग्र विश्व मानवता धन्य हुई है। इसी संतपुरुषों,… Read more »

जानिए गृह वास्तु पूजन का प्रभाव, वास्तु पूजन का महत्त्व और वास्तु पूजन के लाभ-हानि —

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वास्तु का अर्थ है एक ऐसा स्थान जहाँ भगवान और मनुष्य एक साथ रहते हैं। हमारा शरीर पांच मुख्य पदार्थों से बना हुआ होता है और वास्तु का सम्बन्ध इन पाँचों ही तत्वों से माना जाता है। कई बार ऐसा होता है कि हमारा घर हमारे शरीर के अनुकूल नहीं होता है तब यह हमें… Read more »

हैप्पी न्यू ईयर या नववर्ष, तय कीजिए

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लोकेन्द्र सिंह दृश्य एक। सुबह के पांच बजे का समय है। चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रथम तिथि यानी वर्ष प्रतिपदा का मौका है। ग्वालियर शहर के लोग शुभ्रवेश में जल विहार की ओर बढ़े जा रहे हैं। जल विहार के द्वार पर धवल वस्त्र पहने युवक-युवती खड़े हैं। उनके हाथ में एक कटोरी… Read more »