बचपन पर सितम आख़िर कब तक!

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धीरेन्द्र गर्ग बच्चे हमारे सबसे मूल्यवान प्राकृतिक संसाधन हैं। वे समाज और संसार के नियंता हैं। नियंता इस दृष्टि से कि उनके द्वारा उस समाज को आगे बढ़ाया जाना है जिसमें उनका पालन हो रहा है, जिसमे उनका बचपन गुज़र रहा है। मानव जीवन के सबसे स्वतंत्र और स्वच्छंद समय को देखा जाए तो निःसंदेह… Read more »

आओ जानें डायनासोर की दुनिया

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अभिषेक कांत पाण्डेय स्टीवन स्पीलबर्ग की जुरासिक पार्क फ्रेंचाइजी की नई फिल्म ‘जुरासिक वर्ल्ड’ इन दिनों खूब धूम मचा रही है। इससे पहले भी एक फिल्म ‘जुरासिक पार्क’ आई थी, जिसने पूरी दुनिया में डायनासोर नाम के जीव से परिचय कराया था। तुमने भी वह फिल्म देखी होगी, आखिर कहां चले गए ये डायनासोर, कैसे… Read more »

मानसून आने वाला है

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मई और जून की तपती गर्मी के बाद होने वाली बारिश को मानसून कहा जाता है। तुम तो जानते हो कि बारिश के लिए बादलों वाला पानी होना जरूरी है, तभी तो बारिश होगी। तुमने यह भी सुना होगा कि इस बार मानसून देर से आएगा या बारिश कम होगी। इस मानसून के बारे आओ… Read more »

गलफ़ुल्ले

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खेल कूद कर जब घर आये गलफ़ुल्ले, अम्मा बापू  पर चिल्लाये गलफ़ुल्ले | अम्मा  ने तो केवल इतना बोला था, दस दिन से क्यों नहीं नहाये गलफ़ुल्ले | बापू भी तो पूछ रहे थे बस इतना घर क्यों बहुत देर से आये गलफ़ुल्ले | दादाजी ने जब गुस्से से डांटा तो, बोल नहीं  कुछ भी… Read more »

शिक्षा जगत में नकल के बदलते मायने

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  बी.आर.कौंडल             शिक्षक बच्चों के लिए मार्गदर्शक होते है | पहले से यह परंपरा रही है कि बच्चों को नैतिक मार्ग पर ले जाने के लिए माता-पिता के बाद शिक्षक ही एकमात्र ऐसा स्तंभ है जिस पर बच्चों के भविष्य की नींव रखी जाती है | यही कारण है कि शिक्षकों… Read more »

स्वस्थ परिवार की 10 आदतेँ

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आज के इस भागदौड़ के जीवन में वास्तविक जीवन से हम बहूत दूर होते जा रहे हैं | हम परिवर्तनों को नहीं रोक सकते परन्तु थोडा जागरूक होकर हम अपने परिवार में एक स्वस्थ वातावरण बना सकते हैं | स्वस्थ परिवार की दस आदतेँ अपनाकर हम बहुत अच्छा बदलाव कर सकते हैं | १. परिवार… Read more »

मुट्ठी में है लाल गुलाल‌

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नोमू का मुँह पुता लाल से.सोमू का पीली गुलाल से| कुर्ता भीगा राम रतन का.रम्मी के हैं गीले बाल| मुट्ठी में है लाल गुलाल| चुनियाँ को मुनियाँ ने पकड़ा.नीला रंग गालों पर चुपड़ा| इतना रगड़ा जोर जोर से.फूल गये हैं दोनों गाल| मुट्ठी में है लाल गुलाल| सल्लू पीला रंग ले आया.कल्लू ने भी हरा… Read more »

चीटी मेरी बेस्ट फ्रेंड है

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चीटी मेरी बेस्ट फ्रेंड है. बी ए.पास बी एड.ट्रेंड है| हर दिन लाँग ड्राइव पर जाती. अपने खुद को खुद ही चलाती| शक्कर गुड जैसे भोजन को. अपने सिर पर रख ले आती| करती है दिन रात परिश्रम. नहीं काम का कभी एंड है| चलती है तो चलती जाती. बिना रुके ही बढ़ती जाती| थकने… Read more »

हीरों का हार

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    एक रानी नहाकर अपने महल की छत पर बाल सुखाने के लिए गई। उसके गले में एक हीरों का हार था, जिसे उतार कर वहीं आले पर रख दिया और बाल संवारने लगी। इतने में एक कौवा आया। उसने देखा कि कोई चमकीली चीज है, तो उसे लेकर उड़ गया। एक पेड़ पर… Read more »

शहरी माहौल में संस्कार के पांच सूत्र

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  किसी भी बालक को शिक्षा भले ही विद्यालय से मिलती हो; पर उसकी संस्कारशाला तो घर ही है। महान लोगों के व्यक्तित्व निर्माण में उनके परिवार, और उसमें भी विशेषकर मां की भूमिका सर्वाधिक महत्वपूर्ण रही है। छत्रपति शिवाजी का वह चित्र बहुत लोकप्रिय है, जिसमें वे जीजामाता की गोद में बैठे कोई कथा… Read more »