हीरों का हार

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    एक रानी नहाकर अपने महल की छत पर बाल सुखाने के लिए गई। उसके गले में एक हीरों का हार था, जिसे उतार कर वहीं आले पर रख दिया और बाल संवारने लगी। इतने में एक कौवा आया। उसने देखा कि कोई चमकीली चीज है, तो उसे लेकर उड़ गया। एक पेड़ पर… Read more »

शहरी माहौल में संस्कार के पांच सूत्र

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  किसी भी बालक को शिक्षा भले ही विद्यालय से मिलती हो; पर उसकी संस्कारशाला तो घर ही है। महान लोगों के व्यक्तित्व निर्माण में उनके परिवार, और उसमें भी विशेषकर मां की भूमिका सर्वाधिक महत्वपूर्ण रही है। छत्रपति शिवाजी का वह चित्र बहुत लोकप्रिय है, जिसमें वे जीजामाता की गोद में बैठे कोई कथा… Read more »

इंसान बनो तुम

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    नवयुग की मुस्कान बनो  तुम। मानवता  के मान बनो तुम। विश्व क्षितिज पर ध्रुवतारे  सी, भारत की पहचान बनो तुम। नवयुग की मुस्कान बनो  तुम। चमको  चाँद सितारे बनकर। सबकी आँखों के तारे  बनकर। मातृभूमि के रखवाले हो, मातृभूमि की शान बनो  तुम। नवयुग की मुस्कान बनो  तुम। सुनना और  समझना सीखो। क्या कहना है, कहना सीखो। जीर्ण शीर्ण मान्यताएं  तोड़ो, जन-जन के अरमान  बनो तुम। नवयुग की मुस्कान बनो  तुम। शीतल मन्द समीर बनो  तुम। जन मानस के पीर बनो  तुम। तुलसी, सूर, कबीर, जायसी, घनानंद, रसखान बनो तुम। नवयुग की मुस्कान बनो  तुम। हँसना और हंसाना सीखो। सबको गले लगाना सीखो। जाति, धर्म, सीमाएं… Read more »

अच्छा लगता है

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  बच्चों का हँसना मुस्काना  अच्छा लगता है। अभी हमें चिड़ियों का गाना अच्छा लगता है।   माँ की मधुमिश्रित बातें मन को बहलाती हैं, दादी की  उजली  रातें  मन को  बहलाती हैं, घर में मेहमानों का  आना अच्छा लगता है। अभी हमें चिड़ियों का गाना अच्छा लगता है।   आँखों की  आँखों से  कहना … Read more »

चिड़िया

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मीठी-मीठी, प्यारी-प्यारी, लोरी रोज सुनाये चिड़िया। दूर देश अनजानी नगरी की भी, सैर कराये चिड़िया। खेतों-खलिहानों में जाकर, दाने चुंगकर लाये चिड़िया। बैठ घोसले में चूँ-चूँ कर, खाये और खिलाये चिड़िया।   अपने मधुमय कलरव से प्राणों में अमृत घोले चिड़िया। अपनी धुन में इस डाली से, उस डाली पर डोले चिड़िया। अपनी इस अनमोल… Read more »

संयुक्त राष्ट्र बाल अधिकार समझौते के 25 साल और भारत के बच्चे

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जावेद अनीस 20 नवम्बर 1989 को संयुक्त राष्ट्र की आम सभा द्वारा “बाल अधिकार समझौते” को पारित किया गया था इस साल 20 नवम्बर को इसके 25 साल पूरे हो रहे हैं । बाल अधिकार संधि ऐसा पहला अन्तराष्ट्रीय समझौता है जो सभी बच्चों के नागरिक, सांस्कृतिक, सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक अधिकारों को मान्यता देता… Read more »

गरीब बच्चों के लिये बाल दिवस का क्या मतलब ?

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      मिलन सिन्हा फिर बाल दिवस आ गया और चाचा नेहरु का जन्म दिवस भी । फिर अनेक सरकारी- गैर सरकारी आयोजन होंगे । स्कूलों में पिछले वर्षों की भांति कई कार्यक्रमों का आयोजन होगा, ढेरों बातें होंगी, बच्चों की भलाई के   लिए ढेर सारे वादे किये जायेंगे, तालियां बजेंगी, मीडिया में तमाम ख़बरें होंगी… Read more »

बाल पत्रकारिता : संभावना एवं चुनौतियां

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14 नवम्बर बाल दिवस पर विशेष लेख मनोज कुमार बीते 5 सितम्बर 2014, शिक्षक दिवस के दिन जब देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बच्चों से रूबरू हो रहे थे तब उनके समक्ष देशभर से हजारों की संख्या में जिज्ञासु बच्चे सामने थे। अपनी समझ और कुछ झिझक के साथ सवाल कर रहे थे। इन्हीं हजारों… Read more »

भाई दूज‌

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भाई दूज पर भालू ने, हथनी को बहन बनाया| उसके हाथों से माथे पर, लाल तिलक लगवाया| फिर बोला वह प्यारी बहना, मीठा तो खिलवाओ| हथनी बोली भैया पहले, सौ का नोट दिखाओ|

अक्ल बड़ी या भैंस‌

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प्रभुदयाल श्रीवास्तव    अक्ल बड़ी या भैंस‌ मेंडम  ने मुन्ना से पूछा, जरा दिमाग लगाओ| अक्ल बड़ी या भैंस बड़ी है, मुझे अभी समझाओ| मुन्ना बोला अभी बताता, बिल्कुल ना घबराओ| पहले उन दोनों की मुझको, जन्म दिनांक बताओ|