ईश्वर के यथार्थ स्वरूप को कौन जानता है?

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संसार में ईश्वर को मानने वाले और न मानने वाले दो श्रेणियों के लोग हैं। ईश्वर के अस्तित्व को न मानने वालों को नास्तिक कहते हैं। जो नास्तिक लोग हैं उनसे तो यह अपेक्षा की ही नहीं जा सकती है कि वह ईश्वर के सत्य स्वरूप जानते हैं। प्रश्न है कि जो ईश्वर को मानते हैं, क्या वह सब ईश्वर के सत्य स्वरूप को भी जानते हैं या नहीं?

वसिष्ठ के ब्रहम ज्ञान व बसावट से सम्बन्धित गाथा

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हर्षि वसिष्ठ का निवास स्थान से सम्बन्धित होने के कारण बस्ती और श्रावस्ती का नामकरण उनके नाम के शब्दों को समेटते हुए पड़ा है। दोनो स्थान आज दो रूप में देखे जा सकते हैं , परन्तु प्राचीन काल में ये एक ही इकाई रहे हैं।इसी क्रम में आज वशिष्ठ के विकास यात्रा के कुछ अनछुये पहलुओं एवं कुछ प्रमुख स्थलों की कहानी का

ईश्वर द्वारा जीवात्माओं को सुधार के अवसर देने की कोई सीमा नहीं

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मनमोहन कुमार आर्य हमारा स्वभाव ऐसा है कि जो लोग हमसे जुड़े हैं वह सभी हमारे अनुकूल हों और हमारी अपेक्षाओं को पूरा करें। यदि कोई हमारे अनुकूल नहीं होता व अपेक्षायें पूरी नहीं करता तो प्रायः हम उससे दूरी बना लेते हैं। ऐसे ही कारणों से पति व पत्नी के संबंध तक टूट जाते… Read more »

नदियों में स्नान का धार्मिक औचीत्य और महर्षि दयानन्द

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आज एक आर्य मित्र से प्रातः गंगा स्नान की चर्चा चली तो हमने इस पर उनके साथ विचार किया और हमारे मन में जो जो विचार आये उसे अपने मित्रों से साझा करने का विचार भी आया। हमारी धर्म व संस्कृति संसार के सभी मतों व पन्थों में सबसे प्राचीन व वैज्ञानिक है। प्राचीन काल में परमात्मा ने मनुष्यों को कर्तव्यों व अकर्तव्यों का ज्ञान कराने के लिए चार आदि ऋषियों को चार वेदों का ज्ञान दिया था।

ईश्वर न होता तो क्या यह संसार होता?

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मनमोहन कुमार आर्य हमारे इस संसार में जन्म लेने से पूर्व से ही यह संसार प्रायः इसी प्रकार व्यवस्थित रुप से चल रहा है। हमसे पूर्व हमारे माता-पिता, उससे पूर्व उनके माता-पिता और यही परम्परा सृष्टि के आरम्भ से चली आ रही है। इस परम्परा का आरम्भ कब व कैसे हुआ? इसका उत्तर है कि… Read more »

शुभ कार्यों और शादियों पर लगेगा ब्रेक, 15 दिसम्बर 2016 से मलमास होगा आरम्भ..

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सूर्य के बृहस्पति की धनुराशि में गोचर करने से 15 दिसम्बर 2016 से खरमास शुरू हो जाएगा। यह स्थिति 14 जनवरी 2017 तक रहेगी। इस कारण मांगलिक कार्य नहीं होंगे। जैसे ही 15 दिसंबर को सूर्य ग्रह धनु राशि में प्रवेश करेगा। मलमास शुरू हो जाएगा और इसी के साथ शादी विवाह पर ब्रेक लग जाएगा। ज्योतिषाचार्य 15 दिसंबर 2016 को ग्रहों का राजा सूर्य रात 8:53 बजे धनु राशि में प्रवेश करेगा। मलमास प्रारंभ हो जाएगा।

जानिये क्या है आपकी राशियों की ताकत (strength) और कमजोरी (weakness) ?

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जन्म के आधार पर राशियों का निर्धारण होता है और राशि के अनुसार स्वभाव का। कौन सी राशी वाले व्यक्ति के अंदर कौन सी सबसे बड़ी कमजोरी होती है जो आजीवन उसका पीछा करती है।ज्योतिष शास्त्र के पास हर एक चीज का जवाब है। फिर वह चाहे किसी व्यक्ति के जन्म के आधार पर भविष्य जानना हो या राशि के अनुसार स्वभाव जानने का। ज्योतिष स्पष्ट तौर पर हर व्यक्ति की अच्छाई या बुराई बता सकती है।

वेद का ज्ञान और भाषा प्राचीन व अर्वाचीन ग्रन्थों में सबसे उन्नत

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संसार में प्रचलित विकासवाद के सिद्धान्त के अनुसार संसार का क्रमिक विकास होता है। उनके अनुसार एक प्रकार के जीवाणु ‘अमीवा’ से मुनष्य व अन्य प्राणी बने हैं। भौतिक जगत व अमीवा किससे बने, इसका समुचित उत्तर उनके पास नहीं है। सूर्य, चन्द्र, पृथिवी व हमारे ब्रह्माण्ड का विकास नहीं अपितु विकास से ह्रास हो रहा है, अतः इस कारण विकासवाद का सिद्धान्त पिट जाता है।

सभी मनुष्यों पर ईश्वर के असंख्य उपकारों के कारण सभी उसके ऋणी

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मनमोहन कुमार आर्य क्या मनुष्य ईश्वर का ऋणी है? यदि है तो वह ईश्वर का ऋणी कब व कैसे बना? मनुष्य ईश्वर का ऋणी कब बना, इस प्रश्न का उत्तर है कि वह सदा से ईश्वर का ऋणी है और हर पल व हर क्षण उसका ऋण बढ़ता ही जा रहा है। यह बात और… Read more »

सत्यार्थप्रकाश ग्रन्थ का उद्देश्य और प्रभाव

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मनमोहन कुमार आर्य “सत्यार्थ प्रकाश” विश्व साहित्य में महान ग्रन्थों में एक महानतम् ग्रन्थ है, ऐसा हमारा अध्ययन व विवेक हमें बताता है। हमारी इस स्थापना को दूसरे मत के लोग सुनेंगे तो इसका खण्डन करेंगे और कहेंगे कि यह बात पक्षपातपूर्ण है। उनके अनुसार उनके मत व पंथ का ग्रन्थ ही सर्वोत्तम व महानतम्… Read more »