मेक इन इण्डिया व स्किल्ड इंडिया की परिकल्पना

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‘मेक इन’ व ‘स्किल्ड इंडिया’ की परिकल्पना साकार करेगा छत्तीसगढ़ का बजट– छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने 13 मार्च 2015 को विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2015-16 के लिए बजट पेश किया। बजट में पूंजीगत व्यय में 39 प्रतिशत वृद्धि की गई है। बजट में युवा, अधोसंरचना विकास एवं औद्योगिक विकास को प्राथमिकता दी… Read more »

“आप” की चुनौतियाँ और सम्भावनायें

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  जावेद अनीस 1 दिल्ली ने मोदी के साथ चलने से इनकार कर दिया है और अगले पांच सालों तक ‘अरविन्द केजरीवाल’ पर अपना भरोसा जताया है। दिल्ली ने एक बार फिर चौकाया है और सारे अनुमानों को गलत साबित करते हुए “आम आदमी पार्टी” को प्रचंड बहुमत दिया है। भाजपा का लगभग सफाया हो… Read more »

थोड़ा ठहर कर पढ़े इस अभूतपूर्व जनादेश को

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अतुल तारे यह जनादेश अभूतपूर्व है। आवश्यकता इस बात की है कि जनादेश को पहले पढ़ा जाए, फिर समझा जाए, उसके बाद प्रतिक्रिया देने पर विचार किया जाए। हम सबकी खासकर देश के राजनेताओं की मीडिया विश्लेषकों की समस्या यह है कि हम बेहद जल्दी में है। धैर्य समाज जीवन से लगभग अनुपस्थित है। राजनीतिक… Read more »

दिल्ली चुनाव का सबक

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बिना विचारे जो करे सो पीछे पछताए… प्रवीण दुबे दिल्ली के चुनाव पूर्ण हो गए और नई सरकार का रास्ता भी साफ हो गया। लेकिन यह चुनाव अपने पीछे बहुत कुछ छोड़ गए हैं। इन चुनावों ने भारतीय राजनीति और राजनीतिज्ञों को जो संदेश दिया है उसका विश्लेषण बेहद आवश्यक है। इस बात का आंकलन… Read more »

1 साल में केजरीवाल ने ऐसे पलटा पासा

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  14 फ़रवरी जी हां, दुनिया में इस दिन भले ही वैलेंटाइन डे मनाया जाता हो, लेकिन इस तीराख का अरविंद केजरीवाल की जिंदगी में एक खास महत्व है..एक साल पहले ठीक इसी दिन केजरीवाल ने जनलोकपाल के मुद्दे पर 49 दिनों में ही दिल्ली के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था..चारो तरफ केजरीवाल… Read more »

उपचुनाव परिणाम : सपा और कांग्रेस को संजीवनी

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सुरेश हिन्दुस्थानी देश में हुए विधानसभा उपचुनावों के परिणामों ने जो राजनीतिक स्थितियां पैदा की हैं, उससे उत्तरप्रदेश में समाजवादी पार्टी और राजस्थान में कांग्रेस को उल्लेखनीय सफलता मिली है। इसके अलावा गुजरात में भी कांग्रेस को खुशी मनाने लायक सीट प्राप्त हो गईं। यह परिणाम भारतीय जनता पार्टी के लिए चौंकाने वाले कहे जा… Read more »

भाजपा की हार और सेकुलरों की मौज

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हाल के सम्पन्न हुये उपचुनावों मे बीजेपी को अपेक्षित सफलता नहीं मिली हालांकि वो सबसे बड़ी पार्टी ही बनी रही, जिससे भाजपा से द्वेष की हद तक नफरत करने वाले तथाकथित सेकुलर बुद्धिजीवियों को टॉनिक मिल गया है और लोकसभा मे बीजेपी की जीत पर हुयी कुंठा को निकालने का मौका भी। समाचार चैनलो पर… Read more »

मीडिया के योगी, गरीब विरोधी

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-नीरज वर्मा- सरकारी गुणा-गणित के मुताबिक़, भारत के गांव और शहर में रहने वाला व्यक्ति अगर 30 व 40 रुपये रोज़ कमाता है, तो वो गरीब नहीं है ! अब इस तीस और चालीस रुपये का हिसाब देख लें ! दाल 80 रुपये, आटा 30 रुपये, टमाटर 90 , चावल 30, प्याज 70, आलू 30,… Read more »

भारतीय इतिहास का युग परिवर्तन

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-डॉ. कुलदीप चन्द अग्निहोत्री- नरेन्द्र मोदी भारत के नये प्रधानमंत्री बने हैं। भाजपा ने लोक सभा की ५४३ सीटों में से २८२ पर विजय प्राप्त कर स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया है।1984 के बाद भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि किसी दल को स्पष्ट बहुमत प्राप्त हुआ हो। सोनिया कांग्रेस… Read more »

ये कीचड़ के कमल…

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-तारकेश कुमार ओझा- गांव-देहात की शादियों का अनुभव रखने वाले भलीभांति जानते हैं, अमूमन हर बारात में कुछ पंडितजी टाइप बराती शामिल होते हैं। जो वधू पक्ष के दरवाजे पहुंचते ही उद्घोषणा करवा देते हैं कि वे किसी का छुआ नहीं खाते। अलबत्ता मेजबान के सामने वे यह विकल्प जरूर रखते हैं कि मिल जाए… Read more »