हमेशा अपने दमदार अभिनय से मां  के किरदार को जीवंत किया रीमा लागू ने (स्मृति-शेष)

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रीमा लागू का जन्म 1958 में हुआ था। रीमा के बचपन का नाम गुरिंदर भादभाड़े था। रीमा लागू जानीमानी मराठी एक्ट्रेस मंदाकनी भादभाड़े की बेटी हैं। रीमा लागू की अभिनय क्षमता का पता जब चला जब वह पुणे में हुजुरपागा एचएचसीपी हाई स्कूल में छात्रा थीं। हाई स्कूल पूरा करने के तुरंत बाद उनके अभिनय… Read more »

फिल्म ‘सरकार 3’ की समीक्षा

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डायरेक्टर:– रामगोपाल वर्मा स्टार कास्ट:—सरकार 3 में अमिताभ बच्चन के साथ मनोज बाजपेयी, यामी गौतम, अमित साध और जैकी श्रॉफ और रोहिणी हथनगाडी मुख्य भूमिका में हैं| फिल्म ‘काबिल’ में बेहतरीन अभिनय कर तारीफ बटोरने वाली यामी गौतम इस फिल्म में काफी एग्रेसिव रोल में हैं | अवधि: 2 घंटा 12 मिनट सर्टिफिकेट: U/A रेटिंग:… Read more »

मोदी के दौर की फिल्म है बाहुबली

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अगर सत्यजीत रे का सिनेमा नेहरु के दौर का प्रतिनिधित्व करता है तो बाहुबली मोदी के दौर का सिनेमा है जिसमें साहस है, शौर्य है, वैभवशाली और समर्थ भारत की एक कल्पना है। जहां नायक शपथ लेता है – मैं… महेंद्र बाहुबली माहिषमति की असंख्य प्रजा और उनके मान और प्राण की रक्षा करूंगा, इसके लिए यदि मुझे अपने प्राणों की आहुति भी देनी पड़ी तो पीछे नहीं हटूंगा।

मेरा शर्ट लौटाने आएंगे न विनोद जी?

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श्रद्धांजलि – विनोद खन्ना ओंकारेश्वर पांडेय आपके साथ गुजारे पल हम कभी नहीं भूलेंगे विनोद जी। याद है न आपको विनोद जी, सहारा टेलीविजन के लिए करगिल के शहीदों पर बने एक सीरिज की एंकरिंग आपने की थी। ग्रीन रूम में मेरा सफेद शर्ट आपको पसंद आ गया और आपने मुझसे उतरवा लिया था।और आप… Read more »

विनोद खन्नाः अभियन की स्कूल के प्रिसिंपल … .!!

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80 के दशक के शुरूआती वर्षों तक अभियन के इन दो धुरंधरों की टक्कर जारी रही। अक्टूबर 1984 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद अमिताभ बच्चन राजनीति में चले गए और इलाहाबाद से सांसद निर्वाचित होकर संसद भी पहुंच गए। तब विनोद खन्ना के लिए सुपर स्टार के रूप में उभरना आसान था। हालांकि फिल्म से दूरी के बावजूद अमिताभ बच्चन के प्रशंसकों के लिए किसी अन्य हीरों को सुपर स्टार के तौर पर स्वीकार करना मुश्किल था।

फिल्म समीक्षा (रिव्यु )– कटप्पा और बाहुबली की गुत्थी सुलझाता है ‘बाहुबली 2

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फिल्म का नाम: बाहुबली 2: द कन्क्लूजन डायरेक्टर: एस एस राजामौली स्टार कास्ट: प्रभास , राणा दग्गुबत्ती, अनुष्का शेट्टी, तमन्ना भाटिया , सथ्यराज, राम्या कृष्णन , अवधि: 2 घंटा 47 मिनट सर्टिफिकेट: U/A रेटिंग: 5 स्टार डायरेक्टर एस एस राजामौली का नाम आते ही ‘मगाधीरा’ और ‘ईगा’ और अब ‘बाहुबली: द बिगिनिंग’ जैसी फिल्में आंख… Read more »

समर्पित अभिनेता और राजनेता की तरह हमेशा याद किये जाएंगे विनोद खन्ना 

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विनोद खन्ना ने अपने राजनैतिक कैरियर की शुरुआत भाजपा से की। विनोद खन्ना 1997 में पहली बार पंजाब के गुरदासपुर क्षेत्र से भाजपा की ओर से सांसद चुने गए। इसके बाद 1999 के लोकसभा चुनाव में गुरदासपुर लोकसभा से ही दूसरी बार जीतकर संसद पहुंचे। विनोद खन्ना को 2002 में अटल बिहारी वाजपेई सरकार में संस्कृति और पर्यटन के केंद्रीय मंत्री बनाया गया। 6 महीने के बाद उनका विभाग बदलकर उनको अति महत्वपूर्ण विदेश मामलों के मंत्रालय में राज्य मंत्री बना दिया गया। 2004 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने गुरदासपुर लोकसभा सीट से फिर से चुनाव जीता। हालांकि, 2009 के लोकसभा चुनाव में विनोद खन्ना को हार का सामना करना पड़ा। लेकिन एक बार फिर 2014 लोकसभा चुनाव में विनोद खन्ना गुरदासपुर लोकसभा से चैथी बार चुनाव जीतकर संसद पहुंचे।

ब्लू माउंटेंस-एक फिल्म ही नहीं, सन्देश भी

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‘ब्लू माउंटेंस’ के बहाने बच्चों से जुड़ी फिल्मों को प्रोत्साहन का धरातल तैयार होना चाहिए। हमारे देश में बच्चों की फिल्मों के लिये सरकारी प्रोत्साहन बहुत जरूरी है। अमेरिका के न्यूयार्क में 18 ऐसे सिनेमाहाल हैं, जहां हमेशा बच्चों से जुड़ी फिल्में दिखाई जाती हैं और इन फिल्मों को देखने के लिए हमेशा भीड़ होती है। अपने बच्चों के साथ मां-बाप फिल्में देखने आते हैं। खास तौर पर वीकेंड में तो ये भीड़ डबल से ज्यादा हो जाती है।

इतिहास से खिलवाड़ का किसी को हक नहीं

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महारानी पद्मावती पर केन्द्रित दो प्रख्यात महाकाव्य ‘पद्मावत’ और ‘जौहर’ हिन्दी-साहित्य में उपलब्ध हैं। सूफी संत परम्परा के कवि जायसी ने 947 हिजरी अर्थात सन् 1540 ईसवी के लगभग ‘पद्मावत’ महाकाव्य की रचना पूर्ण की। इसमें चित्तौड़ पर अलाउद्दीन खिलजी के आक्रमण और पद्मावती के जौहर का सविस्तार वर्णन है किन्तु कहीं भी पद्मावती की प्रस्तुति खिलजी की प्रेमिका के रुप में नहीं है।

फिल्म ‘रंगून” की समीक्षा

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रेटिंग: 3/5 स्टार स्टार कास्ट:— सैफ अली खान, शहीद कपूर, कंगना रनावत निर्देशक-संगीत:– विशाल भारद्वाज निर्माता :—- विशाल भारद्वाज, साजिद नाडियाडवाला बैनर :— वायकॉम 18 मोशन पिक्चर्स, विशाल भारद्वाज पिक्चर्स प्रा.लि., नाडियाडवाला ग्रैंडसन एंटरटेनमेंट मूवी टाइप: रोमांटिक ड्रामा अवधि:– 2 घंटा 44 मिनट सेंसर सर्टिफिकेट : — यूए * 2 घंटे 48 मिनट विशाल भारद्वाज… Read more »