स्पर्धा में खेल भावना हर हाल में बनी रहने दें

Posted On by & filed under खेल जगत, मनोरंजन, विविधा

भारत में क्रिकेट की दीवानगी का अंदाजा अनेक उदाहरणों को देखकर लगाया जा सकता है । इसी प्रकार के उदाहरणों में सामाजिक मीडिया में घूम रहे एक वीडियो ने पूरे भारत का ध्यान अपनी ओर खींचा जिसमें 18 जून को लंदन में में भारत और पाकिस्तान के बीच खेले गये चैम्पियन्स ट्राॅफी के फाईनल मुकाबले में भारत का पलडा हल्का होते देख एक मासूम बच्चे की आॅंखों से गिरते आॅंसू और उस पर उसकी माॅं द्वारा किस तरह उसका उलाहना-मिश्रित मजाक उडाया गया । ऐसा इसलिये कि भारत में क्रिकेट को एक पर्व की तरह मनाया जाता है । जनता इन मुकाबलों को देखने के लिये अपनी दिनचर्या के अनेक महत्वपूर्ण कामकाज का त्याग और बलिदान भी करती है । यदि मुकाबला चित-परिचित टीमों के साथ हो तो उसका रोमांच कई गुना बढ जाता है ।

कामयाबी से भरा रहा साल

Posted On by & filed under खेल जगत, जन-जागरण

साल 2016 में टीम इंडिया का प्रदर्शन साल 2016 टीम इंडिया के लिए शानदार रहा। टीम इंडिया ने इस दौरान इस एक भी टेस्ट मैच नहीं गंवाया। तो वहीं कोहली की अगुआई में टीम ने टेस्ट रैंकिग में नंबर एक की पोजिशन पर काबिज हुई। धोनी की कप्तानी में टीम इंडिया टी-20 विश्व कप में… Read more »

मै मरते दम तक भारतीय रहूंगी:सानिया मिर्जा

Posted On by & filed under खेल जगत

-अनिल अनूप सानिया मिर्जा का जन्म मुंबई में हुआ और उनके पिता इमरान मिर्जा एक खेल सवांददाता थे और माँ एक निजी प्रिटिंग कंपनी में काम करती थी | सानिया की शुरुआत की शिक्षा मुम्बई के ही एन ए एस आर स्कूल से हुई और इसके बाद उन्होंने वहीं के सेंट मैरी कॉलेज से अपनी… Read more »

खत्म होती बादशाहत

Posted On by & filed under खेल जगत, मनोरंजन, विविधा

इस सीरीज़ के खत्म होने के बाद आस्ट्रेलिया को अपने घरेलू मैदान पर साउथ अफ्रीका से टेस्ट सीरीज़ खेलनी थी.. लेकिन दौरे के पहले टेस्ट में ही आस्ट्रेलिया को पर्थ में पटखनी में मिल गई.. और साउथ अफ्रीका ने उसे आसानी से 177 रनों से हराकर तीन टेस्ट मैचों की सीरीज़ में 1-0 की बढ़त बना ली.. ये पर्थ में साउथ अफ्रीका की आस्ट्रेलिया पर लगातार तीसरी जीत थी…

हठयोग पर ठिठका क्रिकेट…

Posted On by & filed under खेल जगत, मनोरंजन, विविधा

अहम बात यह है कि अगर श्रृंखला रद्द होती है कि तो मामला बीसीसीआइ से हटकर लोढ़ा समिति की तरफ आ जाएगा कि सीरीज उनकी वजह से नहीं हो सकी.. जिसके बाद टकराव का यह मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल को प्रभावित करेगा। इस एक फैसले से सिर्फ क्रिकेट या किसी क्रिकेट बोर्ड की नहीं बल्कि भारत की बदनामी होगी।

यहाँ तो घर की मुर्गी दाल बराबर ही है !

Posted On by & filed under खेल जगत, मनोरंजन, व्यंग्य

स्थिति ऐसी लगती है जैसा कबड्डी के साथ घर की मुर्गी दाल बराबर जैसा व्यवहार हो रहा है । वर्ल्ड कप , वर्ल्ड कप होता है चाहे वे किसी भी खेल का क्यों न हो पर अपने यहाँ तो वर्ल्ड कप मतलब क्रिकेट वर्ल्ड कप और कुछ नही । ये बात समझी जा सकती है कि व्यक्ति की खेल भावना मे एकाएक बड़ा बदलाव सम्भव नही है और न ही कोई क्रिकेट प्रेमी एकाएक कबड्डी प्रेमी बनकर उसकी बारिकियों का विश्लेषण कर सकता है और एकाएक इतने बड़े बदलाव की उम्मीद न तो समाज हमसे करता और न ही उस खेल के खिलाड़ी , वे तो बम इस इतनी

इंडियन सुपर लीग : भारतीय फुटबॉल के विस्तार का सुनहरा मंच

Posted On by & filed under खेल जगत, विविधा

इस सत्र में भारतीय खिलाड़ियो का एक नया बेड़ा देखने को मिलेगा। जे.जे. लालपेखलुआ, सुनील छेत्री और यूगेनेसन लींगदोह खुद को देश के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी साबित कर चुके हैं और देखना दिलचस्प होगा कि इस बार कौन से खिलाड़ी उम्मीदों की कसौटी पर खुद को साबित करता है। युवा खिलाड़ी प्रोनय हेल्डर पर भी इस बार सबकी नजरें टिकी हैं…

संघर्ष के सितारे………….

Posted On by & filed under खेल जगत, विविधा

हौंसलों में हो उड़ान तो कुछ भी नामुमकिन नहीं होता। जज्बा और जुनून जीत की ऐसी इबारत लिख देते हैं कि जीत के किस्से मिसाल बन जाते हैं। लाख कमियों और कठिनाइयों के बावजूद इंसान अपनी मंजिल के लिए प्रयासरत होता.. और खुद पर भरोसा भी रखता है। हौंसलों को अपने पंख बनाकर वह ऐसी… Read more »

जैसी प्राथमिकताएं वैसा प्रदर्शन और परिणाम

Posted On by & filed under खेल जगत, मनोरंजन, विविधा

तनवीर जाफ़री रियो ओलंपिक खेल समाप्त होने के बाद एक बार फिर हमारे देश में इस विषय पर चर्चा तेज़ हो गई है कि दुनिया में आबादी के लिहाज़ से दूसरे नंबर पर आने वाले इस विशाल देश में आिखर ओलंपिक खेलों में पदक जीतने वाले खिलाडिय़ों की संख्या न के बराबर क्यों रहती है?… Read more »

खेलों में खत्म होना चाहिये लैंगिक आधार पर भेदभाव

Posted On by & filed under खेल जगत, मनोरंजन, विविधा

(29 अगस्त 2016, खेल दिवस पर विशेष) खेल कई नियम कायदों द्वारा संचालित ऐसी गतिविधि है जो हमारे शरीर को फिट रखने में मदद करती है। आज इस भागदौड भरी जिन्दगी में अक्सर हम खेल के महत्व को दरकिनार कर देते हैं। आज के समय में जितना पढना-लिखना जरूरी है, उतना ही खेल-कूद भी जरूरी… Read more »