संतुलन ही स्वास्थ्य है

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संतुलित जीवन में सौम्यता, सद्भावना, सदाचार एवं सद्वृत्ति जैसे सद्गुणों का प्रादुर्भाव होता है। वहीं असंतुलन की स्थिति में दुर्भावना, दुराचार एवं दुष्प्रवृत्ति जैसे दुर्गुण जन्म लेते हैं। परिवर्तन प्रकृति का नियम है किन्तु संतुलित एवं सातत्यपूर्ण परिवर्तन ही शुभ एवं कल्याणकारी होते हैं। असंतुलित एवं सातत्यविहीन परिवर्तन अशुभ, अमांगलिक एवं विध्वन्सकारी होते हैं। कलियों… Read more »

योग –एक वैज्ञानिक विवेचना

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डा श्याम गुप्त भारतीय दर्शन में मानव जीवन का लक्ष्य , धर्म, अर्थ, काम ,मोक्ष-ये चार पुरुषार्थ हैं, जिनमें अन्तिम लक्ष्य मोक्ष को परम पुरुषार्थ माना गया है। वेदिक व उपनिषदीय ज्ञान के अनुसार अन्तिम लक्ष्य अमृत प्राप्ति या मोक्ष है, यही वास्तविक मोक्ष है । योग शास्त्र के अनुसार ’ आत्मा का परमात्मा से… Read more »

योग को मिलेगी अंतरराष्ट्रिय मान्यता

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संदर्भः- संयुक्त राष्ट्र में योग दिवस मनाए जाने पर 130 देशों का समर्थन। प्रमोद भार्गव   शायद आने वाले 10 दिसंबर को योग दिवस मनाए जाने के प्रस्ताव को संयुक्त राष्ट्र की मान्यता मिल जाएगी और हरेक साल 21 जून को योग दिवस मनाए जाने का अंतरराष्ट्रिय स्तर पर सिलसिला शुरु हो जाएगा। अंतरराष्ट्रिय योग… Read more »

शिविर लगाकर जान लेने का तमाशा बंद होना चाहिए

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रमेश पाण्डेय छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में नसबंदी के बाद हुई 13 महिलाओं की मौत देश ही नहीं विदेशी मीडिया की सुर्खियां बना हुआ है। इस घटना के बाद हर कोई यह जानने की कोशिश कर रहा है कि आखिर इसके लिए असली गुनाहगार कौन है। इसे लेकर राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने अपनी… Read more »

बच्चों के बिना अधूरा है स्वच्छ भारत का सपना

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जावेद अनीस भारत में स्वच्छता का नारा काफी पुराना है लेकिन अभी भी देश की एक बड़ी आबादी गंदगी के बीच अपना जीवन बिताने को मजबूर है। 2011 की जनगणना के अनुसार राष्ट्रीय स्वच्छता कवरेज 46.9 प्रतिशत है जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में यह औसत केवल 30.7 प्रतिशत है। अभी भी देश की 62 करोड़ 20… Read more »

गायों को ऑक्सीटोसीन इंजेक्शन क्यों ?

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  आधुनिक मनुष्य अपने स्वार्थ की पूर्ति के लिए पालतू पशुओं के साथ सहअस्तित्व की भावना का निर्वाह न करते हुए जो दुर्व्यवहार कर रहा है, प्रकृति उसे कभी माफ नहीं कर सकती। सर्वविदित है कि माँ के दूध पर संपूर्ण अधिकार उसके बच्चे का होता है। हालांकि मानव अपने व्यावसायिक हितों का ध्यान रखते हुये… Read more »

दिमाग के भूसे में विचार की सूई

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डॉ प्रवीण तिवारी भूलने की बीमारी बहुत आम होती है। आप याद रखने के लिए कई जतन करते हैं। कई बार तो हम किसी और को बोल देते हैं कि मुझे फलां बात याद दिला देना लेकिन होता ये है कि वो भी इस बात को भूल जाता है। कई मौकों पर ये तरकीब काम… Read more »

”भगवान” माने जाने वाले डाक्टरों का इलाज कौन कर सकता है ?

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इक़बाल हिंदुस्तानी पी एम मोदी भी अस्पतालों में गरीबों की अनदेखी से चिंतित हैं।    ऑल इंडिया मेडिकल इंस्टिट्यूट यानी एम्स के एक समारोह में प्रधनमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले दिनों डाक्टरों द्वारा गांवो और गरीब मरीज़ों की अनदेखी का मुद्दा उठाकर एक बार फिर यह संदेश देने की कोशिश की है कि उनकी नज़र… Read more »

मधुमेह की सरल सफल चिकित्सा

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मधुमेह (DIABITIS /डायबिटिस) की सरल सफल चिकित्सा यह चिकित्सा मधुमेह मे जरूर लाभ करती है। बहुत ही आसानी से बन जाती है परंतु बहुत प्रभावशाली है। विजयसार – यह एक बड़ा पेड़ है जो मध्य प्रदेश से लेकर पूरे दक्षिण भारत मे पाया जाता है। इसकी लकड़ी के टुकड़े हर जड़ी बूटी बेचने वाले पर… Read more »

रोगोत्पादक सूक्ष्म जीवाणु और हमारा सुरक्षा तंत्र

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आज पूरा विश्व स्वास्थ्य समस्यायों से जूझ रहा है, यह उसी तरह है जैसे भारत में उग्रवाद । हम उग्रवाद के लिये पड़ोसियों को दोष दे सकते हैं किंतु वास्तविकता यह है कि विदेशी उग्रवाद को भारत में पनपने के लिए जिस उर्वरता की आवश्यकता है वह भारत की अपनी आंतरिक अव्यवस्था से उत्पन्न होती… Read more »