लघु उद्योग दिवस

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डा. राधेश्याम द्विवेदी किसी विशेष क्षेत्र में भारी मात्रा में सामान का निर्माण,उत्पादन या वृहद रूप से सेवा प्रदान करने के मानवीय कर्म को उद्योग (industry) कहते हैं। उद्योगों के कारण गुणवत्ता वाले उत्पाद सस्ते दामों पर प्राप्त होते है जिससे लोगों का रहन-सहन के स्तर में सुधार होता है और जीवन सुविधाजनक होता चला… Read more »

हिन्दू संघटन : गांधीजी, स्वामी श्रद्घानंद और स्वातंत्र्य वीर सावरकर

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राकेश कुमार आर्य सफल वक्ता वही होता है जो श्रोताओं को अपनी बात से सहमत और संतुष्ट तो कर ही ले साथ ही उसकी भाषण कला ऐसी हो जिससे लोग वही कुछ करने के लिए प्रेरित और आंदोलित भी हो उठें जिसे वह वक्ता उनसे कराना चाहता है। भाषण के अंत में यदि नेता कहे… Read more »

मनु और वत्र्तमान राजनीति की विश्वसनीयता भाग-2

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राकेश कुमार आर्य महर्षि मनु अपने राजधर्म में राजा की पहली योग्यता बताते हुए कह रहे हैं कि ‘राजा’ ब्राह्मण के समान परम विद्वान होना चाहिए। कारण कि परम विद्वान राजा ही परम विद्वान ब्राह्मण से राजकाज संबंधी कार्यों के संबंध में गूढ़ चर्चा कर सकेगा। यदि ‘राजा’ मूर्ख है या अनपढ़, अशिक्षित या निरक्षर… Read more »

जगनेर के किले को आल्हा-ऊदल के मामा राजा राव जयपाल ने बनवाया

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डा. राधेश्याम द्विवेदी ताजनगरी आगरा से करीब 40 किलोमीटर दूर जगनेर का ऐतिहासिक किला है। उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में जगनेर एक छोटा सा शहर और एक नगर पंचायत है । यह पत्थर और सरसों के तेल निकासी के लिए प्रसिद्ध है। जगनेर के शहर के चारों ओर एक पहाड़ी किला है जो खुद… Read more »

झंडेवाला पार्क का क्रांतिवीर शहीद ”गुलाब सिंह लोधी”

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(81 वें बलिदान दिवस 23 अगस्त 2016 पर विशेष) भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन का इतिहास ऐसे वीर वीरांगनाओं की कहानियों से भरा पडा है। जिनके योगदान को कोई मान्यता नहीं मिली है। ऐसे ही हमारे अमर शहीद गुलाब सिंह लोधी हैं। जिनका योगदान भी भारतीय स्वतंत्रता संग्राम मैं अग्रणी रहा है। लेकिन दुर्भाग्य यह रहा है… Read more »

सम्राट विक्रमादित्य की नगरी उज्जयिनी

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शीतलकुमार अक्षय इतिहासकारों के अनुसार वैसे तो इस उज्जैन में पूर्वोत्तर समय के दौरान कई राजा-महाराजाओं का अधिपत्य स्थापित रहा है, लेकिन सर्वाधिक रूप में यह नगरी सम्राट विक्रमादित्य की नगरी के रूप में स्थापित रही है। सम्राट विक्रमादित्य को न्यायप्रिय सम्राट माना जाता है और उनके बारे में कई किवदंतिया प्रचलित है। इतिहासकारों ने… Read more »

भारत में देशी रियासतें और उनका इतिहास

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डा. राधेश्याम द्विवेदी ब्रिटिश राज के दौरान अविभाजित भारत में नाममात्र के स्वायत्त राज्य थे। इन्हें आम बोलचाल की भाषा में “रियासत”, “रजवाड़े” या व्यापक अर्थ में देशी रियासत कहते थे। ये ब्रिटिश साम्राज्य द्वारा सीधे शासित नहीं थे बल्कि भारतीय शासकों द्वारा शासित थे। परन्तु उन भारतीय शासकों पर परोक्ष रूप से ब्रिटिश शासन… Read more »

स्वाभिमानी महाराणा प्रतापसिंह बढ़ चले हल्दीघाटी की ओर

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राकेश कुमार आर्य   शक्तिसिंह का शक्ति प्रदर्शन एक बार की बात है कि राणा उदयसिंह के दरबार में हथियार निर्यातक/निर्माता व्यक्ति अपने हथियारों का प्रदर्शन करने के लिए आया हुआ था, तब वह हथियार निर्यातक व्यक्ति अपनी एक तलवार की तीव्र धार का प्रदर्शन रूई को काट-काटकर के दिखा रहा था। इतने में ही… Read more »

भारत का स्वतंत्रता दिवस – 15 अगस्त 2016

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भारत में प्रत्येक वर्ष 15 अगस्त को “स्वन्त्रता दिवस” के रुप में मनाया जाता है। वर्ष 2016 में भारत अपना 70वाँ स्वतंत्रता दिवस मनायेगा।15 अगस्त 1947 को भारत में प्रथम स्वतंत्रता दिवस मनाया गया था। भारत के लोगों के लिये ये दिन बहुत महत्वपूर्ण होता है। वर्षों की गुलामी के बाद ब्रिटिश शासन से इसी… Read more »

अकबर जैसे पहाड़ से टकराने को उद्यत हो गये महाराणा प्रताप

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राकेश कुमार आर्य महाराणा से अपेक्षित व्यवहार महाराणा प्रताप के जीवन का उद्देश्य (राजकाज संभालने के पश्चात) अकबर का विरोध करना ही हो सकता था या कोई और भी? क्या उस समय कोई ऐसा मार्ग था -जिसे अपनाकर महाराणा प्रतापसिंह अपना और अपने देश का सम्मान बचा सकते थे? यदि इस प्रश्न पर गंभीरता से… Read more »