“ऐसी शादी में नहीं जाना चाहता जहाँ केवल फूल फेकना हो।“- नीरज भारद्धाज

Posted On by & filed under साक्षात्‍कार

फिल्म और टीवी अभिनेता नीरज भारद्धाज के फिल्म इंडस्ट्री में १५ साल पूरे हुए   दूरदर्शन नेशनल पर चल रहे धारावाहिक,’बंधन कच्चे धागों का’ को दर्शकों द्वारा काफी पसंद किया और जोकि सुपरहिट हो गया है।जिसका प्रसारण प्रत्येक सोमवार से शुक्रवार दोपहर दो बजे हो रहा है। जिसका निर्माण त्रिशक्ति फिल्म्स के बैनर तले निर्माता… Read more »

ड्रग्स के खिलाफ हमारी लड़ाई जारी रहेगी : आर.के. विश्वजीत

Posted On by & filed under साक्षात्‍कार

पूर्वोत्तर का एक राज्य मणिपुर… जिसे ‘भारत का आभूषण’ की भी संज्ञा दी जाती है। प्राकृतिक संपदाओं से परिपूर्ण भारत का यह हिस्सा अब सरकारी सुविधाओं के आधार पर विकास की नई इबारत भी लिख रहा है। मगर यहां के युवा खुद को नशे के मोहपाश से नहीं बचा पाए हैं। आंकड़ों में स्पष्ट है… Read more »

राष्ट्र के प्रति प्रेम और समर्पण ही सच्चा राष्ट्रवाद है : विनय बिदरे

Posted On by & filed under साक्षात्‍कार

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् में विभिन्न दायित्वों का निर्वहन करते हुए प्रांत मंत्री, राष्ट्रीय मंत्री और अब राष्ट्रीय महामंत्री के लिए पुनर्निर्वाचित श्री विनय बिदरे मूलतः कर्नाटक प्रांत के तुमकुर जिला के बिदरे गांव के हैं। वर्ष 1998 से वह अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् (अभाविप) के संपर्क में आये। अपने शैक्षणिक जीवन में इन्होंने कई… Read more »

समाजवादी पार्टी का अस्तित्व खुद संकट में है, वो भला कांग्रेस को क्या बचा पाएगी ???

Posted On by & filed under साक्षात्‍कार

उत्तर प्रदेश को अगर देश की राजनितिक धड़कन कहा जाये तो यह अतिश्योक्ति नहीं होगी.ऐसे में जबकि उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने को है ,जाहिर सी बात है कि देश का सियासी पारा गर्म तो होगा ही .उत्तर प्रदेश की तमाम राजनीतिक उठापटक के बीच केंद्र में सत्तारूढ़ दल भारतीय जनता पार्टी की क्या… Read more »

विश्वविद्यालयों के लालरंग में दबा आम जनमानस का साहित्य

Posted On by & filed under साक्षात्‍कार

साहित्य यूँ तो समाज का दर्पण कहा जाता है लेकिन क्या हो जब यह दर्पण किसी ख़ास विचारधारा का मुखपत्र भर बन कर रह जाये ? क्या हो जब साहित्य के नाम पर विचारधारा का प्रचार किया जाने लगे .साहित्य की दुनिया में एक खास विचारधारा की तानाशाहियों पर खुलकर बातचीत की हिंदी –विभाग,दिल्ली –विश्वविद्यालय… Read more »

मेरा कुर्ता पकड़कर अब कौन खींचेगा ? – राजेन्द्र सिंह

Posted On by & filed under साक्षात्‍कार

अनुपम स्मृति तालाब जितने सुंदर व श्रेष्ठ होंगे, अनुपम की आत्मा उतना सुख पायेगी – राजेन्द्र सिंह प्रस्तुति: अरुण तिवारी हम सभी के अपने श्री अनुपम मिश्र नहीं रहे। इस समाचार ने खासकर पानी-पर्यावरण जगत से जुडे़ लोगों को विशेष तौर पर आहत किया। अनुपम जी ने जीवन भर क्या किया; इसका एक अंदाजा इसी… Read more »

बुन्देलखण्ड के मालवीय थे परमपूज्य स्वामी ब्रह्मानंद जी

Posted On by & filed under शख्सियत, साक्षात्‍कार

(122वीं जयंती 04 दिसंबर 2016 पर विशेष) स्वामी ब्रह्मानंद का व्यक्तित्व महान था। उन्होंने समाज सुधार के लिए काफी कार्य किए। देश की स्वतंत्रता के लिए उन्होंने जहां स्वयं को समर्पित कर कईआंदोलनों में जेल काटी। आजादी के बाद देश की राजनीति में भी उनका भावी योगदान रहा है। स्वामी जी ने शिक्षा के क्षेत्र… Read more »

स्वास्थ्य मौलिक अधिकार बने

Posted On by & filed under साक्षात्‍कार

प्रभांशु ओझा मजरूह सुल्तानपुरी का बड़ा प्रसिद्ध शेर है कि –मै तो अकेला ही चला था ज़निबे मंजिल मगर ,लोग मिलते गए और कारवां बनता गया. सच ही है की अगर किसी कार्य का दिल से जूनून और जज्बा हो आपके मन में तो उसकी शुरुवात बिना किसी का इंतजार किये अकेले भी की जा… Read more »

योगाचार्य स्वामी दिव्यानन्द सरस्वती जी से साक्षात्कार

Posted On by & filed under साक्षात्‍कार

एक बार मैं साधना में था, मुझे पता ही नहीं चला कि सत्संग यज्ञ भी खतम हो गया। दो घंटे यज्ञ चलता है। रात्रि हो गई। साधको ने अनुभव किया और कहा कि स्वामी जी आपको समाधि लग गई, आपको पता नहीं चला। हम तो यज्ञ भी करके आ गये।’ स्वामी जी ने हमें कहा कि हमें भी इसी प्रकार से साधना करनी चाहिये। सभी लोगों को साधना जरूर करनी चाहिये। अपने विषय में वह बोले, ‘मुझे जो कार्य दिया गया, मैंने युक्ति व बल से किया। किसी काम को मैंने भार रूप अनुभव नहीं किया। सभी कामों को मैंने सदैव श्रद्धापूर्वक किया।’

विकेन्द्रित जल प्रबंधन ही बाढ़-सुखाड़ मुक्ति का एकमात्र उपाय है।

Posted On by & filed under साक्षात्‍कार

जलपुरुष ने तोड़ी चुप्पी प्र. सुना है कि पानी के मामले में उत्तर प्रदेश सरकार आजकल आपके मार्गदर्शन में काम रही है ? उ. मेरा सहयोग तो सिर्फ तकनीकी सलाहकार के रूप में है। वह भी मैं अपनी मर्जी से जाता हूं। प्र. उ. प्र. सरकार अपने विज्ञापनों में आपके फोटो का इस्तेमाल कर रही… Read more »