टीआरपी के रेस में संस्कृति का मज़ाक मत बनाइए

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अनुश्री मुखर्जी मुझे इस विवाद में नहीं पड़ना कि रियलिटी शोज ने 1990 के दशक में भारत में जब दस्तक दी थी, तब किसकी सरकार थी और उस वक्त ये क्यों नहीं देखा गया कि भारत में रिएलिटी शोज का जो खांका तैयार हो रहा है वो सारे फॉर्मेट विदेशों की कॉपी हैं और सच… Read more »

किसी ‘ बटखरे ‘ के बोझ तले दब कर भ्रामक खबरें दिखाना मीडिया का काम नहीं है

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तृणमूल नेत्री व बंगाल की मुख्यमंत्री सुश्री ममता बनर्जी के बाद राजद ही एक मात्र ऐसा राजनीतिक दल है जो केन्द्र सरकार के नोटबन्दी के अव्यावहारिक फैसले के खिलाफ अपने नेता श्री लालू प्रसाद यादव के नेतृत्व में सड़क पर उतरा है l राजनीति में विरोध का स्वर तभी प्रखर व प्रभावी होता है जब… Read more »

दक्षिण सिनेमा से हिन्दी सिनेमा में सबसे पहले सफल होने वाली अभिनेत्री वैजयंतीमाला

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-अनिल अनूप हिन्दी फिल्मों में शीर्ष स्थान पाना बहुत ही मुश्किल होता है. आज के दौर में तो प्रतियोगिता है ही पहले भी सितारों में आगे जाने की होड़ लगी रहती थी. ऐसे में अभिनेत्रियों के लिए तो फिल्मों में खुद को सफल कराना और सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्रियों की लिस्ट में शामिल कराना और भी मुश्किल… Read more »

कभी टीवी और फिल्मों के बारे में सोचा नहीं: बोधिसत्व

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-अनिल अनूप डॉ. बोधिसत्व ने अपने बचपन में यह तो ज़रूर सोचा था कि उन्हें लोकप्रिय होना है, लेकिन टेलीविजन और फिल्मों के लेखन द्वारा प्रसिद्धि मिलेगी यह उन्होंने कभी नहीं सोचा था। उन्होंने आमृपाली, 1857 क्रांति, शंकुंतला, रेत, जय हनुमान, कहानी हमारे महाभारत की, देवों के देव महादेव जैसे कई धारावाहिक लिखे और शिखर… Read more »

फिदेल कास्त्रो : एक क्रांतिकारी जीवन का उत्सव

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– विनीत तिवारी फिदेल कास्त्रो 90 वर्ष की उम्र में एक दीर्घ सक्रिय जीवन जीने के बाद २५ नवम्बर २०१६ को इस दुनिया से रुखसत ज़रूर हुए लेकिन वे करोड़ों – अरबों दिलों में हमेशा के लिए बसे रहेंगे। वे बेशक दुनिया के दूसरे सिरे पर मौजूद एक छोटे से देश के शासक थे लेकिन… Read more »

सरकार द्वारा 500 और 1000 की करेंसी के विमुद्रीकरण के उद्देश्यों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतू कुछ और सुझाव / प्रतिवेदन

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प्रतिष्ठा में, श्री नरेंद्र मोदी जी माननीय प्रधानमंत्री भारत सरकार नई दिल्ली – 110001 बिषय : सरकार द्वारा 500 और 1000 की करेंसी के विमुद्रीकरण के उद्देश्यों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतू कुछ और सुझाव / प्रतिवेदन माननीय महोदय, आपकी सरकार द्वारा उपरोक्त फैसले को तीव्र गति से लागू किये जाने के लिए उठाये गए कदमों… Read more »

‘भारत की ज्ञान परंपरा’ पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संविमर्श 5 दिसम्बर से

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माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय,भोपाल की ओर से ‘भारत की ज्ञान परंपरा’ विषय पर 5-6 दिसम्बर को दो दिवसीय राष्ट्रीय संविमर्श का आयोजन किया जा रहा है।

प्रवक्ता डॉट कॉम : मीडिया एवं राष्ट्रीय सुरक्षा पर 19 नवंबर 2016 को सेमीनार

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प्रवक्ता डॉट कॉम के सफलतम आठ साल पूरे होने पर नई दिल्ली के स्पीकर हॉल, कांस्टिट्यूशन क्लब में 19 नवंबर को एक संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। मीडिया एवं राष्ट्रीय सुरक्षा विषय पर होने वाली इस संगोष्ठी की अध्यक्षता आईआईएमसी के महानिदेशक श्री के.जी.सुरेश करेंगे ।

मर्यादा उल्लंघन का दंड

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मीडिया को ऐसा सब-कुछ परोसने की छूट नहीं मिलनी चाहिए, जो राष्ट्रविरोधी हो ? वैसे भी टेलीविजन दृष्य व श्रव्य माध्यम है और इसका तत्काल व्यापक असर पड़ता है। हालांकि ऐसा नहीं है कि टीवी पत्रकारिता को नियंत्रण में रखने या सजा देने के नियम हैं ही नहीं। केबल टीवी नेटवर्क (नियम) अधिनियम के तहत काबू करने के कानून हैं।

खत्म हुई मुश्किल

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चूंकि जिन फिल्मों के प्रदर्शन को लेकर विवाद चल रहा है, उन फिल्मों में काम करने वाले कलाकार वैध तरीके से वीजा लेकर काम कर रहे हैं। इसलिए फिल्मों में न तो उन्हें काम देना गलत है और न ही उनका काम करना गलत है। इसलिए इन कलाकारों की फिल्मों पर रोक वैधानिक नहीं कहीं जा सकती थी ? वैसे हमारे यहां अभिव्यक्ति की आजादी को संवैधानिक सुरक्षा प्राप्त है।