इतिहास से खिलवाड़ का किसी को हक नहीं

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महारानी पद्मावती पर केन्द्रित दो प्रख्यात महाकाव्य ‘पद्मावत’ और ‘जौहर’ हिन्दी-साहित्य में उपलब्ध हैं। सूफी संत परम्परा के कवि जायसी ने 947 हिजरी अर्थात सन् 1540 ईसवी के लगभग ‘पद्मावत’ महाकाव्य की रचना पूर्ण की। इसमें चित्तौड़ पर अलाउद्दीन खिलजी के आक्रमण और पद्मावती के जौहर का सविस्तार वर्णन है किन्तु कहीं भी पद्मावती की प्रस्तुति खिलजी की प्रेमिका के रुप में नहीं है।

सामाजिक सरोकार और स्टारडम

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कई राजनैतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रियंका गांधी को भी अपनी माँ सोनिया गांधी से उनकी संपत्ति में पचास प्रतिशत हिस्सा मांग लेना चाहिए क्योंकि जिस तरीके से पूरी कांग्रेस और श्री राहुल गांधी परफॉर्म कर रहे है उससे बहुत संभव है की श्रीमती सोनिया गांधी की आधी से ज़्यादा संपत्ति राहुल जी को लॉन्च करने में व्यय हो जाये।

दोषी कौन: ठग या लालची लोग?

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नोएडा का अनुभव मित्तल उस्तादों का उस्ताद निकला। इस 26 वर्षीय नौजवान ने अपनी एक कंपनी के जरिए लगभग 7 लाख लोगों को ठगा और उनसे 37 अरब रु. डकार गया। इस वक्त वह और उसके दो साथी जेल की हवा खा रहे हैं। मित्तल के पहले भी देश की कुछ नामी-गिरामी कंपनियों के मालिक… Read more »

आखिरकार ये  विज्ञापन जनता को क्या देते हैं?

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-अनिल अनूप दूरदर्शन पर कीटनाशक, चूहानाशक, भोजन-वस्त्र-आवास के घटक, प्रसाधन सामग्री, स्वाथ्यवर्द्धक, आदि-आदि चीजों से लेकर निरोध, गर्भनिरोधक, उत्तेजनावर्द्धक रसायन तक के विज्ञापन आखिरकार जनता को क्या देते हैं? परिवार नियोजन, साक्षरता अभियान, आयकर, गर्भपात, घूस, अनाचार, यातायात नियम, पर्यावरण सुरक्षा, नेत्रदान आदि की उपयोगी सूचनाएँ विज्ञापन के माध्यम से दी जाती हैं, जनता क्रमश:… Read more »

खतरा तो है पत्रकारिता के भविष्य पर…

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अजय जैन ‘विकल्प’ अखबारों और पत्रकारों कॊ अब नए प्रकार के खतरे का सामना करना पड़ सकता है,जिसका संकेत रोबोट पत्रकार ने दे दिया है।यकीनन आश्चर्यजनक बात और ख़बर है कि,रोबोट ने पत्रकार की तरह भीड़ की ख़बर मात्र 1सेकंड में लिख दी है। ये खतरनाक कारनामा पहली बार अखबार में छपा रोबोट पत्रकार का… Read more »

टीआरपी के रेस में संस्कृति का मज़ाक मत बनाइए

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अनुश्री मुखर्जी मुझे इस विवाद में नहीं पड़ना कि रियलिटी शोज ने 1990 के दशक में भारत में जब दस्तक दी थी, तब किसकी सरकार थी और उस वक्त ये क्यों नहीं देखा गया कि भारत में रिएलिटी शोज का जो खांका तैयार हो रहा है वो सारे फॉर्मेट विदेशों की कॉपी हैं और सच… Read more »

किसी ‘ बटखरे ‘ के बोझ तले दब कर भ्रामक खबरें दिखाना मीडिया का काम नहीं है

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तृणमूल नेत्री व बंगाल की मुख्यमंत्री सुश्री ममता बनर्जी के बाद राजद ही एक मात्र ऐसा राजनीतिक दल है जो केन्द्र सरकार के नोटबन्दी के अव्यावहारिक फैसले के खिलाफ अपने नेता श्री लालू प्रसाद यादव के नेतृत्व में सड़क पर उतरा है l राजनीति में विरोध का स्वर तभी प्रखर व प्रभावी होता है जब… Read more »

दक्षिण सिनेमा से हिन्दी सिनेमा में सबसे पहले सफल होने वाली अभिनेत्री वैजयंतीमाला

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-अनिल अनूप हिन्दी फिल्मों में शीर्ष स्थान पाना बहुत ही मुश्किल होता है. आज के दौर में तो प्रतियोगिता है ही पहले भी सितारों में आगे जाने की होड़ लगी रहती थी. ऐसे में अभिनेत्रियों के लिए तो फिल्मों में खुद को सफल कराना और सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्रियों की लिस्ट में शामिल कराना और भी मुश्किल… Read more »

कभी टीवी और फिल्मों के बारे में सोचा नहीं: बोधिसत्व

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-अनिल अनूप डॉ. बोधिसत्व ने अपने बचपन में यह तो ज़रूर सोचा था कि उन्हें लोकप्रिय होना है, लेकिन टेलीविजन और फिल्मों के लेखन द्वारा प्रसिद्धि मिलेगी यह उन्होंने कभी नहीं सोचा था। उन्होंने आमृपाली, 1857 क्रांति, शंकुंतला, रेत, जय हनुमान, कहानी हमारे महाभारत की, देवों के देव महादेव जैसे कई धारावाहिक लिखे और शिखर… Read more »

फिदेल कास्त्रो : एक क्रांतिकारी जीवन का उत्सव

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– विनीत तिवारी फिदेल कास्त्रो 90 वर्ष की उम्र में एक दीर्घ सक्रिय जीवन जीने के बाद २५ नवम्बर २०१६ को इस दुनिया से रुखसत ज़रूर हुए लेकिन वे करोड़ों – अरबों दिलों में हमेशा के लिए बसे रहेंगे। वे बेशक दुनिया के दूसरे सिरे पर मौजूद एक छोटे से देश के शासक थे लेकिन… Read more »