वीर गाथा उन सुकुमारों की है जिनकी शहादत के समय अभी दूध के दाँत भी नहीं गिरे थे।

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छोटे साहिबजादों और माता गुजरी जी की शहीदी सूरा सो पहचानिये, जो लरै दीन के हेतु ।। पुरजा पुरजा कटि मरै, कबहु न छाडै खेतु ।।(सलोक कबीर जी) यह वीर गाथा उन सुकुमारों की है जिनकी शहादत के समय अभी दूध के दाँत भी नहीं गिरे थे। सन :1705 ईस्वी 20 दिसम्बर: की मध्यरात्रि का समय श्री गुरू गोबिन्द सिंघ जी की श्री… Read more »

भारत खो गया-भारत मिल गया

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राकेश कुमार आर्य 15 अगस्त 1947 को जब स्वतंत्र हुआ तो उससे पूर्व 14 अगस्त को भारत का विभाजन हो चुका था, और पाकिस्तान नाम का एक नया देश विश्व मानचित्र पर उभर आया था। भारत से प्रेम करने वाले लोगों को देश का यह विभाजन बहुत ही कष्टकर प्रतीत हुआ। इस कष्ट को मिटाने… Read more »

यूरोपीय देशों में घुमड़ता नफ़रत का सैलाब !

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विज्ञान का सामान्य सिद्धांत है कि क्रिया की प्रतिक्रिया होती है ! इस्लामी आतंकवाद की प्रतिक्रिया से यूरोपीय देश कैसे अछूते रह सकते थे ! हाल ही में ब्रिटेन में संपन्न हुए जनमत संग्रह में निर्णायक बहुमत से यूरोपीय संघ छोड़ने के पक्ष में जो मतदान हुआ है, उसके मूल में भी यही प्रतिक्रिया है… Read more »

आजीवन हिन्दू रहे गौतम बुद्ध!

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हमारे अनेक बुद्धिजीवी एक भ्रांति के शिकार हैं, जो समझते हैं कि गौतम बुद्ध के साथ भारत में कोई नया ‘धर्म’ आरंभ हुआ। तथा यह पूर्ववर्ती हिन्दू धर्म के विरुद्ध ‘विद्रोह’ था। यह पूरी तरह कपोल-कल्पना है कि बुद्ध ने जाति-भेदों को तोड़ डाला, और किसी समता-मूलक दर्शन या समाज की स्थापना की। कुछ वामपंथी… Read more »

आयुध भंडारों में आग, लाइजाज लापरवाही

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प्रमोद भार्गव कोई दुर्घटना एक बार हो तो चूक कहलाती है, दो बार हो तो गलती, लेकिन बार-बार इसी प्रकृति की घटनाएं सामने आ रही हों, तो यह स्थिति देश की सुरक्षा व्यवस्था के लिए आत्मघाती लापरवाही है। देश के ही नहीं एशिया के सबसे बड़े आयुध भंडार पुलगांव में लगी आग, इस नजरिए से… Read more »

मजहब और तस्लीमा नसरीन

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तस्लीमा नसरीन मुस्लिम कट्टरपंथ के विरूद्घ आवाज उठाने के लिए प्रसिद्घ रही हैं। उन्होंने इस्लाम के कथित भ्रातृत्व के कितने ही मिथकों को तोडक़र लोगों के सामने नंगा करने का साहस किया है। वह नारी के बराबरी के अधिकारों के लिए इस्लाम के भीतर भी और बाहर भी संघर्ष करने के लिए जानी जाती रही… Read more »

विलियम जोन्स का  षड्यंत्र

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डॉ. मधुसूदन सारांश: (१) छद्म संस्कृत धर्म ग्रंथ रचा जाए। (२) इसाइया की वाणी (Gospel) का संस्कृत अनुवाद किया जाए। (३) पर उसकी  निराशा:==> रोम के मिशन द्वारा, हिन्दू मतांतरित नहीं होंगे। (४) मनु स्मृति में प्रक्षेपित अंश डालना। (५) ग्रंथों को भारत से बाहर भिजवाना (चोरी?) (एक) धर्म को नष्ट, और इतिहास को विकृत… Read more »

उभरती अयोध्या का आग़ाज़

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अमित राजपूत अयोध्या.. यानी श्री राम जन्मभूमि स्थल। जी हाँ, यद्यपि श्री राम की जन्मस्थली अयोध्या आए दिन चर्चा और विवादों का विषय बनी रहती है। तथापि यह व्यक्तिगत मेरे लिए किसी विवाद का विषय नहीं है और न ही हो सकता है। प्रमाण स्वरूप मैने आलेख के आरम्भ में ही अयोध्या को श्री राम… Read more »

आमिर का अपने बयान पर कायम होने का अर्थ

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डॉ. निवेदिता शर्मा आखिर दो दिन के अंतराल के बाद आमिर खान ने अपने बयान पर सफाई दी है, पर अभी भी वे इस बात पर डटे हुए हैं कि देश में असहिष्णुता का माहौल कायम है या बढ़ रहा है। इस पर हद तो यह है कि उनके समर्थन में संगीतकार ए.आर. रहमान से… Read more »

कामवासना की अमूल्य ऊर्जा

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कामवासना की अमूल्य ऊर्जा-१ आधुनिक समाज, चिकित्सकों और वैज्ञानिकों में यह विचार गहरी जड़े जमा चुका है कि शुक्र रक्षा या ब्रह्मचर्य का पालन करना शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लियें हानिकारक है। वीर्य रक्षा तथा ब्रह्मचर्य अज्ञानता है, धार्मिक अंधविश्वास है और पिछड़ेपन की बात है। आधुनिकता से इस पिछड़े अंधकार युग के विचारों… Read more »