वीरेन्द्र सिंह परिहार
अब जब अन्ना हजारे ने सशक्त लोकपाल को लेकर एक बार फिर से 27 दिसम्बर से अनशन शुरू कर दिया है, और 30 दिसम्बर से उन्होने जेल भरो आन्दोलन की घोषणा की है, उससे एक बार वह फिर सीधे कांग्रेस के निशाने पर आ गए है। एक समाचार ...
निर्मल रानी
मंत्रीपद हासिल करने की लालच में अथवा किसी अन्य तरीके से सत्ता में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से या फिर किसी पार्टी का टिकट पाने के आश्वासन पर राजनैतिक नेताओं द्वारा दलबदल किए जाने की प्रवृति अब हमारे देश में लगभग आम होती जा रही है। ज़ाहिर ...
ए एन शिबली
हिंदुस्तान में जब भी चुनाव का समय आता है चाहे वह विधानसभा चुनाव हों या लोकसभा चुनाव सबसे अधिक बहस इस बात को लेकर होती है कि इस बार मुसलमान किसे वोट देंगे। चूंकि भारत में मुसलमानों की एक बड़ी संख्या बस्ती है, इसलिए अधिकांश राज्यों में पार्टी ...
जैसे - जैसे नजदीक आता जा रहा है वैसे - वैसे सभी राजीनीतिक दलों के दिल की धड़कने तेज़ होती दिख रही है | हाल ही में स्टार न्यूज़ का नील्सन ओपिनियन पोल बताता है कि इस बार यूपी में बसपा कों भारी सीटों का नुकसान होने वाला है आंकड़े ...
शिवानन्द द्विवेदी "सहर"
अन्ना के लोकपाल आन्दोलन ने जैसे-जैसे अपना प्रसार कीया राजनीति उसे मुद्दागत रूप से हथियाने के लिए बढ़ चढ़ कर आगे आई ! सभी दल अपने सिद्धांतो एवं राजनीतिक समीकरणों के आधार पर लोकपाल के प्रति अपना रुख तय करने में लगे हुए है ! आज अगर बी.जे.पी ...
हालांकि यह पहले से ही तय था कि सोनिया गांधी जल्द ही राहुल पर पार्टी की बड़ी जिम्मेदारी डालेंगी, डाल भी दी थी महासचिव बना कर, मगर जैसे ही उन्हें किसी अज्ञात बीमारी का इलाज कराने के लिए विदेश जाना पड़ा, उन्हें चार दिग्गजों के कार्यवाहक ग्रुप का सदस्य बना ...
राजीव खण्डेलवाल
विश्व के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश भारत के लोकतंत्र की संवैधानिक सर्वोच्च संस्था हमारी संवैधानिक रूप से चुनी गई 'संसद' है। संसद के दोनों सदन में लोकसभा, राज्यसभा के कुल मिलाकर ७८८ (५४५+२४३) सदस्य है जो न केवल देश के लिये कानून बनाते है बल्कि समवर्ती सूची में उल्लेखित ...
प्रमोद भार्गव
संसद की सर्वोच्चता को कौन ठेंगा दिखा रहा है, यह तथ्य अब सार्वजनिक होकर जनमानस में पैठ बनाने लगा है। इसलिए सत्ताधारी और उसके सहयोगी घटक दलों के जो लोग यह दम भरते हैं कि 'संसद जैसी संवैधानिक संस्थाओं के अधिकारों और विश्वासों को जाने - अनजाने में कम ...
लिमटी खरे
अर्थशास्त्री नहीं राजनीतिज्ञ हो गए हैं मनमोहन
देश के सबसे कमजोर प्रधानमंत्री डॉ.मनमोहन सिंह भले ही खुद को लाचार, बेबस और अर्थशास्त्री बता रहे हों किन्तु हकीकत यह है कि प्रधानमंत्री खुद सत्ता का स्वाद चखते रहने के लिए समझौतावादी नीति को अपना रहे हैं। अपने संगी साथियों को देश ...
अरविन्द विद्रोही
संसद भवन में डॉ भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा स्थल के समीप देश १६३ सांसदों ने सामाजिक न्याय की मांग को बुलंद करते हुये विगत बुधवार को धरना दिया| अपनी मांगो के लिए धरना देना ,ज्ञापन देना आदि संवैधानिक -लोकतान्त्रिक अधिकार भारत के सभी नागरिको को प्राप्त है और सांसद ...
इक़बाल हिंदुस्तानी
आम आदमी और वीआईपी लोगों के लिये अलग अलग कानून? इंटरनेट के भी सदुपयोग के फायदों के साथ साथ दुरुपयोग के नुक़सान भी मौजूद हैं लेकिन केवल इस एक वजह से अभिव्यक्ति की आज़ादी पर रोक नहीं लगाई जा सकती। हमारे दूरसंचार मंत्री कपिल सिब्बल जी सुना है वकील ...
भ्रष्टाचार के खात्मे हेतु जिस मजबूत लोकपाल की मांग की जा रही है, अब उसमें कुछ स्वार्थी तत्व पलीता लगाने में जुट गए हैं| अन्ना टीम और सरकार के बीच लोकपाल पर ज़ारी जंग के बीच बुधवार को संसद भवन के बाहर बी. आर. अंबेडकर की प्रतिमा के निकट करीब ...
निर्मल रानी
उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री सुश्री के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में 1980 में घूम-घूम कर आख़िररकार दलित समाज को यह समझा पाने में सफल रही थीं कि यदि दलित समाज सिर उठाकर समाज में जीना चाहता है तथा अपना व अपने बच्चों का मान-सम्मान,विकास एवं उत्थान चाहता है तो ...
शादाब जफर शादाब
रविवार को अन्ना हजारे ने एक बार फिर से महात्मा गांधी की समाधि राजघाट पर पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद जंतर मंतर से लोकपाल के हक मैं और काँग्रेस और सरकार के विरोध में हुंकार भरी। पर मुझे न जाने क्यो अब ऐसा लगने लगा है कि न ...
संजय सक्सेना
अगले दो-तीन साल भारतीय राजनीति के लिए काफी महत्वपूर्ण होंगे। इस दौरान कई राज्यों में विधान सभा चुनाव के अलावा 2014 में आम चुनाव भी होने हैं।सबसे अहम चुनाव देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश के माने जा रहे हैं, जो छह माह के भीतर सम्पन्न हो जाएगें। ...
सिद्धार्थ शंकर गौतम
११ तारीख रविवार को दिल्ली के रामलीला मैदान पर अपने एक दिन के सांकेतिक अनशन में अन्ना ने लोकपाल बिल पर सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल उठाये| सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि इस बार अन्ना ने सीधे-सीधे राहुल गाँधी को मजबूत लोकपाल बिल पास न ...
राजीव गुप्ता
जब आप सच्चे दिल से किसी चीज को पाने का दृढ निश्चय कर लेते हैं तथा उसे पाने के लिए अपना कदम आगे बढ़ा देते हैं तो सबसे पहले आपकी दृढ़ता को ईश्वर द्वारा अनेकों कसौटियों पर परखा जाता हैं और अगर आप उन कसौटियों पर खरे उतर जाते ...
सत्ता की भूख कितनी अजीर्ण पैदा करती है; इसकी ताज़ा बानगी है- कांग्रेस और रालोद का गठबंधन| कोई भी सत्ता-सुख से विमुख नहीं होना चाहता; इस हेतु जोड़तोड़ की राजनीति का चलन जोर पकड़ता जा रहा है| तत्कालीन कांग्रेसनीत संप्रग सरकार सत्ता में वापसी के बाद से विभिन्न मुद्दों पर ...
लिमटी खरे
सौ करोड़ से संवरेगी नेहरू गांधी परिवार की तस्वीर
भारत गणराज्य की स्थापना के बाद जितने भी प्रधानमंत्री हुए हैं उनमें से नेहरू गांधी परिवार (महात्मा गांधी नहीं) के योगदान को अविस्मरणीय बनाने और कांग्रेस की नजर में भविष्य के वजीरेआजम राहुल गांधी के प्रधानमंत्री बनने के मार्ग प्रशस्त करने ...
लिमटी खरे
सौ करोड़ से संवरेगी नेहरू गांधी परिवार की तस्वीर
भारत गणराज्य की स्थापना के बाद जितने भी प्रधानमंत्री हुए हैं उनमें से नेहरू गांधी परिवार (महात्मा गांधी नहीं) के योगदान को अविस्मरणीय बनाने और कांग्रेस की नजर में भविष्य के वजीरेआजम राहुल गांधी के प्रधानमंत्री बनने के मार्ग प्रशस्त करने ...