मौसम के लिहाज से यह समय श्रीनगर जाने और ठाठ से बीसेक दिन रहने का है। पर भारी मन से ही सही, मुझे वहां से लौटे कुछ दिन बीत गए। दौरा चुनावी था और उसके अपने कायदे थे। खैर! कश्मीर वादी से लौटने के बाद अब कुछ रीता सा अनुभव ...
इस्लाम के नाम पर अस्तित्व में आए 'पाकिस्तान' के हालत को देख कर भष्मासुर की कहानी याद आती है । वो कहानी आप सबने सुनी होगी । 'एक बार भगवान शंकर ने भष्मासुर को वरदान दे डाला कि जिसके सर पर हाथ रखेगा वह भष्म हो जाएगा । बस फ़िर ...
एक समय था जब भारतीय समाज को उसकी सभ्यता और मधुभाषिता के लिए जाना जाता था। समाज में कोई किसी के लिए अपशब्दों का प्रयोग नहीं करता था और अगर कोई बोल भी दे तो उसे समाज में बुरा माना जाता था। धीरे-धीरे समय बदला लेकिन गालियों को सामाजिक रूप ...
जी हां जमीं से आसमां के सफर की ही बात हो रही है। लेकिन आपके मन में ये सवाल उठ रहा होगा की किसका सफर? मैं नेताओं के सफर की बात कर रहा हूं...
एक समय था जब नेता जनता से मिलने के लिये पैदल यात्रा पर निकलते थे, उनकी बातें ...
मालेगांव विस्फोट मामले की एक प्रमुख अभियुक्त साध्वी प्रज्ञा ठाकुर पर भायखला जेल में एक कैदी ने हमला बोल दिया, जिससे उनके चेहरे और गले पर चोटें आ गई हैं। प्रज्ञा के वकील के मुताबिक उन्होंने महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण कानून (मकोका) की अदालत में एक आवेदन देकर इस मामले ...
बिहार के बक्सर संसदीय क्षेत्र का एक गाँव जहाँ मनमोहन और सुशासन बाबु के दावों की कलई खुलती नज़र आती है । बिजली -पानी-सड़क -शिक्षा-रोजगार जैसी आधारभूत जरूरते अधूरी है । बार-बार वादे ! हर बार नए -नए नारे ! आख़िर वादाखिलाफी से तंग आकर उनका गुस्स्सा फूट पड़ा । ...
योगऋषि स्वामी रामदेव जी महाराज का देश को स्वावलम्बन तक ले जाने का जो प्रयास है वह सचमुच सराहनीय है. आज जब पूरा देश विनाश की राह पर चल पडा है तब स्वामी जी ने जो कदम हमारे देश की स्वाधीनता को ध्यान में रखकर बढाया है वह जरुर ही ...
“ मैं यहाँ सब कुछ छोड़ कर आई थी गाँव से। गाँव में मेरे घर की बड़ी सी ज़मीन थी जिन्हें इनके (शौहर की ओर इशारा करते हुए) ताया-आया ने घेर लिया। अब यहाँ से भी भगाया जा रहा है हमें। हम तो यहाँ से भी गए और वहाँ से ...
यह है मुगलकालीन बाजार पर दीक्षितकालीन छौंक ! लालकिले से दो-तीन फर्लांग दूर एक मुगलकालीन इलाका है। नाम है- चांदनी चौक। पुरानी दिल्ली का यह तंग इलाका चंद पेचिदां गलियों से घिरा एक बड़ा बाजार है, जिससे हम हिन्दुस्तानियों के रिश्ते बड़े रूहानी हैं।
सन् 1646 में जब मुगल बादशाह ...
इतनी आपा-धापी और उथल-पुथल भरे राजनितिक व आर्थिक परिदृश्य में बांकी चिन्ताओ से परे 'सेक्स चर्चा' -स्त्री विमर्श की आड़ में खूब फल- फूल रहा है। क्या आउटलुक और क्या ब्लॉग! मोहल्ले की फैलाई इस बीमारी ने किस-किस को संक्रमित कर दिया कहना मुश्किल है! इसके बरक्स कई अन्य ब्लोगरों ...
भरतपुर जिले की वैर तहसील की इटामड़ा ग्राम पंचायत के गांव नगला-धाकड़ में रहने वाले धाकड़ जाति के लोगों की आजीविका का मुख्य आधार खेती और पशुपालन रहा है। लेकिन छोटी जोतें और उस पर अनुपजाऊ भूमि स्थानीय ग्रामीणों के जीवन की एक फांस बन चुकी थी और हालात भरण-पोषण ...
आशिस नंदी ने अपने एक मशहूर लेख में बताया था कि गांधी को मारनेवाला सिर्फ़ वही नहीँ था जिसकी पिस्तौल से गोली चली थी, बल्कि इस साज़िश को हिन्दुस्तानियोँ के एक बड़े तबक़े का मौन-मुखर समर्थन हासिल था। सत्ता की राजनैतिक मुख्यधारा के लिए वे काँटा बन चुके थे, और ...
देश में शिक्षा के क्षेत्र में चल रहे गोरखधंधे को जानना और समझना हो तो इस दृष्टि से इंदौर के इंस्टीटयूट आफ मैनेजमेंट स्टडीज यानी आईएमएस के एमबीए ई-कामर्स के किसी विद्यार्थी से बातचीत की जा सकती है। वैसे तो यह संस्थान देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के अंतर्गत आता है और ...
आज से छह महीने पहले लोग जिस श्रीराम सेना को जानते भी नहीं थे, आज मीडिया की मेहरबानी से एक जाना पहचाना नाम बन गया है। जरा सोचिए श्रीराम सेना के दर्जन भर कार्यकर्ताओं ने अमनेसिया पब, मंगलौर (कर्नाटक) पर हमला करके अखबरों में जितनी खबर पाई और इलैक्ट्रानिक चैनलों ...
हिन्दी सिनेमा में मजाज़ी इश्क़ (सांसारिक प्रेम) पर लिखे गीतों के रुतबे को तो सभी महसूस करते ही होंगे ! इधर मैं कुछ दिनों से इश्क़-विश्क के उन गीतों को ढूंढ रहा था जो खासकर वैलेंटाइन डे पर लिखे गए हैं। अभी सफर जारी है। इस दौरान तत्काल जो गीत ...
मैं एक सम्भ्रान्त परिवार से सम्बन्ध रखता हूं। हम दकियानूसी नहीं है। उदारवादिता और आधुनिकता हमारी पहचान है।
हम वैलेन्टाइन डे को बुरा नहीं मानते । कुछ मूढ़ रूढ़िवादी व्यक्तियों व संगठनों की तरह। वस्तुत: मैं तो समझता हूं कि हम एक हज़ार वर्ष से अधिक समय तक ग़ुलाम रहे उसका ...
पब संस्कृति को खत्म करने के नाम पर श्रीराम सेना के लोगों ने बड़ा उत्पात मचाया। इस दौरान युवतियों के साथ जो बेअदबी हुई, उससे भारतीय संस्कृति से जुड़े कई गहरे सवाल खड़े हुए हैं। इसपर बहस जारी है और यह जरूरी है।
दरअसल, खान-पान निहायत व्यक्तिगत पसंद की चीज ...
भारतीय संस्कृति के समुद्र में अनेक संस्कृतियां समाहित हैं। भारत की धरती पर अब एक नई संस्कृति उभर रही है पब कलचर। इस नई संस्कृति के उदगम में समाज नहीं वाणिज्य और बाज़ारभाव का योगदान अमूल्य है। पर मंगलौर में एक पब में जिस प्रकार से महिलाओं और लड़कियों पर ...
डिब्रूगढ़ (असम) से हाल ही में दिल्ली आए एक व्यक्ति से मुलाकात हुई। वे हिन्दी सिनेमा बड़े चाव से देखते हैं। उन्होंने कहा, डिब्रूगढ़ आते-जाते जब भी ट्रेन भागलपुर स्टेशन पहुंचती है तो फिल्म- 'गंगाजल-द हौली वैपन ' की खूब याद आती है। यह फिल्म शहर में हुई अंखफोड़वा कांड ...
सुबह-सबेरे दिल्ली की सड़कों पर चलते वक्त यदि आटो रिक्शा के पीछे लिखा दिख जाय बुरी नजर वाले तेरा मुंह काला तो अन्यथा न लें बल्कि गौर करें। क्या ये चुटकीली पंक्तियां शहरी समाज के एक तबके को मुंह नहीं चिढ़ा रही हैं? गौरतलब है कि ऐसी सैकड़ों पंक्तियां तमाम ...