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रमजान और स्वास्थ्य

रमजान और स्वास्थ्य -विजय कुमार कुछ दिन पूर्व दूरदर्शन पर एक मौलाना रमजान का महत्व बता रहे थे। पहले तो उन्होंने इसे अध्यात्म से जोड़ा और फिर स्वास्थ्य रक्षा और शरीर शुद्धि से। उन्होंने बताया कि जैसे अन्य धर्मों में व्रत और उपवास होता है, वैसे ही हमारे यहां रोजे होते हैं। रोजे को स्वास्थ्य ...

August 25th, 2010 | लेखक : विजय कुमार | 294 views | 6 Comments »
Posted in Category: समाज | Tags: Ramjan, रमजान

इफ्तार की दावत

इफ्तार की दावत -विजय कुमार रमजान का महीना प्रारम्भ होते ही इफ्तार की दावतों का दौर चल पड़ता है। जहां तक मुझे पता है, सूर्योदय से सूर्यास्त तक भूखे रहने के बाद जब मुसलमान कुछ खाते-पीते हैं, तो उसे इफ्तार कहते हैं; पर जो रोजा नहीं रखते, वे इफ्तार कैसे कर सकते हैं, यह ...

August 25th, 2010 | लेखक : विजय कुमार | 202 views | 3 Comments »
Posted in Category: समाज | Tags: Iftar, इफ्तार

भाई-बहन के स्नेह का प्रतीक है रक्षाबंधन

भाई-बहन के स्नेह का प्रतीक है रक्षाबंधन -फ़िरदौस ख़ान रक्षाबंधन भाई-बहन के स्नेह का प्रतीक है. यह त्यौहार श्रावण मास की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है. इस दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षाबंधन बांधकर उनकी लंबी उम्र और कामयाबी की कामना करती हैं. भाई भी अपनी बहन की रक्षा करने का वचन देते हैं. रक्षाबंधन ...

August 23rd, 2010 | लेखक : फ़िरदौस ख़ान | 372 views | 3 Comments »
Posted in Category: समाज | Tags: Raksha Bandhan, रक्षाबंधन

जनगणना और हम

जनगणना और हम -विजय कुमार हर दस साल बाद होने वाली जनगणना का कुछ अंश पूरा हो चुका है, जबकि मुख्य काम (संदर्भ बिन्दु) नौ से 28 फरवरी, 2011 तक होगा। इससे संबंधित दो विषय महत्वपूर्ण हैं। एक है धर्म और जाति का, जबकि दूसरा भाषा और बोली का है। इन दोनों पर विचार ...

August 17th, 2010 | लेखक : विजय कुमार | 262 views | 4 Comments »
Posted in Category: समाज | Tags: Census, जातीय जनगणना

पुरुष से ऊंचा स्‍थान है नारी का हिंदू परंपरा में

-राजीव त्रिपाठी भारतीय संस्कृति में नारी का उल्लेख जगत्-जननी आदि शक्ति-स्वरूपा के रूप में किया गया है। श्रुतियों, स्मृतियों और पुराणों में नारी को विशेष स्थान मिला है। मनु स्मृति में कहा गया है- यत्र नार्यस्‍तु पूज्‍यन्‍ते रमन्‍ते तत्र देवता:। यत्रेतास्‍तु न पूज्‍यन्‍ते सर्वास्‍तफला: क्रिया।। जहाँ नारी का समादर होता है वहाँ देवता प्रसन्न रहते ...

August 13th, 2010 | लेखक : प्रवक्‍ता ब्यूरो | 4,209 views | 123 Comments »
Posted in Category: जरूर पढ़ें, समाज | Tags: Hindu Religion, नारी, हिंदू धर्म

राष्ट्रमंडल खेलों के बहाने मीडिया को नारी पूजा याद आयी?

राष्ट्रमंडल खेलों के बहाने मीडिया को नारी पूजा याद आयी? डॉ. पुरुषोत्तम मीणा 'निरंकुश' खबरें बेचने के लिये मीडिया अनेक प्रकार के तरीके ईजाद करने लगा है। यदि घटनाएँ नहीं हो तो पैदा की जाती हैं। वैसे घटनाएँ रोज घटित होती हैं, लेकिन कितने लोगों को लूटा गया, कितनी स्त्रियों के साथ बलात्कार हुआ, कितनों की दुर्घटना में ...

August 12th, 2010 | लेखक : डॉ. पुरुषोत्तम मीणा 'निरंकुश' | 652 views | 26 Comments »
Posted in Category: खेल जगत, समाज | Tags: Commanwealth Games, राष्‍ट्रमंडल खेल

कल्याण के नाम पर कण्डोम

कल्याण के नाम पर कण्डोम -डॉ राजेश कपूर पश्चिमी प्रभाव में हमने सीखना शुरू कर दिया है कि कण्डोम साथ लेकर चलो ताकि एड्स से बचाव हो। सार्वजनिक स्थानों पर ऐसे अश्लील विज्ञापन देखने को मिल जाते हैं कि कण्डोम साथ लेकर चलो। क्या मायने हैं इसके? भारतीयों की ऐसी पतित सोच तो कभी नहीं रही, ...

August 11th, 2010 | लेखक : डॉ. राजेश कपूर | 587 views | 16 Comments »
Posted in Category: समाज | Tags: Condom, कण्‍डोम

जाति आधारित जनगणना के फायदे

जाति आधारित जनगणना के फायदे -अनिल कुमार सात मई को संसद में हुई बहस के दौरान प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह ने जाति आधारित जनगणना की मांग पर विचार करने का आश्वासन देकर जाति के जिन्न को बोतल से बाहर निकाल दिया। संसद में उस दिन लगभग सभी राजनीतिक दल जाति आधारित जनगणना के लिए सहमत हो ...

August 11th, 2010 | लेखक : प्रवक्‍ता ब्यूरो | 594 views | 6 Comments »
Posted in Category: समाज | Tags: Ethnic census, जातीय जनगणना

दधीचि देहदान समिति के माध्‍यम से मृत देह भी अमर हो रही है

दधीचि देहदान समिति के माध्‍यम से मृत देह भी अमर हो रही है -अरुण कुमार सिंह क्या आप अपनी मृत्यु के बाद भी अपनी आंखों से इस दुनिया को देखना चाहते हैं? क्या आप यह चाहते हैं कि मृत्यु के बाद भी आपका हृदय किसी दूसरे के शरीर को धड़काए? क्या आपकी यह इच्छा है कि देहावसान के पश्चात् आपकी कोई हड्डी किसी के ...

August 5th, 2010 | लेखक : प्रवक्‍ता ब्यूरो | 225 views | 1 Comment »
Posted in Category: समाज | Tags: samiti, दधीचि देहदान समिति

स्वतंत्रता बनाम उच्‍छृंखलता

स्वतंत्रता बनाम उच्‍छृंखलता -प्रवीण कुमार किसी भी सभ्य समाज में जिसको किसी भी प्रकार के मसल पवार का उपयोग निंदनीय है खासकर यदि वह महिलाओं के विरोध में हो तो शर्मनाक भी है। परन्तु सामाजिक मापदण्डों को स्वतंत्रता के नाम पर तोड़ना भी निंदनीय है। बेलेटाईन डे या फ्रेडशिप डे के नाम पर हम ...

August 5th, 2010 | लेखक : प्रवक्‍ता ब्यूरो | 208 views | 5 Comments »
Posted in Category: समाज | Tags: independence, उच्‍छृंखलता

निस्वार्थ सेवा ही असली सेवा है

- डॉ0 कुलदीप चंद अग्निहोत्री मध्यकालीन भारतीय दश गुरु परम्परा के आठवें गुरु श्री हरकिशन जी के जीवन का एक प्रसंग है। उनके जीवन काल में प्लेग का प्रकोप हुआ था। प्लेग अपने आप में भयावह बीमारी है और उन दिनों तो प्लेग को मृत्यु का पर्यायवाची ही माना जाता था। ...

July 30th, 2010 | लेखक : डॉ. कुलदीप चन्‍द अग्निहोत्री | 299 views | 3 Comments »
Posted in Category: समाज | Tags: Selfless Service, निस्वार्थ सेवा

निर्दोष नहीं है पोर्न

निर्दोष नहीं है पोर्न -जगदीश्‍वर चतुर्वेदी पोर्न और अर्द्ध पोर्न फिल्मों या धारावाहिकों में पुरूष को अमूमन सेक्स के अति आग्रहशील दिखाया जाता है। पुरूष को अनेक बार अनेक औरतों से सेक्स करते हुए दिखाया जाता है। वहीं दूसरी ओर औरत को सेक्स के चौकीदार के रूप में पेश किया जाता है। पुरूष का ध्यान ...

July 30th, 2010 | लेखक : जगदीश्‍वर चतुर्वेदी | 512 views | No Comments »
Posted in Category: समाज | Tags: Porn, पोर्न

ऑनर किलिंग और खाप पंचायत

– अखिलेश आर्येन्दु खाप पंचायतों का केंद्र सरकार से हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 5 को बदलने के मांग को कानून मंत्री वीरप्पा मोइली द्वारा खारिज कर दिया गया। इसके बावजूद पंचायतें बराबर हरियाणा सरकार पर इस अधिनियम में बदलाव करने की मांग पर अड़ी हुई हैं। केंद्र सरकार का मानना ...

July 29th, 2010 | लेखक : प्रवक्‍ता ब्यूरो | 277 views | 1 Comment »
Posted in Category: समाज | Tags: Khap Panchayat, ऑनर किलिंग, खाप पंचायत

जातिय आधारित जनगणना अर्थात समाज तोड़ अभियान

- लक्ष्मी प्रसाद जायसवाल 2011 के जनगणना में जातिय सूचनाएं भी संकलित की जाए इसके लिए विपक्षी दलों का दबाव पड़ रहा है। केंद्र सरकार असमंजस की स्थिति में है। क्योंकि सरकार के भीतर भी कुछ घटक या कांग्रेस के भी कुछ मंत्रियों की राय इसके समर्थन में है। इसी कारण ...

July 29th, 2010 | लेखक : प्रवक्‍ता ब्यूरो | 195 views | 1 Comment »
Posted in Category: समाज | Tags: Ethnic census, जातीय जनगणना

जंगल की भाषा बोलता आदमी

-डा. सुभाष राय भाषा, संयम और धैर्य आदमी को जानवर से अलग करने वाले उपकरण हैं। किसी विद्वान ने कभी कहा था कि आदमी एक सामाजिक पशु है। आदमी मूल रूप से जानवर ही है लेकिन उसकी सामाजिकता उसे जंगलीपन के अँधेरे में खो जाने से रोकती है। सामाजिक होने की ...

July 28th, 2010 | लेखक : डॉ. सुभाष राय | 279 views | 5 Comments »
Posted in Category: समाज | Tags: language, भाषा

भारत में छुआ-छूत नहीं थी / डॉ. राजेश कपूर

-डा. राजेश कपूर, पारम्परिक चिकित्सक पता नहीं भारत में कब और कैसे ये छुआ-छूत का विषधर सांप घुस गया? पूर्वाग्रहों को छोड़ कर ज़रा तथ्यों व प्रमाणों की रोशनी में देखें तो पता चलता है कि भारत में जातियां तो थीं पर छुआ- छूत नहीं. स्वयं अंग्रेजों के द्वारा दिए आंकड़े ...

July 28th, 2010 | लेखक : डॉ. राजेश कपूर | 826 views | 25 Comments »
Posted in Category: जरूर पढ़ें, समाज | Tags: India, छुआछूत

दलित समस्याओं के समाधान के लिए सार्थक पहल की आवश्यकता

दलित समस्याओं के समाधान के लिए सार्थक पहल की आवश्यकता – अखिलेश आर्येन्दु पिछले दिनों हरियाणा के हांसी के मिर्चपुर गांव के दलितों के अनेक घर गांव के दबंगो के जरिए जला देने के बाद दलित समस्या एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है। एक सवाल उठाया जा रहा है कि आखिर कब तक दलित उच्च वर्गों के जरिए ...

July 21st, 2010 | लेखक : प्रवक्‍ता ब्यूरो | 259 views | 3 Comments »
Posted in Category: समाज | Tags: Dalit, दलित

विशुद्ध राजनीतिक है जाति आधारित जनगणना की मांग

विशुद्ध राजनीतिक है जाति आधारित जनगणना की मांग - अवधकिशोर संपूर्ण देश की जनसंख्या कितनी है और यह किस अनुपात में बढ़ रही है, इसकी जानकारी हेतु प्रत्येक दस वर्ष पर जनगणना होती है। जनगणना हो तो उसका आधार क्या हो, यह स्पष्ट होना ही चाहिये। इस बार की जनगणना में जातिगत गणना की विशेष चर्चा है। इसके पक्ष-विपक्ष ...

July 19th, 2010 | लेखक : प्रवक्‍ता ब्यूरो | 196 views | 1 Comment »
Posted in Category: समाज | Tags: Ethnic census, जातीय जनगणना

हत्याएं: सम्‍मान की खातिर या सम्‍मान की?

हत्याएं: सम्‍मान की खातिर या सम्‍मान की? -तनवीर जाफ़री मध्यम एवं निम्‍न मध्यम वर्ग के प्रेमी युगल इन दिनों काफी संकट के दौर से गुजर रहे हैं। कहीं खाप पंचायतों के 'तालिबानी' फरमानों के तहत उनकी हत्याएं की जा रही हैं तो कहीं उन्हें अपने प्रेम की सजा भुगतने के अंतर्गत अपने पुश्तैनी गांव छोड़कर अन्यत्र चले जाने ...

July 14th, 2010 | लेखक : तनवीर जाफरी | 149 views | 1 Comment »
Posted in Category: समाज | Tags: Khap, खाप

जातिमुक्त समाज की जरुरत

जातिमुक्त समाज की जरुरत -आर. एल. फ्रांसिस जनगणना में जाति को शामिल किया जाए या नहीं, इस बात का निर्णय करने के लिए संप्रग सरकार ने मंत्रियों के एक समूह का गठन किया है, जो जल्द ही इस पर अपना निर्णय देगा। देश में 2011 की जनगणना का कार्य चल रहा है। सतारुढ़ संयुक्त प्रगतिशील ...

July 12th, 2010 | लेखक : प्रवक्‍ता ब्यूरो | 219 views | 2 Comments »
Posted in Category: समाज | Tags: Ethnic census, जातीय जनगणना

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