लेखक परिचय

ब्रजेश कुमार झा

ब्रजेश कुमार झा

गंगा के तट से यमुना के किनारे आना हुआ, यानी भागलपुर से दिल्ली। यहां दिल्ली विश्वविद्यालय के किरोड़ीमल कालेज से पढ़ाई-वढ़ाई हुई। कैंपस के माहौल में ही दिन बीता। अब खबरनवीशी की दुनिया ही अपनी दुनिया है।

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ca0fxr6yऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि पंद्रहवीं लोकसभा चुनाव में खंडित जनादेश मिलने वाला है। उन स्थितियों से निपटने के लिए राजनीति के माने हुए खिलाड़ी नए सहयोगियों को तलाशने और अपना कुनबा मजबूत करने में जुट गए हैं।एग्जिट पोल के आते ही सरकार बनाने के प्रमुख दावेदार गठबंधनों यानी संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग), राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) और तीसरे मोर्चे के प्रमुख नेताओं और रणनीतिकारों की बैठकों का दौर शुरू हो गया है।

माना जा रही है कि इसी सिलसिले में गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी दिल्ली आए हैं। राजग के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार लालकृष्ण आडवाणी के आवास पर भाजपा के कोर ग्रुप के नेताओं की एक बैठक हुई, जिसमें छोटे-छोटे राजनीतिक दलों को जोड़ने को लेकर विचार विमर्श किया गया।

मोदी ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि राजनीतिक कारणों से वे दिल्ली में हैं। चुनाव बाद की परिस्थिति के बारे में वरिष्ठ नेताओं के बीच चर्चा होगी। इसमें कोई छुपाने वाली बात नहीं है।

लोगों का कहना है कि पार्टी ने उन्हें ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) की अध्यक्ष जयललिता को मनाने का जिम्मा दिया है। ज्ञात हो कि गुजरात विधानसभा के पिछले चुनाव में मोदी को मिली सफलता के बाद जयललिता ने न उन्हें सिर्फ फोन कर बधाई दी थी बल्कि उन्हें चेन्नई आमंत्रित भी किया था।

भाजपा ने दावा किया है कि पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ही देश के अगले प्रधानमंत्री होंगे।

दूसरी तरफ कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के आवास पर भी पार्टी रणनीतिकारों की एक बैठक हुई। खबर आई है कि इस बीच, सोनिया गांधी ने राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव से फोन पर बातचीत कर चुनाव के दौरान बड़ी दूरी को कम करने का प्रयास किया। दिग्विजय सिंह और अमर सिंह के बीच चुनाव के दौरान आई दूरी भी अब मिटती दिख रही है।

अमर सिंह ने कहा, “दिग्विजय सिंह ने मुझ पर कोई निजी आक्षेप नहीं लगाया था। उन्होंने जो बयान दिए थे वे राजनीतिक थे।

कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने संवाददाताओं से कहा कि चुनाव सर्वेक्षणों को कांग्रेस गलत साबित कर देगी। सर्वेक्षणों के अनुमान से अधिक सीटें हम जीतेंगे।

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1 Comment on "सहयोगियों की तलाश में निकले राजनीतिक खिलाड़ी"

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JAVED USMANI
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एक्जिट पोल मे लगाये गये अनुमान अगर सही है तो यह मान लेने मे कोई हर्ज नही होना चाहिए कि कोई भी राजनैतिक दल जन विश्वास की कसौटी पर खरा नही उतरा है .स्व.इन्दिरा गाधी की ह्त्या के बाद सत्ता मे आयी काग्रेस के बाद कोई भी दल अकेले सरकार बनाने मे सफल नही रहा है स्व.नरसिह राव की सरकार भी अल्पमत सरकार रही है जो केवल जोड-तोड के कौशल पर चलती रही है और श्री अटल बिहारी बाजपेयी और श्री मनमोहन सिह की पॉच साल तक चली सरकार भी अकेले एक दल के बलबूते की सरकार नही थी .राजनेताओ… Read more »
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