लेखक परिचय

सचिन कुमार जैन

सचिन कुमार जैन

लेखक स्वतंत्र पत्रकार और सामाजिक विषयों के अध्ययनकर्ता हैं. मध्यप्रदेश में रहते हुए गरीबी, भुखमरी, बहिष्कार और बच्चों के अधिकारों पर काम कर रहे हैं.

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jantantrसचिन कुमार जैन

हाँ, शासन व्यवस्था धराशायी हो चुकी है. “राज्य” संविधान के मुताबिक़ लोगों के संरक्षण देने में नाकाम है. अब विकल्पों की बात होना चाहिए. किसी ने कहा है “विकल्पहीन नहीं है दुनिया और नई दुनिया संभव है”. एक किस्सा सुनाया जाता है. एक विदेशी भारत आया. पर्यटन करने के साथ ही यहाँ का समाज और व्यवस्था देखने. वह बहुत घूमा और बहुत कुछ देखा, किसी से कुछ कहा नहीं. जब वह जा रहा था तब पत्रकारों ने उससे पुछा – अब तो आप बता दीजिये कि आपने भारत में क्या पाया? उस प्रशिक्षु ने कहा “मैने भारत आकर जाना कि सचमुच ईश्वर है. उसके बिना यह देश चल ही नहीं सकता. यही ज्ञान मेरी सबसे बड़ी उपलब्धि है. मैं हाथ जोड़ कर भारत को प्रणाम करता हूँ. मुझे समझ नहीं आता यहाँ संसद और सरकार है ही क्यों? ”. इस ज्ञान में ही हमें शासन व्यवस्था के विकल्प खोजना चाहिए. “राज्य व्यवस्था में विश्वास रखना केवल धोखा है”. इसीलिए हम सबको बार बार नाउम्मीद होना पड़ता है. अब तक हम व्यक्तिगत रूप से ईश्वर और उसके उपकरणों, यानी शनि, बृहस्पति, चन्द्र, गोमेद, हीरा, पन्ना, मूंगा, हत्था जोड़ी, शेर का नाखून और साही का काँटा आदि, को जीवन में स्थान देते रहे हैं. अब जरूरत है इन्हे शासन व्यवस्था का हिस्सा बनाएं. संसद में संविधान की किताब नहीं घोर काली किताब रखें.

साउथ ब्लाक के लिये सन्देश यह है कि आप ध्यान नहीं रखते हो. बस समस्याओं की ही बात करते रहते हो. ग्रहों, नक्षत्रों, घर की दिशा, हवा का रुख; कुछ भी ध्यान नहीं रहते हो फिर रोते रहते हो. सरकार भी यूँ ही है. उसे पता नहीं समस्या का हल तो टेलिविज़न पर दिन भर में तीस-चालीस बार दिखाया जाता है. योजना आयोग और सरकार के सलाहकार सिर्फ टेलिविज़न बिकवाते हैं, देखते नहीं हैं. हर सुबह बताया जाता है कि शनि की बुरी नज़र से जीवन में उथल-पुथल होती है, इसके लिए सर्व मनोकामना सिद्ध नवरत्न अंगूठी का निर्माण किया गया है. स्वामी जी बताते हैं कि आपकी राशि कोई भी हो, या आपको अपनी राशि पता हो या न हो, बस यह अंगूठी पहनिए. अच्छा तो ये बताइये कि आप अभी कितना कमा पाते हैं… 50 रूपए रोज…तो आप 60 दिन की मेहनत की कमाई हमें ड्राफ्ट से भेज कर यह अंगूठी मंगा सकते हैं.

योजना भवन ने विश्व बैंक और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष को अपने आफिस में बिठाया हुआ है. इस भवन में एक अपार्टमेन्ट और बनाया जाए जहाँ कवि शंकर, कुरुप नन्द भरस्वती, सानंदमई माता जी, झांसा राम बापू, कुटालू महाराज और उनकी टीम को एक-एक आफिस दिया जाए. हर विषय पर वे अनुष्ठान करें तभी कोई निर्णय हो. बेरोज़गारी की समस्या बहुत बढ़ी हुई है, आप कह रहे हो मंदी के कारण लोगों के रोज़गार छीन लिये गए हैं. आप नहीं जानते कि मंगल गृह की उथल-पुथल के कारण बेरोज़गारी बढ़ रही है. जबरदस्ती वहां राकेट भेज रहे हो. भाती महाराज को 5-6 करोड़ रूपए देते, वे उसे धरती पर उतार देते. आप कंपनियों को छूट के पैकेज दे रहे हैं पर मंगल शान्ति और सिद्धि का अनुष्ठान नहीं कर रहे हैं. आप 3201 रूपए भेजिए हम सिद्ध राशि रत्न आपको भेजेंगे. आप मंगलवार को सुबह नहा कर पूर्व दिशा की तरफ मुंह करके मंगल मंत्र का जाप करके शुद्ध पानी से प्रक्षाल करके यन्त्र को घर में स्थापित कीजिये. इसे ऐसे कोण पर रखना है कि दो दीवालें यन्त्र से छूती हों. बिना नागा इसकी एक वर्ष तक सूर्योदय के ठीक पहले पूजा करें. यदि ऐसा करेंगे तो आपका रोज़गार हमेशा के लिए सुनिश्चित हो जाएगा. संपत्ति के बंटवारे या भेदभाव के कारण नहीं, बल्कि राहू जब ब्रहस्पति पर छा जाता है, तब घरों में टकराव होते हैं. यही दुःख का कारण है. आप क़ानून बनाते हैं, बुजुर्गों के लिए सामाजिक सुरक्षा की योजनाये चलाने के बजाये राहू-ब्रहस्पति शान्ति यन्त्र बांटने की योजना बनायी जाए. सिर्फ 2901 रूपए का है. यदि बड़ी मात्रा में खरीदेंगे तो हम एक शान्ति यन्त्र के साथ तीन रुद्राक्ष वाला भाग्यवर्धक लाकेट मुफ्त देंगे. यह यन्त्र और लाकेट आपको शुद्धता गारंटी कार्ड के साथ मिलेगा.

आप को कोई दुश्मन परेशान कर रहा है या आप प्रेम में असफल हो रहे हैं, किसी ने आपकी दुकान को बाँध दिया है तो उसे मुक्त होने के लिए प्रमाणित सैयद फकत अली (भेडचाल वाले) के पास आयें. वे 1000 प्रतिशत की गारंटी से काम पूरा करते हैं. उनकी तावीज़ को प्रधानमन्त्री और राष्ट्रपति ने पुरुस्कृत भी किया है.

देश में 90 करोड लोग गरीब है. लोग परेशान हैं और सरकार उन पर २ लाख करोड रूपए खर्च कर रही है. बेकार का खर्चा है ये गरीबी पर. हरिद्वार के महास्वामी जी ने लक्ष्मी जी की सिद्ध पादुका का निर्माण किया है. इसे तिजोरी में भीतर की तरफ स्थापित करें. इसकी दिशा बाहर की तरफ नहीं होना चाहिए. इसके लिए आप आदि महादी जी की कंपनी द्वारा निर्मित तिजोरी ही खरीदें. हर बुधवार को एक कमाल का फूल पादुका पर चढाएं. सस्ते राशन की दुकान बंद करें और एक बार में सभी को लक्ष्मी पादुका और सिद्ध यंत्र खरीद कर सभी गरीबों को उपलब्ध करवा दें. आप बस हमें साल में एक बार सबके लिए अनुष्ठान करने के लिए सरकारी धन दें क्योंकि सरकार ही तो यजमान होगी. याद रखिये आपके मन में पादुका के प्रति बुरा भाव या अविश्वास नहीं आना चाहिए. यदि यह आ गया तो इसका प्रभाव खत्म हो जाएगा.

बेकार ही न्याय-अन्याय की बहस में फंसे हो. कोर्ट बनाना, न्यायाधीश नियुक्त करना, वकील बनाना. सब कुछ कर रहे हो फिर भी २० लाख केस कोर्ट में चल रहे हैं. सिद्ध गोमेद से मुकदमों से मुक्ति मिलती है. इसे चौथी उंगली में चांदी की अंगूठी बना कर पहने. लोग स्वास्थ्य, गरीबी और शादी के कारण कर्जे में फंसते हैं. उन्हे दूसरी उंगली में मूंगा पहनना चाहिए. हमारे बच्चे और युवा अब बहुत गुस्से वाले बन रहे हैं. धरम को समझे बिना लड़ने झगडने लगते हैं. बच्चों और युवाओं को बीच की उंगली में मोती पहनना चाहिए. बनारस के महा महाराज ने समुद्र के विशेष मोतियों को सिद्ध करके अफ्रीका से विशेष रूप से मंगाई गयी चांदी में पिरो कर अंगूठी बनायी है. आप इसे सिर्फ 4501 रूपए के न्योछावर से प्राप्त कर सकते हैं. याद रखिये हम यह अंगूठी बेंचते नहीं हैं.

आप बहुत परेशान हैं और आपका किया हुआ हर काम बेकार हो रहा है. घर में अशांति हो रही है तो आप यह जानिये कि गुरु जी के विशेषज्ञ निर्देशन में 108 साधुओं ने सवा लाख मन्त्रों से मंत्रित वैज्ञानिक पद्धति से तैयार और गंगा जल से शुद्ध किया हुआ सर्व शान्ति और सुख समृधि यन्त्र निर्मित किया है. इसे आप कहीं भी स्थापित कर सकते हैं. इसे आप हर रोज बीच की उंगली से छुएं ताकि इसकी किरणें आपके शरीर में जा सकें.

हो सकता है आपके काम-धंधे या घर पर किसी की बुरी नज़र पड़ गयी हो. इससे आपकी पत्नी से लड़ाई होती हो या बच्चे बार-बार बीमार पड़ते हों, आप बुरी नज़र से रक्षा कवच मंगवा लें. जो भी आप पर बुरी नज़र डालेगा, वह नज़र उस पर वापस पलट कर चली जायेगी. आप पाकिस्तान या चीन से परेशान क्यों हैं? सीमा रेखा पर हर 10-10 मीटर पर बुरी नज़र रक्षा कवच यंत्र लगा दीजिए. रक्षा कवच यन्त्र के साथ सिद्ध हत्थाजोड़ी रखने से गठबंधन की सरकार चल सकती है. कोई भी सहयोगी दल आपको समर्थन वापसी की धमकी न दे पायेगा. अच्छा होगा कि योजना आयोग, प्रधानमन्त्री कार्यालय, 10 जनपथ और संसद भवन को इस यन्त्र से घेर दीजिए. आपकी जन विरोधी और देश को कंपनियों को बेंचने वाली नीतियों का कोई विरोध न कर पायेगा.

हमारा सुझाव है कि जनकल्याणकारी जिम्मेदारियों के तहत सरकार भाव-भावना-गृह-नक्षत्र सुधार कार्यक्रम शुरू करना चाहिए. हमारा मठ सभी बाबाओं, स्वामियों, ज्योत्षियों और यंत्र उत्पादक आश्रमों की एजेंसियां लिए हुए है. हम गारंटी के साथ सिद्ध किये हुए यन्त्र, लाकेट, अंगूठियां उपलब्ध करवा देंगे ताकि गरीबी, बेरोज़गारी, लड़ाई-झगडे, सीमा पर चल रहे टकराव, बूढ़ों-प्रेमियों की समस्याओं से छुटकारा मिल सकेगा. अब सरकार और समाज को सही समाधानों की तरफ मुडना चाहिए.

 

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