लेखक परिचय

अभिषेक कांत पांडेय

अभिषेक कांत पांडेय

पत्रकार एवं टिप्पणीकार शिक्षा— पत्रकारिता से परास्नातक एवं शिक्षा में स्नातक की डिग्री

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अभिषेक कांत पाण्डेय

सरकार के कदम डिजिटलाइजेशन की ओर बढ़ रहे हैं, ‘मेक इन इंडिया’ के बाद ‘डिजिटल इंडिया’ के कारण आईटी क्ष्ोत्र में नई नौकरियों के दरवाजे खुलने वाले हैं। इस महत्वाकांक्षी अभियान के जरिए देश के ढाई लाख गांवों को इंटरनेट से जोड़ना और सरकारी योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। कॅरिअर के लिहाज से कंप्यूटर कोर्स करने वाले युवाओं के लिए सरकारी संस्थानों से लेकर प्राइवेट क्ष्ोत्र में नौकरी मिलना आसान होगा। डिजिटल इंडिया क्या है और इसके मुताबिक अपने आपको कैसे करें अपडेट ताकी आने वाले समय में आप बेहतरीन जॉब हासिल कर सके।

ढाई लाख गांवों को इंटरनेट से जोड़ने के बाद आईटी सेक्टर में नौकरियां भी बढ़ेंगी। जिस तरह से भारत में लगातार इंटरनेट का उपयोग बढ़ता जा रहा और सूचना के क्ष्ोत्र में भी ग्रोथ देखने को मिल रही है तो आने वाले समय में ‘डिजिटल इंडिया’ के कारण कंप्यूटर एजुकेशन, एनजीओ, आईटी सेक्टर, सामुदायिक क्ष्ोत्र, ऑन लाइन एजुकेशन, ऑन लाइन शॉपिंग, वेबसाइट डेवलपिंग, कंटेंट राइटिंग, वेब डिजाइनिंग के क्ष्ोत्र में ढेरों नौकरियां होंगी। इन क्ष्ोत्रों में कॅरिअर बनाने वाले युवाओं को कंप्यूटर स्किल से लैस होना जरूरी है। डिजिटल इंडिया योजना लागू करने के लिए बुनियादी स्तर पर भी काम होगा, बिजली, सड़क और उर्जा के अन्य पारंपरिक साधन का विकास होना भी जरूरी है इसलिए विनिर्माण के क्ष्ोत्र में रोजगार के ढेरों अवसर पैदा होने की उम्मीद विश्ोषज्ञ मान रहे हैं।

क्या है डिजिटल इंडिया
डिजिटल इंडिया भारत सरकार की ओर से चलाई जा रही बेहतरीन योजना है, इसके जरिये देश की जनता को सरकार से सीधे तौर पर संवाद स्थापित करना है। इंटरनेट के माध्यम से देश के हर नागरिक को सरकारी संस्थान से लिक-अप करना है, ताकी पेपर वर्क कम हो और कार्य त्वरित गति से हो। देश के हर शहर और गांव में इंटरनेट पहुंचाना लक्ष्य है। इलेक्ट्रानिक सेवाओं से लोगों को परिचित कराना। इसलिए सरकार डिजिटल साक्षरता पर जोर दे रही है।

डिजिटल इन इंडिया के फायदे
इसके अनेक फायदे हैं। जैसे, राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा योजना का कड़ाई से पालन होगा, वेबसाइट पर निगरानी रखने के लिए इस क्ष्ोत्र में कंप्यूटर विशषज्ञों की जरूरत होगी। जब कागजी काम बंद होगा तो सारे काम कंप्यूटर के जरिए होगा, ऐसे में कंप्यूटर आपरेटर, इंजीनियर, इंफार्मेशन प्रोफेशनल की जरूरत पड़ेगी। जमीन, मकान की रजिस्ट्री कंप्यूटर पर होगा और इन्हें ऑनलाइन कोई भी देख सकता है।
डिजटलाइजेशन से नए रोजगार का सृजन होगा। सरकारी आस्पताल, नगर निगम और पुलिस विभाग में सूचना को एकत्रित करना और उसके फीडिंग से रोजगार के नए अवसर उपलबध होंगे। ई बस्ता, ई लॉकर जैसी सुविधा होंगी, जिसमें हमेशा के लिए आपका डाटा सुरक्षित होगा।
छात्रों को सरकारी छात्रवृत्ति मिलेगी। बीएसएनल अब टेलिफोन एक्सचेंज की जगह नेक्स्ट जेनरेशन नेटवर्क का प्रयोग करेगी। हर बस-टैक्सी में सीसीटीवी कैमरे लगेंगे। देश में बीपीओ और कॉल सेंटरों की संख्या बढ़ेगी तो नौकरी भी बढ़ेगी। ग्रामीण इलाकों में भी कंप्यूटर अनिवार्य हो जाएंगे। 2.5 लाख गांवों में ब्रॉडबैंड और यूनिवर्सल फोन कनेक्टिविटी की सुविधा नई क्रांति को जन्म देगा। रेलवे स्टेशन, पुलिस स्टेशन, अस्पताल में हर जगह डाटा अपडेट होंगे और सीसीटीवी फुटेज लगेंगे। 2.5 लाख स्कूलों, सभी यूनिवर्सिटीज में वाई-फाई, पब्लिक वाईफाई हॉटस्पॉट। 1.7 करोड़ लोगों को नौकरियां मिलेंगी। 8.5 करोड़ लोगों को परोक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। पूरे भारत में ई-गवनेãंस सुविधा के जरिये लोग अपने पैन, आधार कार्ड, मार्कशीट्स और अन्य जरूरी दस्तावेजों को डिजिटली स्टोर कर सकते हैं।

कंप्यूटर कोर्सेस
बैचलर ऑफ कंप्यूटर साइंस
मास्टर आफ कंप्यूटर साइंस

इंफार्मेशन
सिस्टम कोर्सेस
मास्टर ऑफ बिजिनेस एडमिस्ट्रेशन इन कंप्यूटर इनफार्मेशन सिस्टम
बैचलर डिग्री इन कंप्यूटर इनफार्मेशन सिस्टम

ग्राफिक व मल्टीमीडिया कोर्स
बैचलर ऑफ साइंस इन ग्राफिक एंड मल्टीमीडिया
एसोशिएट डिग्री इन डिजाइन एंड मल्टीमीडिया
वेब डिजाइनिंग
वेब डिजाइन सर्टिफिकेट
बैचलर डिग्री इन वेब डेवलपमेंट
बैचलर डिग्री इन वेब डिजाइन एंड मल्टीमीडिया

अन्य कोर्स
मॉस्टर ऑफ साइंस इन नेटवर्क सिक्यूरिटी

माइक्रोसॉफ्ट इंजीनियरिंग सर्टिफिकेट
कंप्यूटर सर्टिफिकेट कोस छह माह या एक साल का
कंप्यूटर डिप्लोमा कोर्स

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1 Comment on "डिजटल इंडिया से बढेगा आईटी सेक्टर"

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