लेखक परिचय

संजीव कुमार सिन्‍हा

संजीव कुमार सिन्‍हा

2 जनवरी, 1978 को पुपरी, बिहार में जन्म। दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक कला और गुरू जंभेश्वर विश्वविद्यालय से जनसंचार में स्नातकोत्तर की डिग्रियां हासिल कीं। दर्जन भर पुस्तकों का संपादन। राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर नियमित लेखन। पेंटिंग का शौक। छात्र आंदोलन में एक दशक तक सक्रिय। जनांदोलनों में बराबर भागीदारी। मोबाइल न. 9868964804 संप्रति: संपादक, प्रवक्‍ता डॉट कॉम

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कांग्रेसनीत यूपीए सरकार में भ्रष्टाचार चरम पर है। घोटाले पर घोटाले हो रहे हैं। कांग्रेस और सहयोगी दलों के नेता भ्रष्टाचार में आकंठ डूबे हैं। कांग्रेस के दोमुंहेपन की बानगी देखिए। दिल्‍ली में आयोजित कांग्रेस के 83 वें महाधिवेशन में कांग्रेस अध्‍यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी ने भ्रष्टाचार का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस हमेशा पारदर्शिता और शुचिता के पक्ष में रही है जबकि वास्‍तविकता यह है कि वर्तमान संप्रग सरकार अपने कार्यकाल में अब तक 2,50,000 करोड़ से अधिक के घोटाले कर चुकी है।

कुछ प्रमुख घोटाले हैं :

आईपीएल घोटाला

आईपीएल खेल घोटाले ने केन्द्र सरकार के भ्रष्टाचार की कलई खोल दी। इस खेल में करीब 2000 करोड़ रूपये का घोटाला हुआ।

राष्‍ट्रमंडल खेल घोटाला

दिल्‍ली में आयोजित राष्‍ट्रमंडल खेल में हुए भ्रष्‍टाचार से पूरी दुनिया में भारत की बदनामी हुई। खेल बजट जो शुरू में 2000 करोड़ रूपए का था, बढ़कर 70,000 करोड़ रूपए की भारी भरकम राशि का हो गया। इस खेल में लगभग 8 हज़ार करोड़ करोड़ का खिलवाड़ हुआ।

आदर्श सोसाइटी घोटाला

महाराष्‍ट्र में आदर्श सहकारी आवास घोटाले से कांग्रेस की बड़ी फजीहत हुई क्‍योंकि आवास सोसाइटी ने रक्षा सेनाओं में कार्यरत तथा सेवानिवृत्त कमिर्यों के कल्याण के लिए महाराष्ट्र सरकार से भूमि आवंटित किये जाने की मांग की थी। इस सोसाइटी में 102 आवंटी जिनमें 37 सैन्य अधिकारी शामिल थे।

2-जी स्पेक्ट्रम घोटाला

कैग की रिपोर्ट के अनुसार, 2जी स्‍पेक्‍ट्रम के आवंटन में उचित प्रक्रिया नहीं अपनाने से सरकारी खजाने को करीब एक लाख 76 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। इतनी रकम से देश के हर भूखे व्‍यक्ति का पेट अगले दस साल तक भरा जा सकता था।

विपक्षी राजग, वाम, अन्नाद्रमुक और सपा सदस्य 2-जी स्पेक्ट्रम आवंटन, आदर्श आवासीय सोसायटी और राष्ट्रमंडल खेल से जुड़ी परियोजनाओं में भ्रष्टाचार के मुद्दे पर संयुक्त संसदीय समिति से जांच कराने की मांग की। लेकिन कांग्रेस और यूपीए की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले की जांच के लिए जेपीसी के गठन की मांग ठुकरा दी। इस मसले पर भारतीय संसद के इतिहास में बने अब तक के सबसे लंबे गतिरोध के बाद संसद का शीतकालीन सत्र बिना किसी खास काम काज के संपन्न हो गया। नौ नवंबर से शुरू इस सत्र के दूसरे ही दिन से जेपीसी की मांग को लेकर बना गतिरोध 13 दिसंबर को अंतिम दिन भी नहीं टूट पाया। इस सत्र के 23 दिनों में महज तीन घंटे ही सदन चल पाए और वह भी हंगामे के बीच।

जिस सरकार के कार्यकाल में इतने घोटाले हो रहे हों, उसके प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को अपने पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। जब तक देश में भ्रष्टाचारियों पर सख्‍त कार्रवाई नहीं होगी, तब तक विकसित भारत का सपना साकार नहीं होगा। आपके क्‍या विचार हैं।

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45 Comments on "परिचर्चा : यूपीए सरकार और भ्रष्‍टाचार"

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bijaya
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Gandhi met Chitragupta and asked him as to how his Three Monkeys are doing?

Chitragupta said they are doing very well in India.

The one who was blind has become the Law.

The one who was deaf has become the Government.

And the one who was dumb is very very happy as he has become the Prime Minister

प्रोफेसर महावीर सरन जैन
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महावीर सरन जैन
आपका लेख एक पक्षीय है। सारे राजनैतिक दलों में ऐसे लोग हैं जो भ्रष्टाचार में डूबे हुए हैं। क्या भाजपा भ्रष्टाचार से अलिप्त है।भाजपा और भ्रष्टाचारः वर्तमान सरकार ने जब से हमें सूचना का अधिकार प्रदान किया है तब से भ्रष्टाचारियों के काले कारनामें सामने आ रहे हैं। यदि यह अधिकार जनता को पहले मिल गया होता तो भाजपानीत सरकार के आधे मंत्री जेल में होते। जिस पार्टी का अध्यक्ष रिश्वत लेते हुए कैमरे में कैद हो और पैसे के बारे में टिप्पण करे कि यह खुदा से कम नहीं, उस पार्टी के बाकी कितने लोगों ने रिश्वत खाई होगी,… Read more »
jainarayan kuntal
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देश मे चल रहे लूट के लिए कौन जिम्मेदार है जनता को सड़को पर आना ही पड़ेगा और संम्पूर्ण व्यवस्था को बदने के lie देश व्यापी आन्दोलन करना पड़ेगा तभी कुछ होगा एस देश का .जयनारायण कुंतल

डॉ. मधुसूदन
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भ्रष्टाचार ४-५ निम्नांकित प्रकारसे सफल होता है। (१) शासन या प्रशासन का भ्रष्टाचार: (करनेवाला एक पर जानकार बहुत होते हैं) (२) बडे न्यायाधिश, न्यायालय का भ्रष्टाचार: (जानकार अधिक ही होते हैं) (३) छोटे बडे कार्यालयों -और अधिकारियों द्वारा आचरित भ्रष्टाचार:( ” ” ” ” ) (४) बिलकुल छोटे; रेल टिकट घर, पुलिस अफसर, इत्यादि। (देनेवाले भी जिम्मेदार) (५) देनेवाले भी भ्रष्टाचारकी एक आवश्यक कडी तो है ही। इस कडियोंमें सामान्य नागरिकसे लेकर, मंत्री प्रधान मंत्री(भी उत्तरदायित्वसे मुक्त नहीं है) हर कोई योगदान दे रहा है। हिटलर के हर अफसर से लेकर और सामान्य नागरिक तक, हर कोई दोषी था। ठीक… Read more »
Rajesh Jain
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कहते हे की पत्रकारिता एक प्रहरी की तरह देश की सेवा निस्वार्थ रूप मे करते हे. लेकिन आज जिस तरह के चेहरे व पत्रकारिता का स्वरुप हम देख रहे हे उससे कौन डरेगा और जब पैसे व् कलम की ताक़त एक साथ मिल कर कार्य को अंजाम देने लग जाये तो फिर कहना की क्या. और इसका असर हम २जि स्पेक्ट्रुम के रूप मे देख ही रहे हे. और यह २जि स्पेक्ट्रुम के रूप मे आज हम एक ट्रेलर देख रहे हे न जाने ऐसे कितनी कहानिया होंगी जो अब तक सबके सामने नहीं आ पाई. जो पकड़ा गया वोह… Read more »
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