लेखक परिचय

केशव आचार्य

केशव आचार्य

मंडला(म.प्र.) में जन्‍म। माखनलाल चतुर्वेदी राष्‍ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से प्रसारण पत्रकारिता में एमए तथा मीडिया बिजनेस मैनेजमेंट में मास्टर डिग्री हासिल कीं। वर्तमान में भोपाल से एयर हो रहे म.प्र.-छ.ग. के प्रादेशिक चैनल में कार्यरत।

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मत आना इस धरा पर

तुम लौट कर,

इस विश्वास के साथ कि

तुम्हारे तीनों साथी अब भी

बैठे होंगे,

कान आंख और मुंह बंद कर

बुरा ना सुनने, देखने और कहने के लिए,

मत आना तुम इस धरा पर लौट कर

इस आशा के साथ कि

तुम्हारी लाठी अब भी तुम्हारे रास्ते का हमसफ़र होगी

अब तुम्हारी लाठी राहगीरों को रास्ता दिखाने के काम नहीं आती

तुम्हारी लाठी है,

सत्ता के नशे में चूर, घंमड़ी और स्वार्थी मदमस्तों का सहारा,

मत आना इस धरा पर

तुम लौट कर ,

क्योंकि यहां बदल चुके हैं तुम्हारें जीने के मायने और

बदल चुकी है तुम्हारे आस्था के मायने

-केशव आचार्य

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3 Comments on "मत आना लौट कर"

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prabha mujumdar
Guest

एक्स्सल्लेंट.

Prabha mujumdar
Guest

Excellent article, go ahead

हिमांशु डबराल
Guest

बहुत सही लिखा है आपने…
लेखनी के लिए शुभकामनाये…

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