लेखक परिचय

प्रवक्ता.कॉम ब्यूरो

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एकमुखी – बीबी के बाप को ससुर कहते हैं, तो गर्ल-फ्रेंड के बाप को क्या कहेंगे?

तीनमुखी – शादी के लिए हाँ कर दी तो `ससुर` नहीं तो `असुर`।


एकमुखी – क्या बात है, बहुत उदास लग रहे हो?

तीनमुखी – मैंने अभी बहुत ही करुणामय बुक पढ़ी है।

एकमुखी – कौन सी बुक?

तीनमुखी – बैंक की पासबुक।


एकमुखी – क्या तुम्हारी गाड़ी सही हालात में है।

तीनमुखी – बिलकुल। हॉर्न को छोड़ कर बाकि सारी चीजें शोर करती हैं।


तीनमुखी – अगर तुम्हारी पत्नी तुम्हें बाहर नौकरी खोजने के लिए भेजे तो तुम क्या करोगे?

एकमुखी – तो मैं नयी पत्नी खोजने लग जाऊंगा।


एकमुखी – क्या मैं तुम्हारे होमवर्क में तुम्हारी मदद कर सकता हूँ?

तीनमुखी – नहीं धन्यवाद। गलत तो मैं इसे खुद भी कर सकता हूँ।


इंटरव्यू लेने वाला एकमुखी से, तुमने अपनी पिछली जॉब क्यों छोड़ी?

एकमुखी – क्योंकि कम्पनी कहीं छोड़ के चली गयी और मुझे बताया ही नहीं।


एकमुखी का दिल नॉन-वेज खाने को करता है। वो एक होटल में जा कर चिकन आर्डर करता है।

वेटर – फ्रेंच चिकन या स्पैनिश चिकन?

एकमुखी – जो मर्जी ले आ यार, मैंने कौन सा उससे बातें करनी है।


तीनमुखी – सुना है बुढापा बहुत बुरी बिमारी है।

एकमुखी – हाँ यार। कल इसी बीमारी से 6 बच्चे मर गए।


एकमुखी – कल रात तीन घंटे एक फिल्म देखी, न कोई फोटो न ही कोई आवाज़।

तीनमुखी – फिल्म का नाम क्या था?

एकमुखी – नो डिस्क।


एकमुखी – तुझे अपना लैपटॉप बड़ा करवाना है?

तीनमुखी – हाँ यार

एकमुखी – तो फिर विंडोज हटवाकर दरवाजा इन्स्टाल करवा लें।


एक चुडेल एकमुखी को रोक कर डराती है और कहती है – हू हू हू ।।। मैं चुडेल हूँ।

एकमुखी – फिर देखती क्या है चिपक जा खुश करदे मुझको।


एकमुखी और तीनमुखी कब्रिस्तान में बैठे बातें कर रहे थे।

एकमुखी – देखो ये मुर्दे कितने आराम से अपनी कब्रों में सोये हुए हैं।

सारे मुर्दे उठ खड़े हुये और बोले – क्यों न सोयें, ये जगह हमने अपनी जान दे के हासिल की है।


एकमुखी रो रहा था।

तीनमुखी- तुम क्यों रो रहे हो?

एकमुखी- मेरी मुर्गी मर गई है।

तीनमुखी- इतना तो मैं अपने बाप के मरने पर भी नहीं रोया था।

एकमुखी- तुम्हारा बाप कौनसा अंडे देता था।


एकमुखी- तुम्हारा बेटा बिल्कुल तुम्हारे जैसा दिखता है।

तीनमुखी- धीरे से बोल। वो पड़ोसी का बेटा है।


एकमुखी ने पढ़ा, `बिल गेट्स के माइक्रोसोफ्ट ने स्काइप 4.5 करोड़ में खरीदी`।

एकमुखी – इन्टरनेट से फ्री में तो डाऊनलोड होता है, फालतू में पैसे दिये।


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