लेखक परिचय

श्‍यामल सुमन

श्‍यामल सुमन

१० जनवरी १९६० को सहरसा बिहार में जन्‍म। विद्युत अभियंत्रण मे डिप्लोमा। गीत ग़ज़ल, समसामयिक लेख व हास्य व्यंग्य लेखन। संप्रति : टाटा स्टील में प्रशासनिक अधिकारी।

Posted On by &filed under गजल.


कभी जिन्दगी ने मचलना सिखाया

मिली ठोकरें तो सम्भलना सिखाया

 

जीना सम्भलकर कठिन जिन्दगी में

उलझ भी गए तो निकलना सिखाया

 

रंगों की महफिल है ये जिन्दगी भी

गिरगिट के जैसे बदलना सिखाया

 

सबकी खुशी में खुशी जिन्दगी की

खुद की खुशी में बहलना सिखाया

 

बहुत दूर मिल के भी क्यों जिन्दगी में

सुमन फिर भ्रमर को टहलना सिखाया

Leave a Reply

1 Comment on "गजल:अनुभूति-श्यामल सुमन"

Notify of
avatar
Sort by:   newest | oldest | most voted
श्‍यामल सुमन
Guest

आपने बहुत मान दिया रमेश जी – यह मेरा सौभाग्य है – हार्दिक धन्यवाद

wpDiscuz