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रवि कुमार छवि

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(भारतीय जनसंचार संस्थान)

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विश्व कप क्वार्टर फाइनल में श्रीलंका की हार के साथ ही आधुनिक क्रिकेटके सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज कुमार संगाकारा का शानदार क्रिकेट सफर थम गया।संगाकारा ने पिछले साल ही श्रीलंका की खिताबी जीत के बाद टी-20 को अलविदाकह दिया था। हालांकि वो टेस्ट क्रिकेट से अगस्त में संन्यास लेंगे।

कुमार चोकशानडा संगाकारा का जन्म 27 अक्टूबर 1977 को मताले में हुआ था।लेकिन क्रिकेट की दुनिया में वो पहचाने गए कुमार संगाकारा के नाम से। बचपनसे ही संगाकारा की टेनिस में प्रति रुचि थी। विकेट के पीछे उनकी प्रतिभा कोदेखते हुए स्कूल प्रिंसिपल ने ही उन्हें क्रिकेट खेलने के लिए प्रोत्साहितकिया था। और देखते-देखते ही संगाकारा का बचपन कब क्रिकेट में तब्दील होगया उन्हें खुद भी पता नहीं चला।

कुमार संगाकारा के अगर आकड़ों पर गौर किया जाए तो वो यकीनन, इस दौर केसबसे शानदार खिलाड़ी है। संगाकारा ने कुल 404 वनडे की 380 पारियों में 41 बार नाबाद रहते हुए 41.98 की शानदार औसत से 14234 रन बनाए जिसमे से उनकेनाम पर 25 शतक और 93 अर्धशतक दर्ज है। अर्धशतक के मामले में वो सचिन 96 सेही पीछे है सिर्फ यही नहीं संगाकारा सचिन के बाद वनडे में 14 हजार रन पूराकरने वाले एकलौते बल्लेबाज है। कुमार संगाकारा शतक लगाने के मामले में सचिन (49) रिकी पोटिंग(30) और सनत जयसूर्या (28) से ही पीछे है।

संगाकारा सिर्फ विकेट के आगे ही बल्कि विकेट के पीछे भी सफल रहे।संगकारा ने एकदिवसीय मैच में सबसे बेहतरीन विकेट कीपिंग करते हुए 404 मैचमें 383 कैच और 99 स्टम्पिंग के साथ कुल 482 खिलाड़ियों को चलता किया है।इसके साथ ही उनके नाम विश्व कप में सर्वाधिक शिकार भी है। संगकारा ने इसीविश्व कप में एडम गिलक्रिस्ट के 52 शिकार का रिकॉर्ड का ध्वस्त कर नयाकीर्तिमान बनाया था। जिससे विश्व कप में उनके कुल शिकार की संख्या 54 हो गईथी.

कुमार संगाकारा के बारे में कहा जाता है कि वो एक ऐसे दौर में खेले जहांसचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़, जैक कैलिस, रिकी पोंटिग और महेला जयवर्धनेसरीखे खिलाड़ी मौजूद थे. इस कारण उनकी उपलब्धि इन खिलाड़ियों की चमक के आगेफीकी सी पड़ गई। हालांकि संगाकारा के आकड़े इनमे से किसी भी खिलाड़ी से कमनहीं है लेकिन संगाकारा को क्रिकेट की दुनिया में उन्हें सम्मान नहीं मिलाजिसके हकदार थे. दरअसल,संगाकारा भीड़ में छुपे वो नायक थे जिसकी बल्लेबाजीशैली का हर कोई मुरीद था।

उम्र बीतने के साथ संगाकारा और भी खतरनाक हो गए। संगाकारा ने बीते पांचसालों में 270 अंतराष्ट्रीय मैचों की 306 पारियों में 33 बार नाबाद रहतेहुए लगभग 52.21 की औसत से 14256 रन बनाए। जिसमे 36 शतक और 82 अर्धशतक थे।इसी साल वो 5 शतक लगा चुके थे। संगाकारा ने श्रीलंकाई टीम में नंबर तीन कीपोजिशन पर शानदार प्रदर्शन किया। अगर संगाकारा के एकदिवसीय करियर पररिकॉर्ड पर नजर डाली जाए तो वर्तमान में उनके आस-पास कोई भी बल्लेबाजआस-पास नजर नहीं आता हालांकि उनके हमवतन महेला जयवर्धने ने उनसे ज्यादाएकदिवसीय मैच खेले है लेकिन औसत में वो संगाकारा से काफी पीछे है।

कुमार संगाकारा के लिए ये विश्व कप यादगार रहा। जहां उन्होंने एक विश्वकप में लगातार चार शतक लगाकर इतिहास रचा साथ ही वो एकदिवसीय मैचों केइतिहास में ऐसा करने वाले वो विश्व के पहले बल्लेबाज़ भी बने। किसी एकविश्व कप में तीन शतक लगाने का कारनामा सिर्फ तीन ही बल्लेबाज कर पाए थे.लेकिन संगाकारा ने हमेशा के लिए अपने अंतिम विश्व कप को यादगार बना दिया।

अपने आखिरी मैच में वो भले दवाब में खेले लेकिन उनका पूरा क्रिकेट करियरदवाब मुक्त रहा। अपने आखिरी मैच में संगाकारा जैसे ही आउट हुए वैसे बीबारिश आ गई। शायद भगवान को भी ये मंजूर नहीं था कि संगाकारा जैसा महानखिलाड़ी क्रिकेट को अलविदा कहे। संगाकारा ने श्रीलंकाई क्रिकेट को जिस जगहपहुंचाया उसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है। इसमे कोई शक नहीं किसंगाकारा के जाने के बाद श्रीलंका की बल्लेबाजी में वो गहराई नहीं रहेगीलेकिन इसी का नाम क्रिकेट है। यहां हर एक दौर में एक से बढ़कर एक खिलाड़ीहुए लेकिन उनमे से कुछ ही ऐसे है जिन्होंने अपने खेल और शालीनता से क्रिकेटप्रेमियों और क्रिकेट पंड़ितों को अपना मुरीद बनाया संगाकारा उनमे से एकथे.

– रवि कुमार छवि

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