लेखक परिचय

बलवन्त

बलवन्त

विभागाध्यक्ष हिंदी कमला कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एण्ड साईंस 450, ओ.टी.सी.रोड, कॉटनपेट, बेंगलूर-53

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बलवन्त

जन सामान्य की भाषा हिन्दी।

जन–मन  की जिज्ञासा हिन्दी।

जन–जीवन में रची बसी

बन जीवन की अभिलाषा हिन्दी।

 

तुलसी-सूर  की बानी हिन्दी।

विश्व की जन कल्याणी हिन्दी।

ध्वनित हो रही घर–आँगन में

बनकर कथा–कहानी हिन्दी।

संकट के  इस विषम  दौर में

उम्मींदों की आशा हिन्दी।

 

गीत प्रेम के गाती हिन्दी।

सबको गले लगाती हिन्दी।

प्रेम–भाव से जीने का

मन  में उल्लास जगाती हिन्दी।

प्रेम–भाव  से करती, सबके

मन  की दूर निराशा हिन्दी।

 

गीत राष्ट्र  के गाने वाले।

हँस कर शीश कटाने वाले।

मातृभूमि  की रक्षाहित

अपना सर्वस्व लुटाने वाले।

राष्ट्रधर्म पर मिटने वाले

वीरों  की है गाथा हिन्दी।

 

सेवा भाव सिखाती हिन्दी।

सबके मन को भाती हिन्दी।

सबके दिल की बातें करती

सबका दिल बहलाती हिन्दी।

स्नेह, शील, सद्भाव, समन्वय

संयम  की परिभाषा हिन्दी।

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1 Comment on "‘उम्मींदों की आशा हिन्दी’"

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Dr. Ashok Kumar Tiwari
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Dr. Ashok Kumar Tiwari
“सबके मन को भाती हिंदी ” पर गुजरात के रिलायंस कम्पनी को हिंदी नहीं भाई और 14 सितम्बर 2010 को के.डी.अम्बानी विद्या मंदिर रिलायंस जामनगर ( गुजरात ) के प्रिंसिपल एस. सुंदरम ने सभी बच्चों और स्टाफ के सामने प्रात:कालीन सभा में माइक पर एनाउंस किया ” हिंदी राष्ट्रभाषा नहीं हिंदी टीचर्स आपको गलत बताते हैं” उनके पाकिस्तानी बॉर्डर पर इस बयान से विनम्र असहमति रखने वाले 25 सालों के अनुभव वाले – आकाशवाणी राजकोट के हिंदी वार्ताकार शिक्षक-शिक्षिकाओ को रिलाय्न्स कम्पनी द्वारा बड़ी बेरहमी से केवल निकाला ही नहीं गया उनके बच्चों को शांति से बोर्ड परीक्षा भी नहीं… Read more »
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