लेखक परिचय

विकास मित्तल

विकास मित्तल

मुख्य संयोजक पलवल डोनर्स क्लब "ज्योतिपूंज" पलवल (हरियाणा) 09896018073

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हर माता पिता के दिमाग एक बहुत बड़ा प्रश्न उठता  हैं कि उनका बच्चा  परीक्षा में अच्छे अंक कैसे प्राप्त करे ??? जिसका जवाब वही बच्चे दे सकते हैं जिन्होंने परीक्षा उत्तीर्ण  कर ली है।

परीक्षाओं के नाम सें बच्चे तो बच्चे बल्कि उनके माता पिता भी घबराते हैं लेकिन यह बहुत बड़ी बात नहीं हैं | शिक्षाविद् आर्यवीर लायन विकास मित्तल बताते है कि परिक्षाए स्कुल की हो या बोर्ड की, अगर आप आत्म विश्वास के साथ अपनी तैयारी करेंगे तो आपको परीक्षाओं में कोई परेशानी नहीं होगी |

कैसे करें अपने आप तैयार  परीक्षाओं के लिए ??

* प्रारम्भ सें ही अपने आपको जागरूक रखें :-
परीक्षा शुरू होने से पूर्व ही बच्चे किसी भी तरह के मानसिक तनाव ना बनाये | एक दिनचर्या निर्धारित करके से उसी के अनुसार अपने आप को परीक्षा के लिए तैयार करे | जिससे  परीक्षाओं के दौरान उनके पास पुनरावृत्ति के लिए पर्याप्त समय उपलब्ध हो |

* अपनी योग्यता को पहचाने:-

परीक्षा की तैयारी करते वक्त पुरे पाठ्यक्रम से अंक विभाजन को ध्यान में रखते हुए पाठों का चयन करके अपनी योग्यतानुसार पढाई करे। साथ ही साथ अपनी तुलना किसी दूसरे बच्चे सें करके अपना मनोबल न घटाये। अगर आप पूरे पाठ्यक्रम का 60 से 70 प्रतिशत भी पूरी तरह से तैयार कर लेते है तो आपको अच्छे अंक प्राप्त करने से कोई नही रोक सकता। आजकल सभी किताबों में कुछ टापिक पाठ्यक्रम के बाहर के भी होते है। कई बार बच्चे जानकारी के अभाव में उन टापिकों को करने में अपना समय बर्बाद कर लेते है, अत: तैयारी करने से पूर्व पाठ्यक्रम  के हिसाब से प्रश्नों को तैयार करें |

* तैयारी करते वक्त  (R.L.W.) विधि का उपयोग करें:-
आपके दिमाग एक प्रश्न जरूर आयेगा कि आखिर क्या है ये R.L.W. विधि?? पलवल डोनर्स क्लब के मुख्य संयोजक और शिक्षाविद् आर्यवीर लायन विकास मित्तल बताते है कि यह विधि अच्छे अंक प्राप्त करने की बहुत अच्छी विधि है। R का मतलब read यानि पढो, L का मतलब learn यानि याद करो, W का मतलब write यानि लिखो, अगर बच्चे इन तीनो टैबलेटस का  निरन्तर उपयोग करे तो उनको सफल होने से कोई नही रोक सकता।

*प्रश्नों के उत्तर को अभिव्यक्त करने का सही तरीके का न पता होना :-

अक्सर बच्चे प्रश्नों के उत्तर पता होने के बावजुद भी परीक्षा मे कम अंक मिलते हैं इसका एक ही कारण हैं आपका उत्तर लिखने का तरीका | सबसे पहले अपने उत्तर  लिखने पुर्व प्रश्न को कम से कम दो से तीन बार पढे तभी उसका उत्तर अच्छी हैण्ड राइटिंग में सफाई सें लिखे |
उत्तर में प्रश्न की जरुरत के हिसाब से निम्न का होना आवश्यक है:-
1. शीर्षक और उप शीर्षक
2.  महत्वपूर्ण जानकारी के साथ-साथ आवश्यकतानुसार चित्र और सारणी आदि।
अगर आपको प्रश्नपत्र में किसी प्रश्न का उत्तर या तो आता नही है या आधा अधूरा आता है तो भी वह प्रश्न छोड़ना नहीं चाहिए हैं अथार्त उसके उत्तर में प्रश्न से सम्बन्धित कुछ न कुछ जरुर लिखें। जाँच करते वक्त परीक्षक के द्धारा कुछ न कुछ अंक जरुर प्रदान करने सम्भावना रहती है।

महत्वपूर्ण प्रश्नों के चक्कर में पडें :-
आजकल बच्चें पूरे वर्ष पढाई न करके परीक्षा के समय केवल महत्वपूर्ण प्रश्नों मे पडकर असफल रहते है। अत: बच्चे परीक्षा के लिए जिन पाठों या अध्यायों को तैयार करे, उन पाठों का प्रत्येक टापिक करे जिससे परीक्षाओं में किसी मुसीबत का सामना न करना पडें। आप लोग विभिन्‍न शिक्षा बोर्डो द्धारा जारी किए गये सेम्पल प्रश्नपत्रो और पूर्व सालो के प्रश्नपत्रों को हल करने के अलावा एन सी आर टी की पुस्तकों से परीक्षा की तैयारी करें।
पिछले10 वर्षो के प्रश्न पत्र पढ़कर, उन्हें हल जरुर करे |

परीक्षा के दिनों में अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखे :-
परीक्षा के दिनों में बच्चों अपने स्वास्थय का विषेश ध्यान रखने की आवश्यकता है। परीक्षा कें दिनों में  ठीक से 6 से 7 घन्टे की नींद ले | अक्सर देखा गया है कि जब बच्चें पढने के लिए बैठते है उन्हें नींद आनी शुरु हो जाती है।क्या उपाय है इसका ??? जब आप पढनें के लिए हमेशा बिस्तर की बजाय कुर्सी और मेज का उपयोग करें क्योंकि बिस्तर बैठकर पढने सें बच्चें नींद की गिरफ्त में जल्दी आ जाते है। अगर आप पढतें पढतें थक जाये तो पानी पीकर कुछ देर बाहर इधर उधर टहल लें या फिर कुछ देर योगाभ्यास किया जा सकता है। हाँ आप हल्के हाथ से खुद या किसी की मदद से अपने चेहरे और खासतौर पर अपने कानों की मसाज कर सकते है जिससे आपकी थकान तो दूर होगी ही साथ ही साथ आपकी नींद भी गायब हो जायेगी । बच्चों को अगर परीक्षा में अच्छे अंकों से उत्तीर्ण  होना है तो परीक्षा के दिनों में मोबाइल, टीवी, फेसबुक, वाटस अप, टवीटर आदि से परहेज करना चाहिए ।

खान पान का भी विशेष ध्यान रखे :-

परीक्षा के दिनों में बच्चों का बाजार का बना जंक फुड और तले हुए भोजन का परहेज  करना चाहिए | इससे उनको सुस्ती और नींद तो आएगी ही और साथ ही साथ उनका का मन भी पढाई में नहीं लगेगा | इन दिनों उनको छोटे छोटे अन्तराल पर घर पर बना हुआ हल्का भोजन लेना चाहिए। पेय पदार्थ जैसे फलो का जुस, दुध, चाय, काफी आदि का सेवन भी कर सकते है। एन जी एफ रेडियो की सामाजिक संयोजिका अल्पना मित्तल बताती है कि अक्सर कहा जाता है कि परीक्षा वाले दिन बच्चे घर से दही शक्कर या तुलसी के पत्ते खाकर जाना चाहिए । उनका कहना है इसके पीछे भी एक वैज्ञानिक कारण है कि दही और शक्कर खाने से परीक्षा में  ताजगी बनी रहती हैं और नींद भी नही आती। तुलसी के पत्ते खानें से भी बच्चों के अन्दर ताजगी के साथ साथ ऑक्सिजन का स्तर भी ठीक रहता हैं |

परीक्षा केन्द्र पर जाने से पूर्व क्या करें ? :-
* बच्चे घर से निकलने से पहले अपने सभी महत्वपूर्ण दस्तावेज जैसे परीक्षा का प्रवेश पत्र, अपना पहचान पत्र आदि की जाँच करले | अपने प्रवेश पत्र की एक फोटोकापी करवा जरूर रखे ।
* परीक्षा केन्द्र पर परीक्षा शुरु होने सें लगभग आधा घंटा पूर्व पहुँचकर अनावश्यक हडबडी से बचें।

* बच्चें अपने साथ आवश्यक परीक्षा में असुविधा से बचने के लिए अतिरिक्त पेन,पेन्सिल, रबर, स्केल आदि लेकर जाये |

* परीक्षा कक्ष में जाने से पूर्व अपनी जेब और पर्स की स्वतः ही जांच करलें। कहीं उसमे भुलवश पेपर सम्बन्धित सामग्री न रह गयी हो।

मुझे पूरी उम्मीद है कि अगर बच्चें ऊपर दी गयी सभी सुझावों पर अमल करें तो वें बोर्ड परीक्षाओं में बहुत अच्छे अंको से उत्तीर्ण होकर अपने सुनहरे भविष्य की ओर अग्रसर होगें।
सभी बच्चों को आने वाली परीक्षाओं के लिए ढेर सारी शुभकामनाएं।

 

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