लेखक परिचय

भारत भूषण

भारत भूषण

संत कोलम्बा कॉलेज (हजारीबाग) से स्नातक व जामिया मिलिया इस्लामिया (दिल्ली) से विधि स्नातक व चार वर्षों की लॉं प्रैक्टिस करने के बाद दिल्ली में पिछले 4 वर्षों से अपनी आईटी कंपनी (मनु इन्फो सोल्युशंस प्राइवेट लिमिटेड) चला रहे हैं। कई सामाजिक संगठनो में सक्रिय भूमिका निभाने के साथ ही राजनीति में भी सक्रिय हैं। वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी के यूथ विंग युवा मोर्चा (BJYM) के राष्ट्रीय आइ.टी प्रभारी हैं। लीगल इंडिया (www.legalindia.in) व प्रवक्ता॰कॉम (www.pravakta.com) के प्रबंध निदेशक हैं।

Posted On by &filed under दोहे.


dजैसे मैं उसके लिए मर गया,

वैसे वो मेरे लिए मर गया !

पर सवाल इंसानियत का है,

जो दोनों के दिलों में मर गया !!

 

बिछड़े रिश्ते, नसतर की तरह होते हैं,

जिक्र होते ही आखों में छलक आते हैं!!

मलाल दोनों को है मगर,

एहसास दोनों का मर गया!!

भारत भूषण

Leave a Reply

Be the First to Comment!

Notify of
avatar
wpDiscuz