लेखक परिचय

डब्बू मिश्रा

डब्बू मिश्रा

इस्पात की धडकन का संपादक, सरकुलर मार्केट भिलाई का अध्यक्ष और अंर्तराष्ट्रीय ब्राह्मण का छत्तीसगढ राज्य प्रदेश सचिव । जनाधार बढाने का अटूट प्रयास ताकि कोई तो अपनो सा मिल जाये ताकि एक संघर्ष शुरू किया जा सके ।

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क्या पहले मुझे नास्त्रेदमस का परिचय देने की जरूरत है। मुझे नहीं लगता क्योंकि सब कुछ विकीपीडिया में मिल जाएगा सो वहां से आप पढ लिजिए। मैं तो लिखने बैठा हूँ इस दुनिया की तबाही के बारे में महान भविष्यवक्ता नास्त्रेदमस की भविष्यवाणीयों के बारे में कुछ बताने और कुछ आपको सुझाने के लिए।

मैने इस संबंध में एक लेख लिखा था तीसरा विश्वयुद्ध शुरू – नास्त्रेदमस की भविष्यवाणी पूर्णता की ओर इसमें मैने बताया था की दुनिया तीसरे विश्वयुद्ध के ना केवल कगार पर है बल्कि बहुत तेजी से युद्ध शुरूआत होने की भूमिका लगभग तय हो गई है । किस तरह से लडाई छिडेगी इसका एक खाका तैयार हो गया है । आगे मैं जो भी लिखने जा रहा हूँ उस पर केवल पढनें तक सीमीत ना रहे बल्कि आप इससे आगे की सोचें…….।

मेबस (MABUS) के बारे में सबसे पहले चर्चा करते हैं। इस नाम को आडा-टेढा उल्टा-सीधा सब कुछ करके दुनिया के विशेषज्ञों नें देख लिये हैं अब इसके बारे में मेरा जो नजरिया है उस पर गौर फरमाएं और यदि सही लगे तो प्लीज…. अपना नाम जोड कर मत बता देना की ये आपकी खोज है। दरअसल इस नाम की खोज पर कई सालों से मैं भी लगा हुआ था और हर उभरते नाम के साथ इस नाम को जोडने का प्रयास करता रहा।

Mabus तो जल्द ही मर जाएगा, वहाँ आ जाएगा लोगों और जानवरों में से एक भयानक भगदड़:

फिर अचानक एक प्रतिशोध देखेंगे, सौ, हाथ, प्यास, भूख जब धूमकेतु चलेंगे (सदी द्वितीय, 62 रुबाई).

अब कोई इसे मेबस कहता है तो कोई माबस कहेगा लेकिन मैं इसे केवल मबुस ही समझा और इसी आधार पर उस मबुस की खोज करने निकल पडा। .. बोर हो गए ना… लेकिन अब जो बता रहा हूँ उसे आप भूमिका कह सकते हैं । जैसा की मैने तीसरा विश्वयुद्ध शुरू लेख में बता चूका हूँ की गद्दाफी पनडुब्बी अथवा अन्या साधनों से होता हुआ इटली तक पहुंचेगा। लेकिन पुनः नास्त्रेदमस की भविष्यवाणी में सेंचुरी 9 के 3 खंड में लिखा है:

The “great cow” at Racenna in great trouble, Led by fifteen shut up at Fornase,

At Rome there will be born two double-headed monsters, Blood, fire, flood, the greatest ones in space .

यहां पर खोजबीन किया तो पाया की Racenna में मात्र एक स्पेलिंग का फेरबदल करो और c की जगह पर v का इस्तेमाल करने पर इस नाम का इटली का एक समुद्र तटीय नगर है । अब जबकि रेवेना मिल गया तो वहां से लिबिया का पहुंच मार्ग ढुंढा और त्रिपोली से रेवेना का नक्शा इस तरह से बना —-

अब इसके साथ नीचे की नीली लाइन पर गौर फरमाएं यह लाइन सीधे त्रिपोली, लिबिया तक के लिये खींची गई है (कुछ मेहनत आप भी करो औऱ गुगल मेप से रास्ता ढुंढो) मुझे कुल समुद्री दुरी 1000 किलोमीटर के आसपास की मिली। अब आपको लगेगा की इस दूरी का मेबस से क्या जोड हो सकता है । हां .. आप सही है इन दोनो का कोई जोड नही है लेकिन जोड बनाना है तो कुछ गुणा भाग भी तो करना पडेगा।

At Rome there will be born two double-headed monsters, इस लाइन का क्या आप हिंदी में रूपांतरण करेंगे । मुझे जितनी अंग्रेजी समझ में आई उसके अनुसार नास्त्रेदमस रोम में दो सिर वाले राक्षस के जन्म लेने की बात कहते हैं । जी हां …..ये है दो सिर वाला राक्षस …मेबस या माबस लेकिन मेरी भाषा में मबुस।

गद्दाफी गायब है और इस लेख को लिखे जाने तक लापता ही है लेकिन नास्त्रेदमस की भविष्यवाणी के अनुसार वह इस समय या तो इटली के रेवेना शहर तक पहुंच चुका होगा या पहुंचने वाला और यही गद्दाफी है मबस का MA (गद्दाफी के नाम के पहले मुअम्मर लगता है जिसके उच्चारण का एक हिस्सा मुअम् … फिर मुअम् से म बना इस तरह से बना आपके मेबस का और मेरे मबुस का म ।

जब मबस का म मिल गया तो पीछे के BUS को ढुंढने मे कोई कठिनाई नही पडी। दो सिर वाले राक्षसों का एक सिर मुअम्मर गद्दाफी है तो दुसरा सिर उस बुस का है जो गद्दाफी का परम प्रिय हो या फिर ऐसा आदमी जो गद्दाफी की तरह का तानाशाही रवैय्या रखते हुए अय्याशी कर रहा हो और रहता इटली में हो । …. अरे वाह आप भी पहचान गये … जी हां मबुस का बुस बुर्लोस्कोनी ही है … कैसे .. जरा उसके नाम के हिस्सों को अलग अलग करो .. बुर्लोस्-कोनी… फिर से कहो .. बुर्लोस् …. फिर से कहो … बुस् … हो गया हिज्जों में तैय्यार मबुस नामक दो सिरों वाला राक्षस । … ।

कहते हैं की जब दुनिया के सबसे बडे दुश्मन को अपने घर में छिपाना हो तो दुनिया के सामने उसे अपना सबसे बडा दुश्मन बताओ (पाकिस्तान ने ओसामा के साथ यही नाटक दुनिया के सामने दिखाया था) तब मुझे समझ आया की क्यों बुर्लोस्कोनी गद्दाफी को अपना सबसे बडा दुश्मन बता रहा है । उसका बयान जब मैने पढा की गद्दाफी का बस चले तो वह मुझे अभी मरवा डाले तो मुझे गडबड लगी, क्योंकि दोनो की एक फोटो से मुझे उनके रिश्ते बडे मीठे लगे थे .।.. आप भी देखें ….

इन तस्वीरों को देखकर आप क्या कहेंगे । सबसे बडी बात यह है की इन दोनो महानुभावों का व्यवहार । दोनो की भाषाओं में तानाशाही झलकती है । दोनो ही कानून की परवाह नही करते । दोनो को एशोआराम पसंद है । दोनो को खूबसूरत लडकियों का शौक है । वगैरह वगैरह … अब आप ही सोचें की क्या मेरी खोज गलत है । अगर गलत लगे तो मेरे अगले लेख को जरूर पढ लिजियेगा ।

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