लेखक परिचय

मोतीलाल

मोतीलाल

जन्म - 08.12.1962 शिक्षा - बीए. राँची विश्वविद्यालय । संप्रति - भारतीय रेल सेवा में कार्यरत । प्रकाशन - देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं लगभग 200 कविताएँ प्रकाशित यथा - गगनांचल, भाषा, साक्ष्य, मधुमति, अक्षरपर्व, तेवर, संदर्श, संवेद, अभिनव कदम, अलाव, आशय, पाठ, प्रसंग, बया, देशज, अक्षरा, साक्षात्कार, प्रेरणा, लोकमत, राजस्थान पत्रिका, हिन्दुस्तान, प्रभातखबर, नवज्योति, जनसत्ता, भास्कर आदि । मराठी में कुछ कविताएँ अनुदित । इप्टा से जुड़ाव । संपर्क - विद्युत लोको शेड, बंडामुंडा राउरकेला - 770032 ओडिशा

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ayodyaसरयु बहती थी अयोध्या में

आज भी बहती है

रहते थे लोग वहाँ

आज भी रहते हैं

गलियाँ और सड़कें

वहाँ तब भी थी

आज भी हैं

मंदिर से घंटी

और मस्जिद से अजान

तब भी सुनाई देती थी

आज भी सुनाई देती है ।

 

बावजूद इनके

आज कहीं दिखता नहीं

राम का मंदिर

न बाबरी मस्जिद

दोनों के बीच का प्रेम

डूब गया सरयु में

जबकि राम-रहीम के लोग

एक साथ उसी माटी में

खेलते-कुदते बड़े हुए थे

आज रहीम को भागना पड़ा है

और राम डूब गये हैं सरयु में

मलबे की माटी ढोते-ढोते ।

 

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