लेखक परिचय

लक्ष्मी जायसवाल

लक्ष्मी जायसवाल

दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिप्लोमा तथा एम.ए. हिंदी करने के बाद महामेधा तथा आज समाज जैसे समाचार पत्रों में कुछ समय कार्य किया। वर्तमान में डायमंड मैगज़ीन्स की पत्रिका साधना पथ में सहायक संपादक के रूप में कार्यरत। सामाजिक मुद्दों विशेषकर स्त्री लेखन में विशेष रुचि।

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वेब मीडिया की बढ़ती स्वीकार्यता में इंटरनेट की भूमिका बहुत ही अहम है। इंटरनेट का आगमन हमारे आधुनिक समाज की बहुत बड़ी क्रांति मानी जा सकती है। आज इंटरनेट के कारण पूरी दुनिया सिमट कर एक गांव की तरह हो गई है। इंटरनेट के माध्यम से आसानी से कुछ ही पलों में अपनी बात देश के किसी भी कोने में पहुंचाई जा सकती है। इंटरनेट ने लोगों के बीच की भौगोलिक दूरी को पाटने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसी इंटरनेट की बदौलत वेब मीडिया को अपनी जड़ें फैलाने का मौका मिला। आज के समय में वेब मीडिया के बढ़ते महत्त्व व इसकी स्वीकार्यता को कोई नजरअंदाज नहीं कर सकता। वेब मीडिया को केवल तकनीक या सूचना के क्षेत्र में हुई क्रांति के रूप में देखना इसके साथ नाइंसाफी होगी। दरअसल, वेब मीडिया की बढ़ती स्वीकार्यता के कारण न केवल सूचना के क्षेत्र में क्रांति आई है अपितु आम जनता के अभिव्यक्ति के अधिकार में भी वृद्धि हुई है और तो और इस माध्यम के द्वारा हिंदी का खोया गौरव भी लौटा है। आज न जाने कितनी ही वेबसाइट्स ऐसी हैं जो हिंदी में समाचार, ब्लाॅग तथा विभिन्न सामाजिक, आर्थिक, मानसिक, राजनैतिक, नैतिक व समसामयिक मुद्दों पर हिंदी में लेख व समाचार उपलब्ध करा हिंदी को एक बार फिर आम जनता तथा देश के पढ़े-लिखे युवा की भाषा बनाने की कोशिश में सफल हो रही हैं। कई प्राचीन पत्र-पत्रिकाएं आज वेब मीडिया के माध्यम से ही अपनी पहचान बनाए रखने में सफल हुई हैं।
दरअसल, आज का युवा तेज रफतार का शौकीन है। ऐसे में उसके पास टीवी पर खबरें सुनने या अखबार पढ़ने का भी समय नहीं है। उसे सब कुछ जल्दी ही जानना है। ऐसे में बस कंप्यूटर और लेपटाॅप के एक क्लिक से उसे देश-दुनिया की तमाम खबरें व विभिन्न प्रबुद्ध जनों तथा नवोदित लेखकों के विचार भी पढ़ने को मिल जाते हैं। वेब मीडिया की राहें और आसान बनाने का काम किया मोबाइल के क्षेत्र में हुई उन्नति और तरक्की ने। आज हर वर्ग के लिए विभिन्न कीमतों में स्मार्ट फोन उपलब्ध हैं, जिसकी वजह से अब खबर पढ़ने के लिए लेपटाॅप या कंप्यूटर के पास होना जरूरी नहीं। मोबाइल पर इंटरनेट उपलब्ध होने से आजकल लोग बस या मेट्रो में सफर करते समय विभिन्न वेबसाइट्स पर क्लिक करके अपना समय भी काट लेते हैं और देश-दुनिया की तमाम छोटी-मोटी घटनाओं भी रुबरु हो जाते हैं।
आज आम जनता तक वेब मीडिया की पहुंच है। वेब मीडिया का सबसे बड़ा फायदा तत्काल खबर मिलना तथा खबर व लेख पर अपने विचार अभिव्यक्त करने की आजादी मिलना है। किसी भी अखबार में कोई खबर अगले दिन जाकर छपती है जबकि वेब मीडिया पर तुरंत खबर पढ़ी जा सकती है। आप अखबार या टीवी पर दिखाई गई किसी खबर, लेख या स्पेशल स्टोरी पर तुरंत अपनी राय नहीं दे सकते। उसके लिए आपको पत्र या मेल लिखना पड़ता है, उसमें भी इस बात की कोई सुनिश्चितता नहीं है कि आपका पत्र या मेल छप ही जाएगा। जबकि वेब मीडिया पर तुरंत आप अपने विचार कमेंट के रूप में लिख सकते हैं। थोड़ी देर बाद ही आपके विचार आपके नाम और कहीं-कहीं आपकी तस्वीर के साथ वेबसाइट पर प्रकाशित हो जाते हैं। यहां एक ओर बात विचार करने योग्य है कि वेब मीडिया आपको सिर्फ विभिन्न खबरों व लेख पर अपने विचार ही अभिव्यक्त करने की आजादी नहीं दे रहा बल्कि ये आपको किसी भी खबर या लेख को प्रकाशित करने का अधिकार भी देता है। ये वेब मीडिया की बढ़ती स्वीकार्यता का ही परिणाम है आज न केवल कई विभिन्न स्वतंत्र वेबसाइट्स अपनी जड़ें जमाए हुए हैं बल्कि लगभग हर पुराने-नए अखबार व चैनल भी वेब मीडिया का सहारा लेने को मजबूर हैं। आज हर मीडिया संस्थान अपने अखबार व चैनल के अलावा अपनी वेबसाइट भी चला रहे हैं। जहां न केवल पाठक को खबरें दी जाती हैं बल्कि पाठक भी अपनी खबर अन्य लोगों तक पहुंचाता है। आज कई बड़े मीडिया संस्थानों ने अपनी वेबसाइट्स पर पाठकों को अपने ब्लाॅग बनाने की सुविधा दी हुई है। इस सुविधा के कारण आज हर पाठक को अपनी बात और लोगों तक पहुंचाने का अधिकार मिल गया है। इसके अलावा कई वेबसाइट्स तो खबरों व लेख की लोकप्रियता के आधार पर अपने पाठकों को कुछ धनराशि भी देती हैं। इस तरह वेब मीडिया कई लोगों के लिए रोजगार का भी माध्यम बन गया है, जिसके वेब मीडिया की स्वीकार्यता में वृद्धि हो रही है। वेब मीडिया पर लोग एक-दूसरे से जुड़ भी रहे हैं। इसलिए वेब मीडिया केवल खबरों के आदान-प्रदान का ही अड्डा नहीं है बल्कि यहां कई लोगों को कई मित्र भी मिल रहे हैं। इस तरह से ये सोशल नेटवर्किंग साइट की भूमिका भी निभा रही हैं। यही कारण है कि न केवल युवाओं में बल्कि बुजुर्ग लोगों में भी वेब मीडिया के प्रति आकर्षण बढ़ रहा है। लोगों में बढ़ते इसकी आकर्षण के कारण आज जिधर देखो उधर ही वेब मीडिया का साम्राज्य बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है।
वेब मीडिया की बढ़ती स्वीकार्यता की एक वजह यह भी है कि यहां आपको अपने विचारों की अभिव्यक्ति खबर या लेख के रूप में करना जरूरी नहीं होता अपितु आप व्यंग्य, कहानी, गजल या कविता के रूप में भी अपनी बात कह सकते हैं और इन विधाओं के रूप में की गई अभिव्यक्ति भी काफी सराही जा रही है। आजकल वेब मीडिया पर कटाक्ष पूर्ण भाषा का प्रयोग भी किया जा रहा है और ये भाषा युवाओं को आकर्षित करने में सफल भी हो रही है। एक तरह से कहा जा सकता है कि वेब मीडिया न केवल आप तक तमाम खबरें कुछ मिनटों में ही पहुंचा रहा है बल्कि आपकी बात भी विभिन्न विधाओं के माध्यम से बस एक क्लिक पर देश-विदेश के तमाम पाठकों तक पहुंचाने की क्षमता रखता है। आज तमाम पाठकों को अपने विचार व्यक्त करने के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध कराया जा रहा है, जिसके कारण कई छिपी प्रतिभाएं भी उभरकर दुनिया के सामने आ रही हैं। वे लोग जो प्रतिभाशाली होने के बावजूद अपनी कलम की ताकत का दुनिया को एहसास कराने में असफल थे, उन लोगों की प्रतिभा को तराशने का काम भी वेब मीडिया बखूबी कर रहा है। नवोदित लेखकों, कवि व पत्रकारों के लिए वेब मीडिया एक सशक्त मंच है जहां से वे पूरी दुनिया से अपनी प्रतिभा की जान-पहचान करवा सकते हैं।
एक सशक्त मंच की उपलब्धतता के गुण ने भी वेब मीडिया को अपनी जड़ें गहराई तक फैलाने के अवसर उपलब्ध कराए हैं। वेब मीडिया की इसी खासियत के कारण आज बहुत से लोग इस ओर अपने कदम बढ़ाकर अपनी लेखनी की धार से समाज को बदलने की कोशिश भी कर रहे हैं।
यदि बात करें खबरों को पर्याप्त स्थान मिलने की तो इस रूप में भी वेब मीडिया अधिक सशक्त है। अखबार या टेलीविजन पर कभी विज्ञापन के दबाव में तो कभी राजनैतिक दबाव के चलते कुछ खबरों को कम या अधिक तवज्जो मिलती है लेकिन वेब मीडिया ऐसे बंधनों से भी काफी हद तक मुक्त है। क्योंकि यदि वेबसाइट पर किसी खबर को प्रकाशित नहीं भी किया जा रहा तो भी आप कोई दबी खबर, समाज की मुख्यधारा से कटे लोगों की खबर, ऐसी खबरें जो मीडिया संस्थानों के लिए मायने नहीं रखती पर आम जनता से सरोकार रखती हैं, को भी आप अपने ब्लाॅग के जरिये वहां प्रकाशित कर सकते हैं। साथ ही साथ यहां उच्च स्तर पर भाषा का ज्ञान रखने का बंधन भी नहीं है तो आप सरल, सुगम या प्रभावशाली जैसे भी शब्दों में चाहें अपने विचार अभिव्यक्त कर सकते हैं।
वेब मीडिया किसी भौगालिक सीमा में नहीं बंधा इसलिए यहां पाठकों केा केवल उनके क्षेत्र विशेष की ही नहीं अपितु विष्व के हर कोने की खबर एक ही जगह पर पढ़ने को मिल जाती है। आप चाहे देश के किसी भी कोने में हों अखबार या टीवी के बिना ही केवल एक क्लिक से कुछ ही मिनटों में अपने क्षेत्र की खबर भी आसानी से प्राप्त कर सकते हैं। यदि वेब मीडिया की लागत की बात करें तो अन्य मीडिया माध्यमों के मुकाबले यह बहुत ही सस्ता है। कम लागत तथा अल्प संसाधनों के जरिये आसानी से एक वेबसाइट को चलाने का काम शुरू किया जा सकता है। यही वजह है कि आज न केवल अंग्रेजी में बल्कि हिंदी में भी कई वेबसाइट्स उपलब्ध हैं जिन्होंने अल्प संसाधनों में अपना काम शुरू किया और आज ये साइट्स मुख्य धारा मीडिया से भी ज्यादा सशक्त रूप में आधुनिक मीडिया का सिरमौर बन बैठी हैं और इनके पाठकों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। वेब मीडिया के जरिये न केवल हिंदी पाठकों की संख्या बढ़ी है अपितु नवोदित प्रतिभाओं को अपनी बात कहने का एक सशक्त मंच भी मिला है। वेब मीडिया ने हिंदी को अपनी भाषा बनाकर न केवल हिंदी भाषा का सम्मान बढ़ाया है अपितु अपने कार्य के लिए हिंदी भाषा का चुनाव कर आज अपनी स्वीकार्यता और लोकप्रियता को भी बढ़ाया है। यदि वेब मीडिया हिंदी भाषा को इतना महत्त्व न देता तो शायद वेब मीडिया की स्वीकार्यता का स्तर उतना ऊंचा नहीं होता जितना कि आज है।

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