लेखक परिचय

सौरभ कुमार यादव

सौरभ कुमार यादव

लेखक 'हिंदुस्‍थान समाचार' एजेंसी से जुडे हैं।

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ban1अब आप अपने गांव और शहर को इण्टरनेट पर गुगल अर्थ के साथ-साथ भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) द्वारा तैयार पोर्टल ‘भुवन’ पर भी देख सकते है।

नवम्बर 2008 में ईसरो ने चन्द्रयान 1 भेजा था जिसमें नक्शे के कार्यप्रणाली सम्बन्धित ‘मैपिंग एप्लिकेशन’ था। उन्हीं का प्रयोग करके भुवन को भारतीय रंग रुप में ढाला गया है।

भुवन में उपयोग किए जाने वाले नक्शों को ईसरो ने पृथ्वी से 2.5 मीटर की ऊंचाई से लिया है। भुवन के नक्शे राजनीतिक और उपग्रहीय दोनों ही प्रकार से देखे जा सकते हैं। ईसरो ने यह वेबसाइट 12 अगस्त को लांच की थी। वेबसाइट लांच होने के मात्र 50 घण्टे के भीतर इस वेबसाइट पर 68 हजार लोग अपना पंजीकरण करा चुके थे।

बहुत से लोगों का मानना है कि गूगल में एक साथ बहुत से लोग लॉगइन हो जाते हैं जिस कारण गूगल मैप की सर्फिंग की गति कम हो जाती है इस लिए अधिकतर लोग गूगल में मैप सर्फ करना पसन्द नहीं करते हैं। इन लोगों के लिए भुवन एक अच्छा विकल्प साबित होगा क्योकि भुवन की गति का इसरो ने विषेश ध्यान दिया है। इस पोर्टल में इसरो ने भुवन को विशेष रुप से कुछ ऐसी खूबियां प्रदान की हैं कि एक साथ चाहे जितने भी व्यक्ति लॉगइन हों भुवन की सर्फिगं की गति पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा।

भुवन को इस प्रकार डिजाइन किया गया है कि इसमें जिस जगह पर भी आप कर्सर ले जाएंगे और वहाँ क्लिक करेंगे तो उस जगह कि पूरी जानकारी आपको प्राप्त हो जाएगी। वर्तमान में भुवन में पिछले 3 वर्षो की पूर्ण जानकारी दी गयी है लेकिन इसरो के अधिकारियों का कहना है कि जल्दी ही इसे बढ़ा कर 19 वर्षो तक कर दिया जाएगा।

भुवन में प्रदान की गयी जानकारियों को तीन स्तर में बाँटा गया है और तीनाें ही स्तर सूचनाओं से भरे हैं जितनी भी आवश्यक जानकारियां हैं वो लगभग सभी भुवन के पास से प्राप्त की जा सकती हैं। भुवन की सबसे अच्छी खासियत यह है कि इसे इसे भारत के नजरिए से तैयार किया गया है और भारत के लोगों के लिए इससे उपयोगी कोई दूसरी वेबसाइट हो ही नहीं सकती।

भुवन में सुरक्षा सम्बन्धि बातों का विशेष ध्यान दिया गया है। भुवन की वेबसाइट पर लॉगइन के बाद ही आप सारी जानकारियाँ नहीं प्राप्त हो सकती हैं बल्कि उसके लिए आपको सुरक्षा प्रावधानों से गुजरना होगा तब जा कर आप भुवन से हर प्रकार की जानकारी को प्राप्त कर सकते हैं।

जहॉ गूगल अर्थ की तस्वीरें 30-40 मीटर के रिजाल्यूसन की प्रतीत होतीं हैं वहीं भुवन की तस्वीरें 5.8 मीटर रिजोल्यूसन की हैं। गूगल में बड़े शहरों को ज्यादा महत्व दिया गया है और गूगल में अधिकतर सूचनाएं गूगल का प्रयोग करने वालों ने ही डालीं हैं इसलिए गूगल में कई सूचनाए गलत भी प्राप्त होतीं हैं लेकिन भुवन में कोई भी सूचना प्रयोर्गकत्ता द्वारा नहीं दी जा सकती हैं इसलिए भुवन से प्राप्त जानकारी बिल्कुल सहीं जैसी ही होती हैं।

वर्तमान में भुवन का प्रयोग करने के लिए एक लंबी पंजीकरण प्रक्रिया है उसके बाद भुवन मैप को आपको डाउनलोड करना होगा जिसके लिए 10 एम.बी. की क्षमता होनी आवश्यक है इसके साथ साथ उच्च गति का इन्टरनेट कनेक्शन होना चाहिए। भुवन मैप को चलाने के लिए दो ऐसे साफ्टवेयर हैं जो अत्यन्त आवश्यक हैं पहला है डाईरेक्ट एक्स और दुसरा है माईक्रोसॉफ्ट नेट। भुवन केवल उन्हीं कम्प्यूटरों पर चलेगा जिनमें इन्टरनेट एक्सप्लोरर का 6.0 से उपर का वर्जन हो।

-सौरभ कुमार यादव

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1 Comment on "गुगल अर्थ के तर्ज पर इसरो ने बनाया ‘भुवन’"

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rakesh upadhyay
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very good, factful

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