लेखक परिचय

तेजवानी गिरधर

तेजवानी गिरधर

अजमेर निवासी लेखक तेजवानी गिरधर दैनिक भास्कर में सिटी चीफ सहित अनेक दैनिक समाचार पत्रों में संपादकीय प्रभारी व संपादक रहे हैं। राजस्थान श्रमजीवी पत्रकार संघ के प्रदेश सचिव व जर्नलिस्ट एसोसिएशन ऑफ राजस्थान के अजमेर जिला अध्यक्ष रह चुके हैं। हाल ही अजमेर के इतिहास पर उनका एक ग्रंथ प्रकाशित हो चुका है। वर्तमान में अपना स्थानीय न्यूज वेब पोर्टल संचालित करने के अतिरिक्त नियमित ब्लॉग लेखन भी कर रहे हैं।

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तेजवानी गिरधर

जल्द ही नया राजनीतिक दल बनाने जा रहे अरविंद केजरीवाल भले ही लगातार दिल्ली सरकार व सोनिया गांधी के जवांई राबर्ड वाड्रा के बहाने कांग्रेस पर हमले बोलते जा रहे हों, मगर भाजपा उनसे ज्यादा भयभीत है। उसे डर है कि वे न केवल कांग्रेस विरोधी वोटों में, जो कि इस बार भाजपा को मिलने की उम्मीद थी, में हिस्सा बांटेंगे, अपितु भाजपा से निराश मतदाताओं में भी सेंध डालेंगे।

हिंदूवादी भाजपा केजरीवाल से कितनी भयभीत है, इसका अनुमान इस विश्लेषण के साथ दिए गए चित्र से, जो कि किसी हिंदूवादी ने फेसबुक पर लगाया है, से लगाया जा सकता है। जैसे ही यह चित्र फेसबुक पर लगा, टिप्पणियों का तांता लग गया। हिंदूवादियों ने केजरीवाल को न केवल भद्दी-भद्दी गालियां बकीं, अपितु उन्हें कांग्रेस व सोनिया का एजेंट तक करार दे दिया। इस बहसबाजी में बेचारे केजरीवाल समर्थक बार-बार शालीन भाषा में सफाई देते रहे, मगर हिंदूवादियों ने उन पर ताबड़तोड़ हमले जारी रखे।

असल में प्रतीत ये होता है कि जो केजरीवाल पहले कांग्रेस पर हमले बोलने के कारण भाजपा को बड़े प्रिय लग रहे थे और इसी वजह से भाजपाइयों ने उनका साथ दिया, वे ही जब दोधारी तलवार की तरह भाजपा पर भी हमले करने लगे तो भाजपाइयों को सांप सूंघ गया है। संघ व भाजपा ने टीम अन्ना का पीछे से साथ दिया ही इस कारण था कि जो काम वह खुद नहीं कर पाई, वह टीम अन्ना कर रही थी। जो माहौल भाजपा के दिग्गज लाल कृष्ण आडवाणी की रथ यात्रा से नहीं बन पाया, वह टीम अन्ना ने खड़ा करके दिखा दिया। जाहिर सी बात है कि खुद भी भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरी भाजपा स्वयं तो कांग्रेस के विरोध में सशक्त आंदोलन खड़ा नहीं कर पाई, मगर बिना स्वार्थ के केवल देशभक्ति के लिए आंदोलन करने वाली टीम अन्ना ने वह माहौल खड़ा कर दिया, जिसका सीधा-सीधा लाभ भाजपा को होना था। तब तक इस बात की आशंका नहीं थी कि केजरीवाल अलग से पार्टी बनाएंगे, इस कारण भाजपा यही सोच रही थी कि वह टीम अन्ना के आंदोलन से बना कांग्रेस विरोधी माहौल अपने पक्ष में वोटों के रूप में भुना लेगी। मगर जैसे ही केजरीवाल टीम अन्ना से अलग हो कर नई पार्टी बनाने का उतारु हुए, भाजपा का सोचा हुआ प्लान बिगड़ गया। इतना ही नहीं केजरीवाल ने भाजपा को भी निशाने पर ले लिया। कोयला घोटाले में तो उन्होंने कांग्रेस व भाजपा को एक ही तराजू में तोल दिया। इससे बड़ा नुकसान ये हुआ कि जो भाजपा कांग्रेस के विकल्प के रूप में लोगों को स्वीकार्य थी, उस पर भी कालिख पुत गई। कांग्रेस तो चलो पहले से बदनाम थी, इस कारण कोयला घोटाले की कालिख से जहां सत्यानाश, वहां सवा सत्यानाश वाली कहावत की चरितार्थ हो रही थी, मगर दूध की धुली कहलाने वाली भाजपा की सफेद कमीज पर लगी थोड़ी भी कालिख उभर कर मुंह चिढ़ा रही है। इतने पर भी भाजपा ने सबक नहीं लिया। बिजली बिल को लेकर दिल्ली में चल रहे आंदोलन में भाजपा नेता विजय गोयल ने सदाशयता में केजरीवाल को मंच पर बुला लिया और केजरीवाल ने सिला ये दिया कि पलट कर भाजपा पर ही हमला बोल दिया। गोयल पछताए तो बहुत, मगर रोने के सिवाय उनके पास कोई चारा नहीं था। इस घटना के बाद अब भाजपा बेहद सतर्क हो गई है।

इसी कड़ी में किसी भाजपाई ने फेसबुक पर मुहिम के रूप में यह चित्र शाया किया, ताकि हिंदूवादी वोट खिसक कर केजरीवाल की ओर न चले जाएं। इस चित्र पर प्रतिक्रिया करते हुए भाजपाइयों ने अनेक उदाहरण देते हुए केजरीवाल को कांग्रेस जैसा ही सेक्युलर कुत्ता करार दिया। ये बहस इतनी घटिया स्तर पर हो रही है कि उसमें प्रयुक्त शब्दों का उल्लेख तक करना मर्यादा के खिलाफ प्रतीत होता है।

कुल मिला कर सच ये है कि कांग्रेस व भाजपा को एक जैसा बताने की कोशिश में केजरीवाल कांग्रेस से ज्यादा नुकसान भाजपा को पहुंचा रहे हैं। आगे आगे देखें होता क्या है?

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31 Comments on "कांग्रेस से ज्यादा भाजपा भयभीत है केजरीवाल से"

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इंसान
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व्यक्तिगत रूप से अरविंद केजरीवाल के विरोध में तेजवानी गिरधर द्वारा लिखा लेख, “कांग्रेस से ज्यादा भाजपा भयभीत है केजरीवाल से,” और उस पर उसी मानसिकता में प्रस्तुत सांतनु आर्य की टिप्पणियां भारतीय इतिहास को फिर से हमारे समक्ष ला खड़ा करते हैं| इन्हीं कारणों से मुठ्ठी भर फिरंगी समस्त भारतीय उप महादीप में दो शतक से अधिक अपना प्रभुत्व बनाये १९४७ में भारतीय विभाजन के बीच विश्व में सबसे बड़े जन समुदाय के स्थानांतरण में अधिकतर शांति से रहते एक लाख से अधिक हिंदू, सिख और मुसलमानों के खूनी नरसंहार के उपरांत गाजे बाजे के साथ देश से प्रस्थान… Read more »
santanu arya
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इन्सानजी आप बचपन से पढ़ते आये होंगे की गांधीजी और नेहरूजी ने देश को आजादी दिलाई वो भी अहिंसा से परन्तु में और कोई भी सच्चा राष्ट्रवादी इस बात को एक मत स्वीकार नहीं करेगा आखिर क्यों क्योंकि ये कहना तो पूरी तरह गलत होगा की गांधीजी या नेहरूजी का आजादी के आन्दोलन में कोई योगदान नहीं था परन्तु गांधीजी और नेहरूजी की वजह से देश ने क्या नहीं खोया आजादी मिली तो देश खंड विखंड हो गया उसके बाद इस अहिंसावादी की वजह से तिब्बत चला गया और कश्मीर जाते जाते बचा इनकी कांग्रेस ने आज देश को त्रस्त… Read more »
इंसान
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व्यर्थ के वाद-विवाद में न उलझ मैं आपको अपना सुझाव देता हूँ कि यदि आप देश में वर्तमान स्थिति से असंतुष्ट हैं तो किसी भी चुनिन्दा राष्ट्रवादी अभियान से जुड़ जाएं और उस अभियान को अपना सकारात्मक योगदान दें| आवश्यकता पड़ने पर अपने समानांतर कार्यक्रम द्वारा छोटे बड़े सभी राष्ट्रवादी अभियान संगठित हो अनैतिकता और भ्रष्टाचार में लिप्त वर्तमान व्यवस्था को एक अच्छा विकल्प दे पायेंगे| देश भर में राष्ट्रवादी संगठन ही उन्नति की कुंजी है| अभी तो राष्ट्रवाद को ढूंढो; हिंदू मुसलमान का भेद क्या, देश में हर प्रकार की विभिन्नता मिट जायेगी| सबल समृद्ध भारत उजागर होगा| धैर्य… Read more »
तेजवानी गिरधर
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आपका बहुत बहुत शुक्रिया

JS Negi
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केजरीवाल के भ्रस्टाचार के खिलाफ आन्दोलन से भ्रस्ताचारियो मैं खलबली मचने मैं कोई हेरानी नहीं होनी चाहिए. बल्कि मैं तो हेरान इसलिए हूँ की कुछ उन लोगो मैं भी खलबली मची हे जो भ्रस्ताचार के बिरुद्ध लड़ रहे हे, आज टी वी पर देखा कोई एनी नामक महिला केजरीवाल से उनकी पहचान पूछ रही हे, जिसे अन्ना टीम का सदस्य बताया जाता हे, और कुछ लोग तख्तियां लिए खड़े थे की अन्ना को धोखा क्यों दिया आदि आदि. मैं अन्ना का भी स मर्थक हूँ और केजरीवाल का भी , अगर दोनों भ्रस्ताचार की खिलाफ लड़ रहे हे तो एक… Read more »
santanu arya
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कांग्रेस औरा भाजपा दोनो a और b टीम है. दोनो महा भ्रष्ट है. इसलिए मैं केजड़ीवाल जैसे अतिईमानदार को वोट दूँगा. कोई बताएगा कि केजड़ीवाल की पार्टी का नाम क्या है? एजेंडा क्या है? विदेशीनीति क्या है? आर्थिक नीति क्या है? कश्मीर पर उनकी क्या राय है? आरक्षण पर क्या राय है? देशद्रोहियों को जिन विदेशी संगठनों से चन्दा मिलता है, क्या उन्ही संगठनों के पैसे से पार्टी चलेगी या उद्योगपतियों से भी चन्दा लिया जाएगा. उद्योगपति चन्दा क्यों देंगे? भगवा-वन्देमातरम-भारतमाता उनके लिए अछूत ही रहेंगे? मुस्लिम तुष्टिकरण जारी रहेगा? साथ ही, बिजली बिल न भरने पर स्वयं आकर मेरा… Read more »
santanu arya
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क्या अरविन्द केजरीवाल सही में देश भक्त है अथवा देश की जनता के पीठ में छुरा घोंपा जा रहा है .. ???? अरविन्द भक्तों से अनुरोध है की एक बार पूरा लेख पड़ें एवं उसके बाद अपने तर्क या कुतर्क करें… ——————————————- अगस्त के माह में जब लोकपाल संसद की स्टैंडिंग समिति के पास था तो अनशन का कोई मतलब ही नहीं बनता था… क्यूंकि स्टैंडिंग समिति अपना नियत समय ही लेगी लोकपाल विधेयक के र ूप को निर्धारित करने को… ऐसे में मधुमेह रोग से पीड़ित अरविन्द सरकार पर दवाब बनाने को ९ दिन तक अनशन कर लेते हैं… Read more »
तेजवानी गिरधर
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आपकी बातों में दम है

अभिषेक पुरोहित
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अभिषेक purohit
मुझे नहीं लगता की भाजपा के नेताओं की मोटी चमड़ी पर कुछ असर पड़ने वाला है वैसे देखा जाए तो आज भाजपा मे जो लोग विचारधारा पर समर्पित होकर काम कर रहे है वो धीरे धीरे हाशिये पर जा रहे है लेकिन फिर भी अभी वह बहुत अच्छी है कॉंग्रेस से ……………..यूं कहूँ की आँख की शर्म नहीं गयी है भाजपाइयों मे अभी भी |भाजपा एक केदार बेस्ड पार्टी है जिसे संघ के लोगो का कभी कभी समर्थन भी मिल जाता है हलकी हमेशा मिले ये जरूरी नहीं |जब भी संघ के लोगो को समर्थन नहीं देना होता है तब… Read more »
तेजवानी गिरधर
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आपकी बातों में दम है, साधुवाद

santanu arya
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में टीम केजरीवाल के खिलाफ लिखना नहीं चाहता..में भी उन करोडो लोगो में से हूँ जो चाहते हैं इस्थितियाँ बदले, व्यवस्था परिवर्तन हो, लेकिन सच से आँखे फेर के भरोसा करू तो कैसे करू, राजेंद्र सिंह अलग हुए, कोई बात नहीं, शिवेंद्र चौहान अलग हुए, कोई बात नहीं, बाबा रामदेव अलग हुए, कोई बात नहीं, संतोष हेगड़े अलग हुए, कोई बात नहीं, किरण बेदी जी अलग हुई, कोई बात नहीं, अन्ना जी अलग हुए चलो जी कोई बात नहीं, जनरल v k सिंह जी अलग हुए चलो कोई बात नहीं, लेकिन सवाल ये है की जब ये सब चले गए… Read more »
तेजवानी गिरधर
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आप सही कह रहे हैं

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