लेखक परिचय

डा.राज सक्सेना

डा.राज सक्सेना

स्वतंत्र वेब लेखक व ब्लॉगर

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partynewकोई जीते कोई हारे, ये सब  हैरान  कर  देंगे |

मतों के दान के बदले, क़हर प्रतिदान कर देंगे |

जो हारेंगे वे भरपाई,  करेंगे लूट  जनता को,

जो जीतेंगे वसूली का , खुला मैदान कर देंगे |

करेंगे क्षेत्र को विकसित,ये कहते हैं हमेशा सब,

जहां मौका मिला,परिवार का उत्थान कर देंगे |

कहा तो है करेंगे, देश उन्नत हम सदा पहले,

प्रथम घरद्वार छैः मंजिल यही ‘श्रीमान’ कर देंगे |

किया वादा गरीबी को,  मिटाने का मिटा देंगे,

घटा कर दर गरीबी की,सभी  धनवान कर देंगे |

दिखाने को मचाते शोर कितना रोज़ संसद में,

मचाने लूट ये मिलकर,नया कुछ प्लान कर देंगे|

ये गाते भोर में गाने,   बहुत से देशभक्ति के,

फंसे जो गांठ का पूरा,  तुरत हलकान कर देंगे |

कहां अपनी कहां सबकी ये इज़्ज़त मानते कब हैं,

लगे मौका तो भारत की ये गिरवीं शान कर देंगे |

कमाने के लिये रूपया,न छोड़ें ये कसर  बाकी,

मिले मौका अगर, नीलाम हिदुस्तान कर देंगे |

कहां तक ‘राज’ गिनवाएं,गुणों की खान हैं नेता,

ये अपनी जीत की खातिर,शहर वीरान कर देंगे |

 

 

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2 Comments on "हैरान कर देंगे"

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इंसान
Guest

बहुत सुंदर। कमाने का अर्थ मेहनत से प्राप्त करना होता है और मेहनत से तो इनका दूर का भी नाता नहीं है| “कमाने के लिये रूपया,न छोड़ें ये कसर बाकी” इस प्रकार बदल देते हैं–“चुराने के लिए रूपया, न छोड़ें ये कसर बाकी!”

DR.S.H.Sharma
Guest

Very well written but see Gujarat under Narendra Modi so let us give him a try with our votes and the things would change for the better.

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