लेखक परिचय

चारु शिखा

चारु शिखा

- बी. ए. लेखन- राष्ट्रीय समाचार पत्र , क्षेत्रीय समाचार पत्रों और पत्रों में कविताओं निवास -उन्नाव ,उत्तर प्रदेश संपर्क न.: 8546022558

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timeतन्हाई
छोड़ देती हूँ सिलवटे
अब ठीक नहीं करती,
मन सुकून चाहता ,
जो शायद मिल पाना मुश्किल,
मुस्कान भी झूठी लगती,
अच्छी थी कच्ची मिट्टी की मुस्कान,
वक्त के साथ, सोच बदल गयीं।
पर हकीकत कुछ और हैं.
सहारा नहीं साथ की दरकार हैं,
अब उसकी भी नहीं आस है,
ढूंढती नजरें पर सब विरान है।
फूलों की खुशबू,
और चांदनी का साथ है
मोहब्बत हो गई अब इससे.
फिर भी दिल उदास है।

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