लेखक परिचय

रंजीत रंजन सिंह

रंजीत रंजन सिंह

भारतीय जनसंचार संस्‍थान से पत्रकारिता में स्‍नातकोत्‍तर की उपाधि प्राप्‍त करने वाले लेखक ऑल इंडिया रेडिया (न्‍यूज) के समाचार संपादक हैं।

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-रंजीत रंजन सिंह-
poem

चिट्ठियों का जमाना था जब उनसे मोहब्बद थी,
मेरा दिल भी आशिकाना था जब उनसे मोहब्बद थी।
रातें गुजर जाती थीं, उनकी चिट्ठियों को पढ़ने में,
मैं भी लहू से खत लिखता था जब उनसे मोहब्बत थी।
आंख के आंसू सूख गए उनके खतों को जलाने में,
कभी समंदर जैसा गहरा था जब उनसे मोहब्बत थी।
आज मांगती हैं वो मुझसे पहले जैसी मोहब्बत
वो दौरे मोहब्बत कोई और था जब उनसे मोहब्बत थी।।

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2 Comments on "जब उनसे मोहब्बत थी"

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Swapnil
Guest

wah….
Awesome.. lines… ♥♥♥

yashwant
Guest

में आशिक़ था
दिवाना था,

में खुद से हि बेगाना था
जब उन से मोहब्बत थी…

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