लेखक परिचय

पंडित दयानंद शास्त्री

पंडित दयानंद शास्त्री

ज्योतिष-वास्तु सलाहकार, राष्ट्रीय महासचिव-भगवान परशुराम राष्ट्रीय पंडित परिषद्, मोब. 09669290067 मध्य प्रदेश

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हस्त रेखा व्यक्ति के अतीत, वर्तमान और भविष्य जानने की एक प्राचीन विज्ञान है। नारद, वाल्मीकि, गर्ग, भृगु, पराशर, कश्यप, अत्री, बृहस्पति, प्रहलाद, कात्यायन,वराहमिहिरआदि ऋषि मुनियों ने इस पर बहुत काम किया है। इसके बारे में स्कंध पुराण, भविष्य पुराण, बाल्मीकि रामायण, महाभारत, हस्तसंजीवनी आदि ग्रंथो में वर्णन है। ऐसा कहा जाता है कि सबसे पहले समुद्र नामक ऋषि ने इसका व्यापक प्रचार प्रसार किया इसीलिए इसे सामुद्रिक शास्त्र के नाम से भी जाना जाने लगा। हजारों वर्ष पूर्व हस्तरेखा विज्ञान भारत से ग्रीस, यूनान,मिस्र,फ्रांस, सीरिया आदि देशों में पंहुचा ।

भविष्य जानने की चाहत में आपने किसी हस्त रेखा पढ़ने वाले से अपना हाथ दिखाया होगा या फिर लोगों को ऐसा करते देखा होगा। आपने सोचा है कि हस्तरेखा पढ़ने वाले हमारी हथेलियों को देखकर भविष्य कैसे बताते हैं, वे हमारे स्वास्थ्य एवं स्वभाव व चरित्र की विशेषता को किस तरह जान लेते हैं। हस्तरेखा विषय के जानकारों का कहना है कि केवल हथेली पर दिखाई देने वाली रेखा को देखकर भविष्य कथन नहीं किया जा सकता और न ही आपके विषय में पूरी जानकारी दी जा सकती है। सामुद्रिक ज्योतिष में सटीक भविष्य कथन के लिए त्वचा की प्रकृति व हथेली का रंग भी देखा जाता है।

ज्योतिष की कई विधा है जिनमें से सामुद्रिक ज्योतिष भी एक है।ज्योतिष में हस्त रेखा का महत्वपूर्ण स्थान है। हम हाथों की रेखाओं द्वारा अपने भविष्य के बारे में जान सकते हैं। जीवन में होने वाली ऊंच-नीच, बीमा‍री, आपकी उम्र आदि के बारे में आसानी से सबकुछ पता चल सकता है। आपके हाथों की रेखाएं आपके जीवन में आनेवाली मुसीबतों को पहले से आगाह करके हमें संभलने के मौका देते है।

सामुद्रिक ज्योतिष में शरीर के अंग त्वचा और रंग को देख कर भविष्य कथन किया जाता है। ज्योतिष की इस विधा में हथेली की रेखाओं का काफी महत्व है इसलिए इसे हस्तरेखीय ज्योतिष के नाम भी जाना जाता है। हथेली के रंगों का सामु्द्रिक ज्योतिष में किस प्रकार प्रयोग होता है यहां हम इसकी चर्चा कर रहे हैं।

——————हस्त रेखा किसी भी व्यक्ति के चरित्र को समझने के लिए सर्वोतम विधि है। हाथ या हस्तरेखा व्यक्ति की मानसिकता का दर्पण है। विभिन्न प्रकार के हाथ, हाथों कीआकृतियाँ,हथेलीयां हाथ के रंग,ग्रहों की स्थिति, नख , विशेषचिन्ह, विभिन्न लकीरे मिलकर भिन्न-भिन्न योग बनाती है,जिनका अलग-अलग फल होताहै, इन्ही सब को देख परख कर व्यक्ति का चरित्र चित्रण और भविष्य कथन किया जाता है। हस्तरेखा द्वारा किसी व्यक्ति विशेष का व्यक्तित्व एवं रोगों का फल कथन करना बहुत ही आसान हो जाता है।

——————हथेली का रंग कैसे हमारे विषय में बोलता है आइये, इसे सुनें। सबसे पहले आप अपनी हथेलियों को देखिये फिर किसी और व्यक्ति की हथेली देखिये आप पाएंगे कि आपकी हथेली का रंग और दूसरे व्यक्ति की हथेली के रंग में अंतर है। हथेली के रंग को देखकर हस्तरेखा से भविष्य बताने वाले आपके स्वास्थ्य और स्वभाव के विषय में बताते हैं जैसे आपकी हथेली का रंग बहुत ही पीला है तो आपकी हथेली का रंग कहता है कि आप आपके शरीर में रक्त की कमी हैं संभव है कि आप एनिमिय के शिकार हैं, आप स्वभाव से स्वार्थी हो सकते।

———-हस्तरेखा विशेषज्ञ बताते हैं कि अगर आपकी हथेली का रंग पीला है तो यह संकेत है कि आप रोगग्रस्त हैं। आपके शरीर में पित्तदोष है। यह बयां करता है कि आपका स्वभाव चिड़चिड़ा है। अगर आपकी हथेली लालिमा लिये हुए है तो यह इस बात का इसारा है कि आप ब्लड प्रैसर की समस्या से परेशान हो सकते हैं। आप अपने गुस्से पर नियंत्रण नहीं रख पाते हैं छोटी छोटी बातों पर आवेश में आ जाते हैं। आपकी हथेली अगर काफी लाल दिखाई देती है तो आपका स्वभाव बहुत ही उग्र हो सकता है आप क्रोध में सीमा से बाहर जा सकते हैं अर्थात मार पीट भी कर सकते हैं। स्वास्थ्य की दृष्टि से इस प्रकार की हथेली होने पर आप मृगी रोग से पीड़ित हो सकते हैं।

————–आपकी हथेली गुलाबी और चित्तीदार है तो हस्तरेखा विज्ञान के अनुसार आपका स्वास्थ्य सामान्य है और आप आशावादी और खुशमिज़ाज व्यक्ति हैं। अगर आपकी हथेली का रंग नीला दिखता है तो आप यह समझ सकते हैं कि आपके शरीर में रक्त संचार की गति धीमी है और हो सकता है कि आपके अंदर आलस्य की भावना हो। इस शास्त्र के अनुसार हथेली का रंग गुलाबी है तो स्वास्थ एवं स्वभाव दोनों ही दृष्टि से अत्यंत उत्तम है।

इस आलेख को पढ़कर आप भी हथेली का रंग देखकर स्वभाव और स्वास्थ्य दोनों का रंग पहचान सकते हैं तो चलिए सबसे पहले अपनी हथेलियों को ही देखते हैं।

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हस्तरेखा विश्लेषण : ————

हाथ का आकार/आकृति————-

बहुत छोटा हाथ – विद्वान्

छोटा हाथ – भावुक

सामान्य हाथ – सदगुणी

बड़ा हाथ – व्यवहार कुशल

बहुत बड़ा हाथ – परिश्रमी

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त्वचा का रंग:——————–

बहुत पीला – रक्ताल्पता

पीला – रुग्ण स्वभाव

गुलाबी – हंसमुख स्वभाव

लाल – रक्त की अधिकता

बहुत लाल – हिंसक

अतिरिक्त चिकनी त्वचा – गठिया

शुष्क त्वचा – बुखार

नरम त्वचा – कमजोर जिगर

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मुद्रिका:———-

प्रत्येक हथेली में नौ क्षेत्र महत्वपूर्ण है:———–

बृहस्पति का पर्वत – आध्यात्मिकता

शनि का पर्वत – गंभीरता

सूर्य का पर्वत – प्रतिष्ठा

बुध का पर्वत – वाणिज्य

मंगल ग्रह उंचा पर्वत – जीवन शक्ति

चंद्रमा का पर्वत – कल्पना

शुक्र का पर्वत – प्रेम

मंगल ग्रह निम्न पर्वत – क्रोध

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अन्य छोटी बड़ी लकीरों के साथ मुख्यतः सात मुख्य लकीरे हथेली में पाई जाती हैं।

जीवनरेखा – व्यक्ति की आयु, स्वास्थ्य, बीमारी इस रेखासे जाना जाता है।

मस्तिष्क रेखा – व्यक्ति की बौद्धिकता का अध्ययन इससे किया जाता है।

हृदयरेखा – भावनात्मक पक्ष इससे देखा जाता है।

भाग्यरेखा – व्यक्ति के भाग्य, लाभ, हानि के बारे में इस रेखा से जाना जाता है।

सूर्यरेखा – सफलता, पद, प्रतिष्ठा के बारे में इस रेखा से जाना जाता है।

स्वास्थ्यरेखा – इससे स्वास्थ्य एवं व्यापार दोनों के बारे में जाना जाता है।

विवाहरेखा- वैवाहिक जीवन के बारे में इस रेखा से जाना जाता है।

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– जीवन रेखा पर जितनी बार क्रॉस होंगे उस जातक को उसके जीवन में उतनी ही बार खतरों से गुजरना पड़ सकता है।

– जिस जातक की जीवन रेखा गुरु पर्वत से निकलती हो तो ऐसा व्यक्ति उत्तम आचरण वाला, गुणी-धर्मात्मा भी होगा।

– जीवन रेखा पर बिन्दु हो या कटी रेखा भी हो तो उस जातक की मृत्यु हार्ट अटैक से हो सकती है।

– जिस जातक की जीवन रेखा को चंद्रपर्वत से निकलने वाली रेखा काटे तो उस जातक की मृत्यु जल में डूबकर हो सकती है।

– जीवन रेखा पर अन्य शाखाओं का होना उसके जीवन में परेशानियों का संकेत देता है।

– जिस जातक की जीवन रेखा को बारीक-बारीक रेखाएँ काटती हो तो उसे पारिवारिक जीवन में कष्टों का सामना करना पड़ता है।

– जीवन रेखा से कोई शाखा बुध पर्वत तक जाए तो उस जातक को व्यापार के क्षेत्र में देश-विदेश में ख्याति दिलाती है।

– जीवन रेखा के साथ कुछ दूर तक भाग्य रेखा चले तो उसका बुढ़ापा उत्तम कटेगा।

– जीवन रेखा पर तारे का निशान शुभकारक नहीं होगा उसे तनाव, चिकचिक का सामना करना पड़ेगा।

– जीवन रेखा पर काला तिल हो तो ऐसे जातक को अकस्मात दुर्घटना का शिकार होना पड़ सकता है।

– जीवन रेखा मंगल पर्वत पर जाकर समाप्त हो जाए तो उसे किसी हथियार से खतरा हो सकता है।

– जीवन रेखा पर गोल वृत्त का निशान आत्मघात या अकस्मात मृत्यु का संकेत देती है।

– जीवन रेखा के साथ यदि भाग्य रेखा मिल जाए तो ऐसा जातक अपने जीवन में भाग्यशाली होने के साथ लंबी उम्र भी पाएगा।

– इस तरह से रेखाओं से सरल और सहज तरीके से आप अपने बारे में जान सकते हैं। परंतु आप यदि अधिक जानकारी चाहते हैं तो आपको किसी योग्य ज्योतिषी की सलाह लेना चाहिए।

– जीवन रेखा का अंतःशिरा स्पष्ट साफ-सुथरा हो तो उस जातक का बुढ़ापा उत्तम कटेगा।

– जीवन रेखा यदि बीच में से कटी हो और उसके साथ कोई अन्य रेखा चल रही हो तो ऐसे जातक के दुर्घटना के योग तो बनेंगे लेकिन दुर्घटना इतनी छोटी होगी कि जिसका असर तनिक-सा होगा।

 

 

 

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2 Comments on "जीवन का हाल जानिए हस्त रेखा से ; To know about life from from hand lines"

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आर. सिंह
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अभी तक जो मैंने देखा है ,उससे तो लगता है कि हस्तरेखा देख कर भविष्य बताने की बात केवल बकवास है.

सोहन सिंह भाटी
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सोहन सिंह भाटी

मेरी हस्त रेखा दिखाना चाहता हूँ,क्या आप देखेंगे,,?

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