लेखक परिचय

प्रवक्ता.कॉम ब्यूरो

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-आलोक ‘असरदार’-

poetry-smबंद किये ख्वाबों के पलके, मैं तेरे जीवन में आया

आँख खुली तो सबसे पहले माँ मैंने तुझको ही पाया

तेरे गोद में मैंने अपना बचपन हँसकर खेला है

मुझे लगाकर सीने से हर दुःख को तूने झेला है

मेरे जीवन के बगिया की तू फुलवारी है,

माँ तू कितनी प्यारी है माँ तू कितनी प्यारी है

याद मुझे आ जाता है, वो बीता वक्त पुराना

डर जो लगे तो घबराकर तेरे आंचल में छिप जाना

चोट मुझे लगती थी, तो तकलीफ तुझे होती थी

मुझे दिलाती थी हिम्मत, पर खुद ही तू रोती थी

मेरे खातिर तूने अपनी खुशिया वाऱी है, माँ तू कितनी प्यारी है माँ तू कितनी प्यारी है

मेरे चिंता की रेखाएं तू पहचान है जाती

मैं रहता हूँ चुप, फिर भी माँ सबकुछ जान है जाती

अनजानी राहों में था, मैं कभी भी जब घबराता

तेरे आशीर्वाद के साये में था, खुद को पाता

तेरे साथ तो मैंने कभी न हिम्मत हारी है,

माँ तू कितनी प्यारी है माँ तू कितनी प्यारी है

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2 Comments on "“मां तू कितनी प्यारी है“"

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डॉ.अशोक कुमार तिवारी
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डॉ.अशोक कुमार तिवारी
महिलाओं पर अत्याचार हो रहे हैं : —– “देश में भले ही लड़कियों और महिलाओं के लिए कानून हों पर रिलायंस स्कूल जामनगर ( गुजरात ) में हिंदी शिक्षक की बेटी को बोर्ड परीक्षा नहीं देने दिया जाता है और उसी स्कूल में कार्यरत निर्दोष हिंदी शिक्षिका को अमानवीय प्रताड़नाएँ झेलनी पड़ती हैं :– क्योंकि [ उन्होंने रिलायंस स्कूल के प्रिंसिपल मिस्टर एस.सुंदरम के हिंदी दिवस (14-9-10) के दिन के इस कथन :- “बच्चों हिंदी राष्ट्रभाषा नहीं है, हिंदी टीचर आपको गलत पढ़ाते हैं।” तथा उसी विद्यालय के प्रतिदिन के प्रात: कालीन सभा में प्रिंसिपल सुंदरम बार-बार यह कहते हैं… Read more »
Alok Singh
Guest

Thankyou sir

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