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प्रवक्‍ता ब्यूरो

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भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नितिन गडकरी द्वारा

24 दिसम्बर, 2009 को नई दिल्ली में अपनी पहली प्रेस कांफ्रेस में जारी किया गया वक्तव्य

भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष के रूप में अपनी पहली प्रेस कांफ्रेस में राष्ट्रीय मीडिया जगत के मित्रों से मिलने पर मुझे अपार हर्ष हो रहा है। मैं आप सबका हार्दिक स्वागत करता हूं। मैं आपको और आपके माध्यम से समस्त देशवासियों को आनंददायी क्रिसमस दिवस की और समृद्ध – 2010 की शुभकामना देना चाहता हूं। मैं हमारे प्रेरणास्रोत आदरणीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के जन्मदिवस की पूर्व संध्या पर उनके दीर्घ और स्वस्थ जीवन की कामना भी करता हूं।

पार्टी द्वारा इस नए महान उत्तरदायित्व को सौंप कर जो भरोसा और विश्वास मुझ में व्यक्त किया गया है, उससे मैं पूर्णत: अभिभूत हूं। मुझे इसका पूर्ण ज्ञान है कि मेरे कंधों पर एक भारी उत्तरदायित्व आ गया है। किंतु, मेरी पार्टी के किसी भी निष्ठावान कार्यकर्ता के लिए कोई कार्य असाध्य नहीं है, यदि वह पार्टी की मूल विचारधारा और आदर्शवाद के प्रति निष्ठावान रहने का संकल्प ले लेता है जैसाकि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जीवन में साक्षात अभिव्यक्त हुआ था; यदि वह हमारे समकालीन दो शीर्षस्थ नेताओं – श्री अटल बिहारी वाजपेयी और श्री लाल कृष्ण आडवाणी की प्रेरणादायी विरासत से निर्देशित होता रहता है, यदि वह टीम वर्क और अनुशासन के माहौल में अपने से वरिष्ठ तथा कनिष्ठ सहयोगियों से सीखने की उत्सुकता दर्शाता है जोकि भारतीय जनसंघ और भारतीय जनता पार्टी की सदैव से ही परंपरा रही है, और यदि वह अपने साथी कार्यकर्ताओं की विराट सेना, जिसमें पार्टी की सबसे छोटी और दूरस्थ इकाइयों के कार्यकर्ता भी शामिल हैं, से शक्ति ग्रहण करता है तथा बदले में उन्हें शक्ति प्रदान करता है।

मैं प्रथम और सर्वप्रथम एक कार्यकर्ता हूं। मैं जानता हूं और आज इसकी पुन: पुष्टि करता हूं कि मेरे सहयोगी कार्यकर्ताओं की राष्ट्र तथा पार्टी के लिए अथक त्याग-भावना और संघर्ष मेरी पार्टी की दृढ़ता के सबसे बड़े आधार हैं। जहां तक संगठन का सवाल है अनुशासन, दृढ़ संकल्प, परस्पर विश्वास एवं सम्मान यह हमारी कार्यपद्धति की आधारशिला होगी।

विचारधारा का आधार राष्ट्रवाद : भाजपा भारत प्रथम सूत्र पर काम करने वाला दल है। हम भाजपा को राष्ट्र निर्माण के एक उपकरण के रूप में देखते हैं।

मेरी पार्टी की विचारधारा का आधार राष्ट्रवाद था, राष्ट्रवाद है और राष्ट्रवाद रहेगा और यही मेरी पार्टी के प्रत्येक कार्यकर्ता का प्रेरणास्रोत भी बना रहेगा। भारतीय राष्ट्रवाद की जड़ें हमारी पुरातन संस्कृति में निहित हैं, जो समावेशी भी है और समन्वित भी और वही प्रत्येक राष्ट्रभक्त भारतीय की प्ररेणा का स्रोत भी है। भाजपा वास्तविक सर्वधर्मसमभाव के प्रति प्रतिबद्ध है, वोट-बैंक की पंथ निरपेक्षता के जैसी नहीं। इसके अंतर्गत जाति, धर्म, भाषा, क्षेत्र अथवा नस्ल के आधार पर भारत के नागरिकों के बीच भिन्नता और भेदभाव के लिए कोई स्थान नहीं है। भारत सबका है और सभी भारत के, सभी को समान अधिकार प्राप्त हैं। साथ ही सभी का भारत को सुदृढ़ और एकीकृत बनाने का समान दायित्व भी है।

अत: भाजपा उस हर नीति और उस हर प्रयास का विरोध करती रहेगी, जिससे राष्ट्रीय एकता और सुरक्षा को खतरा पहुंचने की संभावना हो। हमारा विरोध जम्मू और कश्मीर में पनपता अलगाववाद तथा असम एवं देश के अन्य भागों में अवैध घुसपैठ, जिसे कांग्रेस पार्टी वोट बैंक की राजनीति के तहत प्रोत्साहित किया है के प्रति हमारा विरोध भारत की एकता और सुरक्षा के लिए सदैव है।

आतंकवाद और नक्सलवाद का संपूर्ण विरोध :

भारत की एकता और सुरक्षा के प्रति ऐसी ही चिंता मुझे आज अपनी पार्टी की वही अविचल स्थिति स्पष्ट करने के लिए विवश कर रही है कि भारत को आतंकवाद और नक्सलवाद से लड़ने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। 26/11 को मुंबई पर हुए आतंकी हमलों में लिप्त डेविड कोलमैन हेडली जैसे अंतर्राष्ट्रीय जेहादी षडयंत्रकारी द्वारा भारत के खुफिया भेद लेने के लिए बार-बार किए गए दौरों के बारे में हाल के खुलासों और प्रधान कमेटी रिपोर्ट में निकाले गए चिंताजनक निष्कर्षों से संकेत मिलता है कि हमारी सुरक्षा प्रणाली में ऐसी खामियां मौजूद हैं, जिनका लाभ राष्ट्र के शत्रु कभी भी उठा सकते हैं। आतंकवाद की तरह ही माओवाद की राष्ट्र विरोधी विदेशी विचारधारा से प्रोत्साहित हुआ नक्सलवाद भी अनेक अबोध जिंदगियों को निगल रहा है, जिसमें हमारे सुरक्षाकर्मियों की जिंदगियां भी शामिल हैं। मेरा संप्रग सरकार से अनुरोध है कि वह इस दोहरे संकट के साथ दृढ़ता से निपटे और मैं इस दिशा में उठाए गए हर उचित कदम के प्रति अपनी पार्टी के समर्थन का विश्वास व्यक्त करता हूं।

राजनीति, सामाजिक-आर्थिक सुधारों और राष्ट्र निर्माण का साधन :

जहां मैं राष्ट्रवाद के प्रति प्रतिबद्ध हूं, जिसने मुझे राजनीति की तरफ आकर्षित किया है, वहीं भारत की समृध्दि और इसके सभी लोगों के कल्याण मेरे वैचारिक विश्वास के मूल में है। सार्वजनिक जीवन में मेरे बाद के अनुभव और विधायक तथा मंत्री के रूप में मेरे कार्यकाल ने मेरे इस विश्वास को और अधिक दृढ़ कर दिया है कि राजनीति शक्ति हेतु छीना-झपटी का मैदान नहीं बन सकती, बल्कि इसको सामाजिक-आर्थिक सुधार और राष्ट्र-निर्माण का साधन बनना चाहिए। मेरा विश्वास है कि वह समय आ पहुंचा है जब भारत को विकास पर पूरा ध्यान केन्द्रित करना होगा। भाजपा का समतावादी विकास में विश्वास है। इसकी प्राप्ति के लिए हमारी पार्टी आंतरिक निष्पादन परीक्षा-तंत्र विकसित करने का प्रयास करेगी, ताकि जहां-जहां भी भाजपा सत्ता में है वहां-वहां हर स्तर पर सुशासन सुनिश्चित हो सके।

खेद की बात है कि कांग्रेस ने उस पथ का अनुसरण किया है, ”जहां कुछ लोगों का विकास हो तथा शेष वंचित”। यह निश्चय ही असमर्थनीय भी है और खतरनाक रूप से अस्थिरकारी भी। प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार डॉ. सुरेश तेंदुलकर की अध्यक्षता वाली समिति का हाल का यह खुलासा चेतावनी का संकेत है कि भारत में गरीबों की संख्या में 10 प्रतिशत की वृध्दि हो गई है। इससे भी अधिक चिंताजनक बात यह है कि ग्रामीण भारत में गरीबी 42 प्रतिशत है न कि 28 प्रतिशत जैसाकि पूर्व में अनुमान लगाया गया था। गरीब लोगों और मध्यम वर्ग के लोगों की दुर्दशा को आसमान छूती मूल्यवृध्दि ने और अधिक बढ़ा दिया है – उस दुर्दशा को जिस पर काबू पाने में संप्रग पूरी तरह विफल हुआ है।

इस वास्तविकता को बदलना किसी भी राजनीतिक स्थापना का पहला कर्तव्य होता है। अत: मैं अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं से कहना चाहता हूं कि वे अपने वंचित भाई-बंधुओं के चेहरों पर मुस्कान लाने की इच्छा से अभिप्रेरित हों, वे उन किसानों का संकट समाप्त करें, जिन्होंने हजारों की संख्या में आत्महत्याएं कर ली हैं, वे उस कुपोषण का उन्मूलन करें, जो हजारों जनजातीय बच्चों को काल का ग्रास बना रहा है, वे हमारे प्रतिभाशाली युवकों के लिए रोजगार के अवसर सृजित करें।

अंत्योदय के प्रति प्रतिबद्धता : श्री अटल बिहारी वाजपेयी के दूरदर्श्ाितापूर्ण प्रधानमंत्रित्व के अंतर्गत भाजपा-नीत राजग सरकार ने जनादेश का विकास की गति बढ़ाने तथा उसे व्यापक करने के लिए उपयोग किया था। आज मैं अपनी पार्टी के विकास दर्शन को निम्नलिखित नारे में संक्षिप्त रूप में व्यक्त करना चाहूंगा : राष्ट्रवाद अब हमारी प्रेरणा है, सुशासन द्वारा विकास हमारा साधन है और अंत्योदय (जिसका अर्थ है पंक्ति में खड़े अंतिम व्यक्ति अर्थात् अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों, पिछड़े तथा अन्य दुर्बल वर्गों सहित अत्यधिक वंचित लोगों को अग्रता प्रदान करना) हमारा उद्देश्य है। इस नारे के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की ठोस अभिव्यक्ति के रूप में भाजपा के प्रत्येक सदस्य से अपेक्षा करूंगा कि वह अपने कार्यक्षेत्र में कम से कम एक विकास और सेवा प्रकल्प से संबद्ध हो।

आगामी तीन वर्षों में भाजपा सुदृढ़तर होकर उभरेगी : मैं इस बात को अधोरेखित करना चाहूंगा भाजपा सुशासन, गतिशील तथा सर्वसमावेशक विकास और आंतरिक एवं बाह्य सुरक्षा को प्रतिबद्ध एक स्वाभाविक शासक दल है। कांग्रेस का एकमात्र विकल्प है। भाजपा को गर्व है कि उसने भारत के राजतंत्र को कांग्रेस की प्रधानता वाली एक धु्रवीय प्रणाली से दो धु्रवीय प्रणाली में रूपांतरित कर दिया है। भाजपा को इस बात पर भी गर्व है कि उसने उस राष्ट्रीय जनतांत्रिक का गठबंधन का नेतृत्व किया था, जिसने ऐसा प्लेटफार्म प्रदान किया, जिस पर कांग्रेस और कम्युनिस्ट पार्टियों से इतर सभी पार्टियों का स्वागत हुआ था। मेरा उद्देश्य यह देखना है कि आगामी तीन वर्षों में भाजपा उन राज्यों में, जहां वह पारंपरिक रूप से सुस्थापित है और जहां उसकी अब तक उपस्थिति हाशिये पर बनी हुई है, और अधिक मजबूत बनकर उभरे। इसी के साथ-साथ भाजपा राजग को और अधिक विस्तार देने तथा मजबूत करने के लिए भी प्रयास करेगी ताकि वह प्रतिपक्ष की एकता हेतु एक मजबूत मंच बन सके।

इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए पहली अपेक्षा यह है कि सभी स्तर पर भाजपा का पार्टी संगठन मजबूत हो। पार्टी का भौगोलिक विस्तार करना और उसको और अधिक एकत्व तथा मजबूती प्रदान करना मेरी पहली प्राथमिकता होगी।

अंतत: जो लोग मुझे पुष्प या पुष्पहार देना चाहते है उनसे मेरी अपील है कि उतनी धन राशि किसान सहायता कोष में जमा करें, जिसे आत्महत्या करने वाले किसान परिवारों के कल्याण के लिए उपयोग में लाया जाए।

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1 Comment on "राष्ट्रवाद हमारी प्रेरणा, सुशासन साधन और अंत्योदय उद्देश्य :नितिन गडकरी"

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दिनेशराय द्विवेदी
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मेरी पार्टी की विचारधारा का आधार राष्ट्रवाद था, राष्ट्रवाद है और राष्ट्रवाद रहेगा..
नए अध्यक्ष जी स्पष्ट करें कि उन के और बीजेपी के राष्ट्रवाद को वे कैसे परिभाषित करते हैं? भारतीय जनता की उस में क्या स्थिति है?

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