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उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने एक ऐतिहासिक फैसले में देश की दो पवित्र नदियों गंगा ओैर यमुना को जीवित मानव का दर्जा देने का आदेश दिया।
उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में दोनों पवित्र नदियों गंगा और यमुना के साथ एक जीवित मानव की तरह व्यवहार किये जाने का आदेश दिया है। अदालत ने इस संबंध में न्यूजीलैंड की वांगनुई नदी का भी उदाहरण दिया जिसे इस तरह का दर्जा दिया गया है।

अदालत ने देहरादून के जिलाधिकारी को ढकरानी की शक्ति नहर से 72 घंटे में अतिक्रमण हटाने और असफल होने पर बर्खास्त करने के आदेश दिए हैं। न्यायालय ने केंद्र सरकार को 8 सप्ताह में गंगा मैनेजमेंट बोर्ड बनाने और मुख्य सचिव, महानिदेशक और महाधिवक्ता को किसी भी वाद को स्वतंत्र रूप से न्यायालय में लाने के लिए अधिकृत किया है।

केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने अदालत के फैसले पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि हम तो गंगा को शुरू से ही मां मानते रहे हैं।

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